हाइवे के सड़क हादसों में कमी लाने लांच हुए आईआरएडी प्रोजेक्ट में अनूपपुर भी शामिल

संतोष कुमार केवट

अनूपपुर। हाईवे में हो रहे सड़क हादसों को रोकने और इसमें कमी लाने हेतु सड़क भू-तल परिवहन मंत्रालय द्वारा लांच किए गए आईआरएडी प्रोजेक्ट में अनूपपुर जिले को भी शामिल कर लिया गया है। देश में जिन छह राज्यों को इस प्रोजेक्ट में लिया गया है, उसमें मध्य प्रदेश के 11 जिलों में अनूपपुर भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट मोबाइल एप से संचालित होगा। जिसमें यह देखा जाएगा कि हाईवे में जो हादसा हो रहा है, उसकी वजह क्या है। इसके लिए अनूपपुर में ज्ञानेंद्र सिंह को रोल आउट मैनेजर के पद पर पदस्थ किया गया है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुभाष चन्द्र ठाकरे और रोल आउट मैनेजर ने जिले के पुलिस कर्मियों को इस संबंध में ट्रेनिंग दी। ठाकरे ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में पुलिस, परिवहन और हाईवे से जुड़े विभागों को लिया गया है। आईआरएडी एप्लीकेशन दो प्लेटफार्म पर काम करेगा। जिसे आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित किया गया है और इसका क्रियान्वयन एनआईसी को करना है। ठाकरे ने बताया कि हाईवे में सड़क हादसा होने पर इन विभागों की टीम मौके पर पहुंचेगी और मौके की मोबाइल से फोटो खींचकर उसे आई आरआएडी एप में एंट्री करेगी। साथ ही दस-दस सेकंड का दो वीडियो बनाकर एप में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद भू-तल परिवहन विभाग में बैठे विशेषज्ञ फोटा और वीडियो देखकर यह समीक्षा करेंगे कि सड़क हादसा किस वजह से हुआ।
पुलिस, परिवहन और हाईवे से जुड़े अधिकारी करेंगे मिलकर काम, कई विकल्प रहेंगे
सड़क हादसे की समीक्षा के लिए मोबाइल ऐप पर कई विकल्प दिए गए हैं।जिसमें यह देखा जाएगा कि यह हादसा ओवरटेकिंग की वजह से हुआ या फिर चालक नशे में था। इतना ही नहीं, वाहन की गति अधिक थी या फिर धुंधिया रोशनी कम होने की वजह से हादसा हुआ। इसके अलावा अन्य कई विकल्प इसमें शामिल किए गए हैं और इन सभी विकल्पों की समीक्षा की जाएगी। जिससे हादसों की वजह जानकर उस में कमी लाई जा सके।
आरंभिक तौर पर पुलिस को दी ट्रेनिंग
आईआरएडी प्रोजेक्ट पर काम करने जिन विभागों का चयन किया गया है, उसमें सबसे पहले ट्रेनिंग पुलिस विभाग को दी गई। मोबाइल ऐप के माध्यम से पुलिस कर्मियों को बताया गया कि इस प्रोजेक्टर पर किस तरह काम करना है। इसके बाद परिवहन एवं हाइवे से जुड़े विभागों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

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