चयन सूची में आने के बाद गायब हो गया अभ्यर्थी का नाम @ डीन को शिकायत देकर युवती ने की जांच की मांग _ मामला मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से हुई भर्ती का

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से मेडिकल कॉलेज शहडोल में होने वाली स्टॉफ नर्स की भर्तियों को लेकर शिकायतों का दौर शुरू हो गया है, आरोप हैं कि जिम्मेदारों ने भर्ती के दौरान चयन सूची में नाम आने के बाद दबाव या लोभ के फेर में कुछ गोलमाल कर पात्रों को किनारे कर दिया। इस मामले में पहले डीन और बाद में अभ्यर्थी ने कलेक्टर को शिकायत देकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शहडोल। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल के द्वारा 1 अक्टूबर 2021 को विज्ञिप्ति जारी करके 30 स्टॉफ नर्साे की सीधी भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये थे, जिसमें सिर्फ महिलाओं की भर्ती होनी थी, यह भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्र क्रमांक 66/एनएचएम/एचआर/2021 भोपाल के आदेश से होनी थी, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शहडोल में एनएचएम के अंतर्गत होने वाले एसएनसीयू एवं पीआईसीयू वार्डाे के लिए अस्थाई पदों हेतु आवेदन देने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर शाम 5 बजे तय की गई थी। पूरी प्रक्रिया शासन के गाइड लाईन के अनुसार हुई और प्राप्त आवेदनों का निरीक्षण करने के बाद चयनित उम्मीदवारों की सूची भी प्रकाशित की गई, लेकिन सूची प्रकाशन के बाद शेष अभ्यर्थियों से पूर्व में दिये गये आवेदन के अतिरिक्त दस्तावेज मंगाये गये और उन्हें संलग्न कर दिया गया, जिससे पूर्व में की गई प्रक्रिया और चयनित उम्मीदवारों की सूची ही बदल गई।
चयनित उम्मीदवारों का विरोध
आवेदन पत्र लेने के उपरांत उनका परीक्षण किया गया और 3 नवम्बर 2021 को विभागीय पत्र क्रमांक 6840 के माध्यम से 3 सूचियां प्रकाशित की गईं, जिसमें प्रावधिक चयन सूची, कॉमन वरियता सूची व अपात्र अभ्यर्थियों की सूची चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर के हस्ताक्षर से जारी हुई। इस सूची में अन्य अभ्यर्थियों के नाम तो, पहले और बाद में एक से रहे, लेकिन ओबीसी कैटेगरी में कॉमन मैरिट रैंक के 19 वें और कैटेगरी रैंक के 7 वें नंबर पर पूर्णिमा जायसवाल पिता कमलेश जायसवाल का चयन होना दर्शाया गया। इनके साथ ही अन्य तीन और युवतियों के नाम बाद में हटा दिये गये, जिसको लेकर पूर्व में चयनित इन उम्मीदवारों ने अपने साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा दी।
यह लिखा शिकायत पत्र में
आवेदिका कुमारी पूर्णिमा जायसवाल ने अपना नाम इस चयनित सूची से हट जाने के बाद डीन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया, पत्र में उल्लेख किया गया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एसएनसीयू व पीआईसीयू की सीधी भर्ती में मेरा चयन पहली लिस्ट में हुआ था, फिर रिजर्व लिस्ट में मेरा नाम नहीं आया, जिनका नाम दूसरी लिस्ट में आया है, प्रार्थी का नाम कन्या यादव योग्य नहीं थी, फिर उसका नाम क्यों मैरिट लिस्ट में आ गया। डीन को लिखे पत्र में अभ्यर्थी ने यह भी मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया को रद्द कर निष्पक्ष भर्ती की जाये।
(बॉक्स बनाकर लगाये)
कटघरे में भर्ती प्रक्रिया
अभ्यर्थी द्वारा लगाये गये आरोप इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चिकित्सा महाविद्यालय में एनएचएम के तहत हुई भर्तियों में कहीं न कहीं गड़बड़झाले की बू-तो आ ही रही है, सवाल यह उठता है कि जब प्राप्त आवेदनों की अंतिम अतिथि समाप्त हो चुकी थी और तय की गई समिति के द्वारा उनका परीक्षण करने के उपरांत चयनित उम्मीदवारों की सूची चस्पा कर दी गई, इसके बाद किस चूक के तहत पूर्व में चयनित उम्मीदवारों का नाम विलोपित किया गया। अभ्यर्थी ने बताया कि उसके स्थान पर जिसका चयन किया गया है, उसे तथा अन्य को निर्धारित तिथि व परीक्षण के उपरांत भर्ती प्रक्रिया व फार्म से संदर्भित दस्तावेज मंगाकर संलग्न किये गये, जो पूर्णत: गलत व असंवैधानिक होने के साथ ही पक्षपात पूर्ण हैं।

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