भाजपा नेता का खौफ इतना कि, सौंपी गोपनीय शिकायत

नौनिहालों की खुराक डकार रहे भाजपा नेता

पत्नी के नाम समूह बनाकर नहीं छोड़ा कोरोना काल का भी राशन

शहडोल। 22-24 मार्च से हुए लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण काल से बीते माह तक आंगनबाड़ी केन्द्रों के साथ ही प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को पूर्व में कार्य कर रहे स्व सहायता समूहों व सांझा चूल्हा योजना के माध्यम से खाद्यान्न घरों में जाकर पहुंचाना था। शासन द्वारा बच्चों के अलावा चिन्हित निराश्रितों, आदिवासियों व गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वालों को भी इस सूची में शामिल किया गया था। अलग-अलग क्षेत्रों में समूहों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मार्फत यह व्यवस्था करनी थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के गोहपारू मण्डल के पूर्व अध्यक्ष द्वारिका सोनी ने केन्द्र सरकार की इस अति आवश्यक योजना पर ही ग्रहण लगा दिया, आरोप हैं कि इस दौरान उन्होंने लाखों का खाद्यान्न हजम कर लिया, यही नहीं इसी दौरान प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा 15 महीनों बाद फिर लौटकर सत्ता में आई तो, नेताजी का रूतबा और बढ़ गया।
खौफ इतना कि….
बीते 11 सितम्बर को ग्राम करूआ और इसके अंतर्गत आने वाले टिकरी टोला के दर्जनों ग्रामीण संभागायुक्त के यहां नेताजी के कारनामों की शिकायत लेकर पहुंचे, नेताजी के रसूख और खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शिकायतकर्ताओं ने शिकायत में अपने नाम का ही उल्लेख नहीं किया, बल्कि उन्होंने शिकायत में पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध किया।
खबर सबको पर कार्यवाही नहीं
ऐसा नहीं है कि नेताजी के कारनामें चोरी-छुपे हुए हों, बीते माहों में खाद्यान्न न मिलने के कारण इसकी चर्चा पूरे ग्राम में तो थी ही, आदिवासियों सहित गरीबों रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को लॉक डाउन के दौरान जब काम नहीं मिला तो, उनके लिए पेट भरने की समस्या और बड़ी हो चुकी थी, सबकी आस तिनके के रूप में शासन से मिलने वाली इस सहायता पर टिकी हुई थी, ग्रामीणों ने स्थानीय पंचायत से लेकर विद्यालय प्रबंधन व अन्य जिम्मेदारों तक अपनी आवाज लगाई, लेकिन सभी को खबर होने के बाद भी किसी ने कार्यवाही तो दूर मामले को उठाने तक की हिम्मत नहीं जुटाई।
यह थी शासन की व्यवस्था
सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले ग्रामीण स्तर में फैली अव्यवस्थाओं व पलायन कर रहे मजदूरों के परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने का बीड़ा उठाया था, लेकिन पार्टी के ही तथाकथित लोग पार्टी व मानवता के खिलाफ जाकर अपना पेट भरने में लगे थे। ग्राम करूआ में द्वारिका सोनी ने अपनी पत्नी श्रीमती प्रेमलता सोनी के नाम पर सतलज नामक स्वसहायता समूह बनाया हुआ है, ग्राम व टिकुरी टोला में प्राथमिक विद्यालय की जिम्मेदारी इनके समूह ने शासन से ली हुई है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत बच्चों के कोटे का मध्यान्ह भोजन दिया जाना था, इसमें किसी का कोटा काटा नहीं जाना था, बल्कि स्कूलों में दर्ज शत-प्रतिशत छात्र छात्राओं को ये राशन बंटना था। प्राथमिक शाला में दर्ज प्रति छात्र-छात्राओं को 2500 ग्राम और माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं को 3750 ग्राम राशन दिया जाना था।
इनका कहना है…
संस्था द्वारा गलत किया गया है, कार्यवाही की जायेगी, अब स्वयं की निगरानी में खाद्यान्न वितरित किया जायेगा।
विजय सिंह
बीआरसी समन्वयक
गोहपारू

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