कलेक्टर ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचाररत मानसिक दिव्यांग बच्ची ‘खुशी‘ के स्वास्थ्य का हाल-चाल जान चिकित्सकों को खुशी का बेहतर उपचार करने और समुचित देखभाल के दिए निर्देश

कलेक्टर ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचाररत मानसिक दिव्यांग बच्ची ‘खुशी‘ के स्वास्थ्य का हाल-चाल जान चिकित्सकों को खुशी का बेहतर उपचार करने और समुचित देखभाल के दिए निर्देश

कटनी॥ कलेक्टर अवि प्रसाद ने शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचकर यहां उपचाररत मानसिक दिव्यांग बच्ची ‘खुशी‘ के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को खुशी का बेहतर उपचार करने और समुचित देखभाल के भी निर्देश दिए। रेल्वे स्टेशन मे मिली लावारिश मानसिक दिव्यांग बच्ची ‘खुशी‘ की उम्र 3-4 वर्ष की है। जिसे बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी और चाइल्ड लाइन की मदद से उपचार हेतु शुक्रवार की रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कलेक्टर अवि प्रसाद ने मामले के संज्ञान में आते ही संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल चिकित्सकों से चर्चा कर स्वास्थ्य परीक्षण हेतु जिला अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश दिया। डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची ‘खुशी‘ मानसिक रूप से दिव्यांग है, उसके शरीर में कहीं भी कोई चोट आदि के निशान नहीं है। वर्तमान में खुशी दूध भी नहीं पी रही है, उसे नली के माध्यम से दूध पिलाया जा रहा है। कलेक्टर ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर खुशी के स्वास्थ्य के संबंध मे डॉक्टरों से चर्चा की। इस संबंद्ध मे जानकारी के अनुसार कटनी रेलवे स्टेशन में गत शुक्रवार की रात लगभग 11:30 बजे 4 वर्षीय बच्ची को अज्ञात परिजन रोता बिलखता छोड़ गए। मीडिया से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि बच्ची मानसिक रूप से दिव्यांग है और उसके परिजनों का पता लगाने प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि रेलवे स्टेशन में बच्ची के मिलने से पूर्व महाराष्ट्र गोंदिया से आने वाली ट्रेन स्टेशन के प्लेटफार्म पहुंची थी। संभावना है कि इसी ट्रेन से परिजन बच्ची को लेकर स्टेशन पहुंचे हैं। कलेक्टर के अनुसार हो सकता है बच्ची परिजनों से बिछड़ गई हो या फिर परिजन उसे छोड़कर चले गए। कलेक्टर ने मीडिया से अपेक्षा करते हुए कहा कि अज्ञात बच्ची के परिजनों की पहचान कराने सहयोग करें। उन्होंने बताया कि यदि परिजनों का पता नहीं चलता है तो बच्चे को चाइल्ड केयर में दाखिल किया जाएगा। स्टेशनों बच्ची के पास एक बैग भी मिला है जिसमें उसके कपड़े रखे हुए थे।

कलेक्टर ने दिया ‘खुशी‘ नाम
जिला अस्पताल में भर्ती मानसिक दिव्यांग बच्ची जो कुछ बता नहीं पा रही, उसे देखने के बाद कलेक्टर अवि प्रसाद ने उसका नामकरण करते हुए “खुशी“ नाम दिया।

कलेक्टर की अपील

कलेक्टर अवि प्रसाद ने अपील की है, कि जिस किसी भी व्यक्ति को नन्ही बालिका “खुशी“ के परिजनों की जानकारी हो वे तत्काल सूचना दें। ताकि खुशी को उनके माता-पिता के पास पहुंचाया जा सके।

“खुशी“ को हर सुविधा देगा प्रशासन

कलेक्टर ने कहा कि यदि आर्थिक समस्याओं की वजह से खुशी के परिजनों ने उसे छोड़ा है, तो भी आगे आएं और ‘खुशी‘ को अपनाएं। जिला प्रशासन खुशी की पढ़ाई-लिखाई उसके दिव्यांगता के इलाज आदि में हर संभव मदद करने तैयार है। इसलिए खुशी के परिजन संपर्क कर बेटी ‘खुशी‘ को अपने पास ले जाएं और परिवार में उसे भरपूर प्यार दें।

चाइल्ड लाइन के एनजीओ कर रहे देखभाल

जिला अस्पताल मे स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों के अलावा ‘खुशी‘ की देखभाल 8-8 घंटे की ड्यूटी में चाइल्ड लाइन के एनजीओ के कार्यकर्ता भी कर रहे हैं।

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