रिश्वतखोर प्रहरी, मुख्य प्रहरी, जेलर सहित जेल अधीक्षक निलंबित

अनूपपुर। जिला जेल में चल रहे खुल्लम-खुल्ला रिश्वत बनाम लूट के मामले में हाल ए हलचल के द्वारा स्ंिटग ऑपरेशन कर खबर प्रमुखता से दिखाई थी, खबर सोशल मीडिया में वॉयरल होने के बाद जेल मुख्यालय भोपाल से जेल अधीक्षक शहडोल को इस संदर्भ में विभागीय पत्र क्रमांक 1794/ पीए/जेल 20 जून को ही भेजा गया तथा प्रकाशित खबर के संदर्भ में जांच और कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे, जेल अधीक्षक शहडोल के द्वारा इस मामले में राम कुमार शाक्य प्रहरी जिला जेल अनूपपुर और मुख्य प्रहरी राय सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके मूल पद पर वापस भेजने के आदेश जारी किये गये। इस मामले में लापरवाही का आलम यह था कि जब भोपाल से अतिरिक्त महानिदेशक जेल के द्वारा जेलर अनूपपुर की इस मामले में सहभागिता की जानकारी ली गई कि यह तथ्य सामने आये कि इन्द्रदेव तिवारी 19 जून को बिना अवकाश लिए ही अपने गृह जिले सतना गये हुए थे। वहीं यह बात भी सामने आई कि शहडोल जेल अधीक्षक से जब इस संदर्भ में जानकारी चाही गई तो, वे भी अपने कार्य स्थल से बिना सूचना दिये जबलपुर में पाये गये, संभवत: इन्हीं कारणों और मनमानी का फायदा उठाकर मातहत कर्मचारी इन्हीं के इशारे पर लूटने में मशगूल थे।
यह हैं निलंबन के आरोप
रामकुमार शाक्य प्रहरी जिला जेल दमोह, हाल पाबंद जिला जेल अनूपपुर को दिनांक 14 जून 22 को वायरल वीडियो में किसी विचाराधीन बंदी के परिजनों से मोबाइल नम्बर 8817279440 के घर वालों से फोन पर पैसा मांगा गया, आप आपने परिजन शिवम शाक्य के फोन पे खाता क्रमांक-7999435308 में 7 हजार डलवाये गये, आपकी ड्यूटी दिनांक 14 जून को जेल के अंदर पाकशाला में बंदियों के खाना पकाने व वितरित कराने में लगाई गई थी, आप अपने ड्यूटी के बाद सिविल डे्रस में मुलाकात रूम में बंदियों के परिजनों से बात करते दिखाई दे रहे हैं, इस प्रकार आपका यह कृत्य जेल नियमों एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विपरीत है, उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के अनुसार तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर उनके मूल पदस्थापना जेल जिला जेल दमोह वापस किया जाता है, निलंबन अवधि नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
जेलर व जेल अधीक्षक भी निलंबित
प्रहरी राम कुमार शाक्य सहित मुख्य प्रहरी राय सिंह मरावी के निलंबन के साथ ही डॉ.जी. आर.मीणा अतिरिक्त महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं भोपाल के द्वारा 21 जून को रिश्वतखोरी के मामले और इस संदर्भ में की जा रही जांच के मामले में जेल उपअधीक्षक अनूपपुर इन्द्रदेव तिवारी को भी निलंबित किया है, अपने विभागीय आदेश क्रमांक 1037 में यह उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 के विपरीत होने को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है और निलंबन काल तक इनका मुख्यालय भोपाल रहेगा। इसी तरह के आरोपों के साथ विभागीय पत्र क्रमांक 1036 भी 21 जून को जारी हुआ, जिसमें भास्कर पाण्डेय जेल अधीक्षक शहडोल को भी निलंबित कर उनका मुख्यालय कंट्रोल रूम भोपाल बनाया गया है।

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