सहायक मंडल अभियंता होगा मेरी मौत का जिम्मेदार @ रेलवे के अंदर खाने में चल रहे भ्रष्टाचार की खुली पोल

शहडोल। ऊपर से साफ सुथरे भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त दिखने वाला रेलवे प्रशासन भी अब भ्रष्टाचार के दलदल में ऊपर से नीचे तक समा चुका है अरूण स्रशद्य के डी आर डी विभाग में सेक्शन इंजीनियर के पद पर पदस्थ अरूण कुमार के द्वारा सोशल मीडिया में बीते दिनों एक वीडियो वायरल किया गया, जिसमें वह काफी परेशान नजर आ रहे हैं साथ ही अरूण कुमार कम शब्दों में यह कहते नजर आ रहे हैं कि वह अपने अधिकारी आर.एस. नाम के कारण आत्महत्या करने जा रहे हैं, उनकी मौत का जिम्मेदार तथाकथित अधिकारी होगा, वह उनकी रोज की अनावश्यक दबाव के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।

लालफीताशाही से परेशान

सोशल मीडिया में अरुण कुमार का यह वीडियो वायरल होने के बाद पूरे रेल विभाग में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई, शहडोल से लेकर अनूपपुर बिलासपुर मुख्यालय तक यह वीडियो पूरे दिन वायरल हो तारा वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संदर्भ में अरुण कुमार से चर्चा भी की और तथा आर.एस.राम जैसे अधिकारियों से भी उन्होंने अतिथियों के संदर्भ में जानकारी ली, हालांकि इस संदर्भ में रेलवे बिलासपुर के जनसंपर्क अधिकारी तथा अन्य किसी वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क न होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सकता, लेकिन अरुण कुमार के द्वारा जिस परेशान स्थिति में सोशल मीडिया में खुद का के द्वारा सुसाइड करने का वीडियो वायरल किया गया, वह कहीं ना कहीं रेल प्रशासन के अंदर खाने में चल रहे भ्रष्टाचार और अधिकारियों की लालफीताशाही की तो करता ही है।

यह कह रहे अरुण कुमार

सोशल मीडिया में 46 सेकंड के एक वीडियो में शहडोल के डीआईडी विभाग में पदस्थ था रेलवे कॉलोनी शहडोल में निवासरत सेक्शन इंजीनियर अरुण कुमार यह कह रहे हैं कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारी आर एस राम किसके द्वारा रोजाना दी जा रही धमकियों से परेशान हो चुके हैं, इस कारण वे आत्महत्या करने जा रहे हैं, वीडियो में काफी परेशान नजर आ रहे अरुण कुमार ने यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया में जारी किया, उस दौरान उनके आस-पास रहे साथियों ने उसे आत्महत्या करने से बचा लिया।

मामले ने खोला भ्रष्टाचार का ताबूत

ऊपर से बिल्कुल साफ सुथरा भ्रष्टाचार से मुक्त दिखने वाला रेलवे विभाग अंदर ही अंदर भ्रष्टाचार के दीमक से किस तरह लड़ रहा है, यह अरुण कुमार के द्वारा जारी किए गए वीडियो से स्पष्ट होता है, इस संदर्भ में की गई पड़ताल के दौरान यह बातें सामने आई कि शहडोल में रेलवे के सहायक मंडल विद्युत अभियंता के पद पर कार्यरत आर.एस.राम उक्त पद के अलावा इलेक्ट्रिक का भी कार्य अरसे से देख रहे हैं, एक अधिकारी को दो विभागों की जिम्मेदारी किस सेवा के आधार पर दी गई होगी, यह तो आसानी से समझा जा सकता है, लेकिन अरुण कुमार के मामले में यह बात सामने आई कि विद्युत विभाग के द्वारा रेलवे के हाईटेंशन तथा अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के समीप लगे पेड़ों को काटने का काम उक्त विभाग के द्वारा किया जाता था।

आत्महत्या करने का प्रयास

अन्य कार्यों के साथ अरूण कुमार यह कार्य भी देखते थे बीते दिनों में अरुण कुमार का यहां से अन्य स्थान पर स्थानांतरण हो गया था, अंत में उन्हें यहां की वस्तु स्थिति की रिपोर्ट सौंपी थी, जिसको लेकर आए सामने नए कार्य करने के लिए रेलवे इलेक्ट्रिक लाइन के आसपास लगे पेड़ों को वर्तमान स्थिति से 8 से 10 गुना बड़ा कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा जिससे आने वाले दिनों में ठेके की राशि भी 8 से 10 गुना हो जाए जब अरुण कुमार ने इस बात से इंकार कर दिया तो उन पर दबाव बनाने लगे जिसके नतीजे परेशान होकर अरुण कुमार ने आत्महत्या करने का प्रयास किया और यह वीडियो वायरल किया।

सर्विस रिकार्ड खराब करने व नौकरी खाने की धमकी

यह बात भी सामने आई कि आर.एस.राम द्वारा बीते कई दिनों से अरुण कुमार पर मनमानी रिपोर्ट बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था, अरुण कुमार इस बात के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे, जिसके बाद आर.एस.राम ने वरिष्ठ अधिकारी के पद पर बैठे होने का फायदा उठाते हुए तथा अपने संबंधों वह रसूख का अरुण कुमार को एहसास दिलाते हुए उसका सियार खराब करने तथा नौकरी खा जाने की भी धमकी दी जिस कारण मानसिक रूप से काफी परेशान था, उसका कहना था कि यदि उसने फर्जी रिपोर्ट बना दी है और भविष्य में उसकी जांच हुई तो उसके ऊपर कार्यवाही होगी। ऐसी स्थिति में वह कहीं का नहीं रहेगा, उसके बच्चे भी दर्द के लिए हो जाएंगे, अत: उसने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर आत्महत्या करने का बयान दिया, यह भी बात सामने आई कि 22 विभाग देख रहे आर.एस.राम हमेशा से विवादों में रहे हैं। रेलवे अंतर्गत ट्रेन चलाने वाले चालकों तथा अन्य कर्मचारियों पर अनावश्यक रूप से इसी तरह का दबाव डालने के कारण चर्चाओं में रहते हैं।

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