दर्जनो ग्राहको को स्कीम के नाम पर ठग लिया बजाज फिनसर्व

 

स्कीम बताकर करते है फाइनेंस, फिर दिनांक समाप्त होने का करते है बहाना

दर्जनों ग्राहकों ने बताई अपनी समस्या, मोबाइल में था 6 वापसी का हजार स्कीम
बजाज फिनसर्व अर्थात बजाज फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड जो कि लोगों को कई प्रोडक्ट फाइनेंस करती है, जिलेभर के दुकानदारो के माध्यम से विक्रय होने वाले प्रोडक्ट्स को अपनी कंपनी के माध्यम से स्कीम व शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फाइनेंस करने की दावा तो करती है, लेकिन हर प्रोडक्ट में कंपनी का स्कीम बता न जाने कितने तरह के खोखले दावा कर ग्राहकों को चूना लगा रही है।
अनूपपुर। जिला मुख्यालय में संचालित बजाज फाइनेंस प्राइवेट कंपनी के अधीन कार्य करने वाली बजाज फिनसर्व के द्वारा वर्षो से अपनी जाल को बिछाकर ग्राहकों को ठगने का कार्य कर रही है, भाले-भाले ग्रामीण व मध्यम वर्गीय परिवार को प्रलोभन देकर किस्तो के माध्यम से प्रोडक्ट को फाइनेंस कराया जाता है, लोगों से अनेक तरह की औपचारिकताओं के साथ बैक से संबंधित दस्तावेज लेकर वस्तुओं का फाइनेंस का कार्य शुरू किया जाता है, जहां पहले ही उनका कार्ड व नाम दर्ज करने के लिए पैसे वसूल लिये जाते है, फिर शून्य प्रतिशत ब्याज दर बताकर वस्तुओं को फाइनेंश कर देते है, जहां ग्राहकों को बिना बताये बीमा का अतिरिक्त पैसा भी हर महीने लेने वाले ईएमआई में जोड दिया जाता है, ऐसे अनेक तरह की गतिविधियों को संपन्न कर ग्राहकों को ठगने में का काम करते है।
त्योहारो में लगाते है स्कीम का पोस्टर
हर त्योहारो में ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट को फाइनेंस करने के लिए और अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए जगह-जगह कंपनी के स्कीम का पोस्टर चस्पा कर देते है, तांकि लोग बजाज कंपनी से ही वस्तुओं को फाइनेंस करवाये, जब ग्राहक इनके कंपनी से स्क्रीम के अनुसार वस्तुओं को फाइनेंस करवा लेता है तो यह जानकारी देते है कि 3 किस्त (ईएमआई) जाने के बाद ग्राहकों को स्कीम का लाभ मिलेगा, लेकिन वहीं 6 महीने बीतने के बाद भी ग्राहकों को किसी भी प्रकार के स्कीम का लाभ नही मिल पाता है। संचालक के द्वारा ग्राहकों को ठगने के लिए कार्यालय का कई महीनों तक चक्कर लगवाया जाता है फिर स्कीम की दिनांक समाप्त होने की बात कह ग्राहको को खाली हाथ लौटा दिया जाता है।
ऐसे मिलता है स्कीम
बजाज फाइनेंस के द्वारा अपने ग्राहकों को मोबाइल पर या अन्य प्रोडक्ट पर बजाज वायलेट में राशि प्रदान कर उसकी उपयोगिता को बिजली बिल, टेलीफोन बिल, डीटीएच रिचार्ज के साथ अन्य कार्यो में व्यय करने की इजाजत देता है। वहीं इस स्कीम का लाभी तीन ईएमआई जाने के बाद किश्तो में वायलेट पर प्रदान करने का दावा करती है, लेकिन ईएमआई समाप्त होने तक भी इस योजना का लाभ ग्राहकों को नही मिल पाता है। ज्ञात हो कि संचालक के द्वारा या तो फिर कंपनी को गुमराह किया जाता है या फिर किसी माध्यम से स्वयं ही ग्राहकों के स्कीम का लाभ ले लिया जाता है, जिसके कारण ग्राहकों व दुकानदारो के साथ कंपनी की छवि धूमिल होती है।
ऐसे आया मामला सामने
माह जनवरी वर्ष 2020 में जिन ग्राहकों ने मोबाइल या अन्य वस्तुओं को दुकानदारों के माध्यम से खरीदकर बजाज कंपनी से फाइनेंस कराया है उन्हे 6 हजार रूपए स्कीम के रूप में उनके बजाज में खुले खाते के वायलेट में तीन महीने बाद या यूं कहे कि तीन किस्तों के बाद लाभ मिलता था, लेकिन संचालक के द्वारा ग्राहकों को तीन महीने के बाद से गुमराह करते हुए 6 महीने बिता दिये और स्कीम का एक भी रूपया ग्राहकों के वायलेट में नही आया, जब ग्राहक बार-बार उनके कार्यालय में जाने लगे तो उन्होने उनके मोबाइल से कंपनी की ओर संदेश भेजा गया और कहा कि तीन दिवस के भीतर आपको स्कीम का लाभ मिल जायेगा, लेकिन एक सप्ताह बाद भी जब स्कीम की राशि नही आई तो ग्राहक फिर कार्यालय पहुंचता है तो संचालक का जवाब होता है कि अब स्कीम का दिनांक समाप्त हो गया है और किसी भी प्रकार का लाभ नही मिल सकता है।
ग्राहकों को ठग रहा संचालक
बजाज कंपनी बडे बडे दावे और विज्ञापनों के माध्यम से जहां एक ओर लोगों को लोक लुभावने सपने दिखा रही है वहीं आम आदमी को लूटने में ये कंपनी कोई कोर कसर नही छोड रही, शहर गली मोहल्लों में शून्य प्रतिशत फाइनेंस के पीछे जो लूट बजाज फाइनेंस कंपनी मचा रखी है। बजाज पहले तो शून्य प्रतिशत के नाम पर कस्टमर को फाइनेंस का लुभावना वादा कर के फंसाता है उसके बाद कस्टमर एक बार बजाज से फाइनेंस करवा लें फिर शुरू होता है बजाज फाइनेंस का खेल, सबसे पहले तो उपभोक्ता शून्य प्रतिशत के चक्कर मे फंस जाता है उसके बाद कागजी खाना पूर्ति इन्सुरेंस के नाम पर कंपनी पैसे ऐंठती है और हद तब हो जाती है जब बजाज फाइनेंस से सामना खरीदने वाले उपभोक्ताओं का लाइफ इन्सुरेंस बजाज लाइफ इन्सुरेंस से हो जाता है और उसे पता भी नही चलता पता तब चलता है जब या तो उनके खाते से पैसे कट जाते है या उनके घर अनचाही,अनजानी सी एक पॉलसी पहुंच जाती है।
कानूनी कार्यवाही की मांग
सावधान हो जायें और बजाज फाईनेंस से खरीदी से पहले अपने बैंक डिटेल और अपने पर्सनल डिटेल की सुरक्षा के बारे में जरूर सोचें, एक ग्राहक ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व बजाज कंपनी से लोन लिया था और उसका प्रतिमाह किस्त भी खाते से कट रहा है क्योंकि वह कालरी कर्मचारी है इसलिए उसका पेमेंट 5 से लेकर 15 तारीख के बीच में आता है लेकिन अगर तनख्वाह आने में 1 या 2 दिन लेट हो गया तो बजाज कंपनी द्वारा प्रतिमा 700 से 14 सो रुपए बिना किसी से पूछे काट लिया जाता है और पूछे जाने पर किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है जिससे इस तरह के कई उपभोक्ता लोन लेकर शून्य प्रतिशत ब्याज के नाम पर सामान खरीदकर बजाज कंपनी से बुरी तरह लूट रहे हैं क्षेत्र की जनता ने बजाज कंपनी पर नियंत्रण रखने वाले उच्चाधिकारियों से मांग किया है कि हो रहे इस खुली लूट की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कंपनी के व्यक्तियों के ऊपर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि सीधे साधे लोग इनके चक्कर में फंसकर लूटने से बच सकें।

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