सिंहपुर की नसबंदी का टारगेट छत्तीसगढ़ के सहारे हो रहा पूरा!

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी के नाम पर खुला भ्रष्टाचार

शहडोल। जिले से लगे सिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इन दिनों लग रहे नसबंदी के शिविर में टारगेट पूरा करने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों से सांठगांठ करते हुए प्रभारी द्वारा रुपयों का लेन देन करके नसबंदी कर अपनी जेब गर्म करने में लगे हुए हैं, प्रभारी द्वारा बताया गया कि लगभग 600 नसबंदी अभी तक की जा चुकी है और हमारा टारगेट पूरा हो गया है, अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने बताया कि रास्ते पर अगर कोई छत्तीसगढ़ का व्यक्ति गिर जाए तो, क्या हम उनका इलाज नहीं करेंगे, इसी तरीके से क्षेत्र में कई लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, जिनका ऑपरेशन किया गया है।
गांव-गांव में फैले एजेंट
नसबंदी शिविर प्रभारी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, पूर्व में हुए शिविर में छत्तीसगढ़ की फोर व्हीलर गाडिय़ां पशु चिकित्सालय के पीछे, स्कूल की बाऊंड्री के अंदर सहित तालाब के पास गाड़ी खड़ी की जाती है, नसबंदी कराने वालों से बकायदा सौदा कर नसबंदी की जा रही है। सूत्रों की माने तो अधिकारियों की सह पर नसबंदी संबंधी योजना में गड़बड़ी करते हुए छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में अपने एजेंट द्वारा संबंध स्थापित करते हैं और बड़ी संख्या में उनको बुला कर नसबंदी किया जाता है।
कमाई का अड्डा बना स्वास्थ्य केन्द्र
सिंहपुर क्षेत्र में नसबंदी कार्य को कमाई का अड्डा बना दिया गया है, नसबंदी प्रभारी के अलावा इस मामले से कई अधिकारियों की मिलीभगत की खबरें मिल रही है, जिस कारण कथित शर्मा जी के हौसले बुलंद है। कथित नसबंदी प्रभारी के पास एनआरसी का भी प्रभार है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की भर्ती और फिर खाना परोसने वाले मैन्यू में गड़बड़ी करते हुए मेनू का पालन न करते हुए अपने मर्जी से मरीजों को खाना परोसा जाता है, जिससे उन्हें पोष्टिक आहार नहीं मिल पाता।
नहीं मिल रही सुविधाएं
प्रभारी अपने रसूख के चलते सिंहपुर में टिके हुए हैं, जबकि नियमानुसार कोई भी शासकीय व्यक्ति अपने गृह ग्राम में नहीं रह सकता , लगभग 7 से 8 वर्ष पूर्व गोहपारू में पदस्थ कथित प्रभारी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, शासन-प्रशासन नसबंदी शिविर में ऑपरेशन कराने के दौरान तमाम सुख सुविधाएं मुहैया कराने की बात कहता है, लेकिन नसबंदी का ऑपरेशन कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची अधिकांश महिलाओं को न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही बिस्तर मिल रहे हैं, जिम्मेदार द्वारा महिलाओं को दरी की व्यवस्थाएं दी गई है।
स्ट्रेचर तक नहीं मिला
सिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहां ऑपरेशन कराने आई महिलाओं को महज दरी बिछाकर ठंडे फर्श पर लिटाया गया, यहां न तो उन्हें बेड और बिस्तर उपलब्ध कराया गया और न ही ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकालने के लिए स्ट्रेचर ही दिया गया, नसबंदी ऑपरेशन के बाद सामने आई स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के बावजूद जिम्मेदारों ने इस ओर से आंखे मूंद ली हैं।
तीमारदारों ने जताया एतराज
कई महिलाओं के तीमारदारों ने जब अस्पताल प्रशासन की इस हरकत पर एतराज जताया तो, उन्हें अस्पताल प्रशासन की तरफ से उल्टा ही जवाब दिया गया, इसके साथ ही वहां पर महामारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कराया जा रहा और न ही मुंह पर मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और प्रभारी द्वारा अपनी जेब गरम करने के लिए पूरे मामले में अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
इनका कहना है…
मामले मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर कुछ गलत हो रहा है तो, कार्यवाही होगी।
डॉ. राजेश मिश्रा
बीएमओ
सिंहपुर

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