कप्तान की टीम का छापा, 6 जुआंरी गिरफ्तार 35 हजार नगदी, 10 मोबाइल, 10 मोटर साइकिल बरामद

उमरिया। पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल कई दिनों मुखबिरों के माध्यम से सूचना मिल रही थी कि पाली थाना क्षेत्र में जुएं की फड़ संचालित हो रही है, कप्तान ने तकनीकी सहयोग व टीम का गठन कर बुधवार की देर शाम दबिश देकर छापामार कार्यवाही करवाई तो स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गये, जुआरियों को पकडऩे के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, वहीं मौके से कुछ जुआरी भागने में भी सफल हो गये। पुलिस ने गिरफ्त में आये जुआरियों के खिलाफ पब्लिक गोम्बिलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

तिरपाल लगाकर संचालित हो रही थी फड़
पाली थाना क्षेत्र में डोगरिया टोला के जंगल में जुआं फड़ के संचालकों के द्वारा तिरपाल लगाकर फड़ का संचालन किया जा रहा था, इतना ही नहीं गुर्गे भी निगरानी के लिये तैनात कर रखे थे, टीम ने मौके से तिरपाल, एलईडी टार्च, एलईडी बल्ब भी बरामद किये हैं, जुएं की फड़ में 52 परी के शौकीन अपनी किस्मत आजमाने पाली, मंगठार, नौरोजाबाद, करकेली के अलावा शहडोल, बुढ़ार व धनपुरी सहित अन्य स्थानों से पहुंचते थे, बीते कई दिनों से फड़ का संचालन थाना प्रभारी राजकुमार धारिया के संरक्षण में संचालित हो रहा था।

मौके से पकड़ाये जुआरी
टीम ने जुआ खेलते हुए 06 जुआरियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें साकेत सोनी, राजकुमार शिवहरे, विश्वजीत शर्मा, मुरलीधर उर्फ सोनू माधवानी, शाहजाद उर्फ गुड्डा खान के अलावा अरूण तिवारी जो कि शहडोल जिले के जैतपुर वन विभाग में बीट गार्ड के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 35 हजार 930 रुपये नगदी, 10 मोबाइल, 10 मोटर साइकिल, ताश के पत्ते, तिरपाल, एलईडी टार्च व बल्ब, कुल 5 लाख 86 हजार 230 रुपये का मशरूका बरामद किया है।

ये संचालित करा रहे थे फड़
खबर है कि थाना प्रभारी राजकुमार धारिया के संरक्षण में फड़ का संचालन विजय जायसवाल, चंदन विश्वकर्मा, गोरे विश्वकर्मा, लकी सतिपाल, सोनू उपाध्याय, दीपू कचेर, अशोक के द्वारा किया जा रहा था, वहीं इनके द्वारा फड़ की देखरेख और जुआरियों को फड़ तक पहुंचाने के लिये सूर्य, राहुल और सानू को तैनात कर रखा था। कार्यवाही के दौरान फड़ के संचालक और गुर्गे मौके से फरार होने में सफल रहे।

लाखों के जुएं में हजारों की जब्ती
टीम ने कार्यवाही तो की लेकिन कई सवाल भी खड़े हो गये, पूरे क्षेत्र में जनचर्चा ये है कि एक लाख रुपये से ऊपर की नगदी फड़ से बरामद की गई थी, लेकिन महज 35 हजार के आसपास की रकम दिखाई गई, इतना ही नहीं टीम में शामिल आरक्षक अनिल पटेल व राहुल विश्वकर्मा के ऊपर जुएं की फड़ से रकम गोल करने और पैसे लेकर कई लोगों को छोडऩे की बातें सामने आ रही हैं, सूत्र बताते हैं कि अनिल पटेल पूर्व में पाली थाने में पदस्थ रहे, इस दौरान उनके संदिग्ध आचरण के चलते तात्कालीन पुलिस अधीक्षक ने वहां से हटा दिया था। सूत्र बताते हैं कि मौके से अजय शिवहरे को भी जुआ खेलते पकड़ा गया था, जिससे आरक्षकों ने 40 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया। कुल मिलाकर कप्तान ने जिस भरोसे से दोनों को अपनी टीम में शामिल किया था, दोनों ने ही कप्तान के भरोसे को भी तोडऩे का काम किया।

विवादों में रहा है धारिया का कार्यकाल
एक बार फिर नगर निरीक्षक राजकुमार धारिया के कार्यकाल पर सवाल खड़े हुए हैं, नौरोजाबाद में पदस्थापना के दौरान थाने से चंद कदम की दूरी पर गांजे का कारोबार पर तात्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की टीम ने कार्यवाही की थी, जिसके बाद उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था।राजकुमार धारिया ने उसके बाद शहडोल जिले का रूख किया, और उनकी बुढ़ार थाने में पदस्थापना हुई, जहां पर जिले से ले जाने गये अवैध वसूली के लिए कटरो की चर्चा के साथ ही कोरेक्स, गांजे जैसे नशे के कारोबार के अलावा जुएं की फड़ के संचालन के आरोप लगाने के बाद उन्हें वहां से जयसिंहनगर भेज दिया गया, वहां भी उनका कार्यकाल विवादों में रहा। जिले के तात्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के तबादले की खबर मिले ही एक बार फिर कथित वर्दीधारी ने उमरिया का रूख कर लिया और पाली में अपनी पदस्थापना कराकर अवैध कारोबार में शामिल हो गये। अगर कॉल डिटेल निकाली जाये तो इनके पूरे कारनामों का काला चिट्ठा है।बहरहाल खबर यह है कि कार्यवाही होने के बार प्रभारी सात दिनों की छुट्टी पर चले गये हैं।

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इनका कहना है
मामले की विवेचना की जा रही है, अगर किसी की भी गड़बड़ी सामने आई तो, उसके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जायेगी, कई दिनों से खबरे सामने आ रही थी कि जुएं का संचालन हो रहा है, अवैध कारोबार को जिले में संचालित नहीं होने दिया जायेगा।
विकास शहवाल
पुलिस अधीक्षक, उमरिया

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