सावधान! जागने वाला है खाद्य विभाग

त्यौहार से पहले लिया जायेगा सैंपल, त्यौहार के बाद आयेगी रिपोर्ट

(Narendre Yadav +9826550631)

शहडोल। संभागीय मुख्यालय सहित आस-पास के कस्बों में हजारों की संख्या में लोग मिलावटी खाद्य सामग्रियों की बिक्री कर हैं। विभागीय अधिकारियोंं की लापरवाही के कारण ही मिलावटखोरी धंधा बड़े स्तर पर पनप रहा है। छापामारी के नाम पर महज खानापूर्ति होती है, जिससे मिलावटखोरों के हौसलें बुलंद है। खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा बड़े पैमाने पर फल- फूल रहा है। खाने के रोजमर्रा की उपयोग होने वाली हर खाद्य सामग्री में मिलावट देखने को मिल रही है। मिठाई, चाट-पकौड़े अथवा रंग-बिरंगे शीतल पेयों की बिक्री में भी सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है। तो वहीं मिलावट से बनें खोया व पनीर बिक्री भी शुरू हो चुकी है, मिलावट से बने पदार्थ लोगोंं की सेहत के लिये बहुत ही हानिकारक है।
छापामारी के नाम पर खानापूर्ति
दूषित एवं मिलावट युक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग एवं प्रशासन की है। एक तो दुकानदारों को लाइसेंस जारी कर लगाम कसना होता है, दूसरे समय-समय पर छापे मारने होते हैं, मगर विभाग की छापामार कार्रवाई महज खानापूर्ति मेंं तब्दील हो जाती है। अक्सर त्यौहारों के समय ही विभाग के अधिकारी छापामार अभियान चलाते हे। यह अभियान अधिकतर होली व दिवाली के समय ही चलाया जाता है। जिससे वर्ष मेंं दो बार ही यह अभियान चलाया जाता है।
दिखावे के लिए जागता विभाग
मिलावटखोरों का धंधा तो पूरे बरस चोखा रहता है, लेकिन त्यौहारी सीजन में इसका कोई हिसाब नहीं रहता। खासकर दूध, घी और मिठाइयों में जमकर मिलावट होती है। त्यौहार से पूर्व विभाग दिखावे के लिए जागता है और विभिन्न प्रतिष्ठानों से सैंपल लेता है, लेकिन नमूनों की रिपोर्ट आने से पहले त्यौहार बीत जाता है, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकार ने खुले में खाद्य सामग्री के विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। सरकार के सख्त निर्देश है कि खाद्य सामग्री पेकिंग में बेची जाए, जिससे कि वह दूषित नहीं हो, लेकिन जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
नहीं होता नियमों का पालन
मिठाई के बारे में सारी जानकारी एक्सपायरी डेट के साथ मिलनी चाहिए, मिठाई कब बनी थी और कितने दिन तक मिठाई का आप स्वाद ले सकते हैं। इसकी पूरी जानकारी मिठाई के डिब्बे पर अंकित होगी। अब तक केवल पैकिंग मिठाइयों पर ही इस तरह की सूचना लिखी होती थी, लेकिन अब मिठाई की उस दुकान में जानकारी लिखनी अनिवार्य है, जहां मिठाइयां शोकेस में डालकर रखी जाती है। यह नियम 1 अक्टूबर 2020 से लागू हो चुका है, लेकिन दुकानदारों के लिए इस नियम का पालन इस दिखावे के लिए किया जा रहा है।
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