बिग ब्रेकिंग….सोहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह का हुआ स्थानांतरण @ शंकर नागाचारी होंगे सोहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक

*संतोष शर्मा एवं चंद्रेश मिश्रा की विशेष रिपोर्ट*-

धनपुरी-एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय के द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार 4 मई 2020 को सोहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक पद की जिम्मेदारी संभालने वाले महाप्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह का स्थानांतरण कुसमुंडा एरिया के लिए कर दिया गया है सोहागपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी बैकुंठपुर क्षेत्र में महाप्रबंधक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे शंकर नागाचारी को सौंपी गई है मई माह में बिलासपुर मुख्यालय के द्वारा जब स्थानांतरण सूची जारी की गई थी तब सोहागपुर क्षेत्र के तत्कालीन महाप्रबंधक देवेंद्र चंद्राकर का स्थानांतरण दीपका एरिया के लिए कर दिया गया था उनकी जगह बिलासपुर मुख्यालय से राघवेंद्र प्रताप सिंह सोहागपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली थी देवेंद्र चंद्राकर के कार्यकाल में सोहागपुर क्षेत्र 7 अरब 47 करोड़ के रिकॉर्ड घाटे में चल रहा था हर समय कोरोना का रोना रोने वाले महाप्रबंधक के जाने से सोहागपुर क्षेत्र में ऊर्जावान महाप्रबंधक का आगमन हुआ था उन्होंने बहुत ही कम समय में सोहागपुर क्षेत्र के कोयला उत्पादन को नई उर्जा एवं रफ्तार प्रदान की थी देखते ही देखते सोहागपुर क्षेत्र का कोयला उत्पादन 18 हजार टन प्रतिदिन के आंकड़े को पार कर चुका था वर्षों से बहुप्रतीक्षित मेगा प्रोजेक्ट रामपुर बटुरा शुरू करने की दिशा में भी सुहागपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक मजबूती से कदम बढ़ा रहे थे और बहुत ही कम समय में कंपनी बोर्ड से भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण के लिए एक अरब रुपए का फंड रिलीज करा लिया था वर्षों से मेगा प्रोजेक्ट खुलने का इंतजार करने वाली जनता महाप्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह के ऊपर पूरा भरोसा कर रही थी क्योंकि सभी को यह उम्मीद बन चुकी थी की महाप्रबंधक अपने कार्यकाल के दौरान मेगा प्रोजेक्ट का शुभारंभ किए बिना विश्राम नहीं करेंगे लेकिन जिस प्रकार से आज अचानक उनका स्थानांतरण हो गया उससे क्षेत्र की जनता में निश्चित ही निराशा का माहौल है बहुत ही कम समय में अपनी मेहनत एवं लगन से कोयला उत्पादन को नई रफ्तार देने वाले एवं सोहागपुर क्षेत्र को कोयला उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में मजबूती से बढ़ाने वाले प्रयास किए जा रहे थे कोल इंडिया के इतिहास में पांचों श्रमिक संगठन संयुक्त रुप से हड़ताल कर रहे थे लेकिन महाप्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह की रणनीति श्रमिक संगठनों की रणनीति पर भारी पड़ गई थी और सोहागपुर क्षेत्र में हड़ताल असफल हुई थी

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