दशरथ पाठक सहित अन्य को कलेक्टर ने किया जिला बदर

शहडोल । कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दषरथ पाठक पिता श्यामनारायण पाठक निवासी पुरानी बस्ती बुढार थाना बुढार जिला शहडोल को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल जिला एवं उससे लगे सीमावर्ती जिलों सीधी, सतना,उमरिया एवं अनूपपुर की सीमा से निष्कासन के आदेश जारी किये है।े जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि, उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रहने की सुनिश्चिता हेतु प्रत्येक दो माह में डाक के जारिये इस न्यायालय में तथा सबंधित थानों को सूचना भेजना होगा।
ज्ञातव्य हो कि, दषरथ पाठक विगत वर्षों से थाना बुढार मंे विभिन्न अपराधों का आरोपी होने पर उसके विरूद्व प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किया जाता रहा है। पुलिस अधीक्षक शहडोल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि, आपराधिक राज्य राज्य सुरक्षा अधिनियम 8(1) के तहत उक्त व्यक्ति को इस आशय का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था कि, उपरोक्त वर्णित विभिन्न अपराधों के परिपेक्ष्य आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिले की सीमाओ से क्यों न एक वर्ष के लिये निष्कासित किया जाएं। उक्त कारण बताओ नोटिस तामीली के पश्चात अनावेदक स्वयं उपस्थित होकर न्यायालय द्वारा परित आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई, परन्तु अनावेदक द्वारा अपने बचावं में इसके अतिरिक्त न कोई जवाब प्रस्तुत किया गया न ही उनके विरूद्व दर्ज शेष अन्य आपराधिक प्रकरणो में दोष मुक्त संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किये गए। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ0 सतेन्द्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के द्वारा अनावेदक के विरूद्व पंजीकृत प्रकरणों की प्रस्तुत सूची एवं अन्य प्रकरणों का विधिवत अवलोकन कर समीक्षा करने पर पाया कि, अनावेदक विगत वर्षो से अब तक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहकर लोक व्यवस्था एवं शांति सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। उनके विरूद्व पंजीबद्व प्रकरण इस बात के द्योतक है कि, जिससे यह नही कहा जा सकता है कि अनावेदक सामाज विरोधी, आपराधिक कृत्यों में लिप्त नही रहा है ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा लगाएं गए आरोप प्रमाणित पाये जाने पर अनावेदक की समाज विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं क्षेत्र में शंति सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था के लिये उचित प्रतीत होता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दषरथ पाठक को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल एवं शहडोल जिले की सीमा से लगे हुए जिलो से निष्कासित करने के आदेश पारित किये गए है।

 

शिवा उर्फ छोटू पासी को कलेक्टर ने किया जिला बदर

शहडोल 17 फरवरी 2021- कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए षिवा उर्फ छोटू पासी पिता रज्जन पासी उम्र 22 वर्ष निवासी निलियंस नं.01 धनपुरी थाना धनपुरी जिला शहडोल को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल जिला एवं उससे लगे सीमावर्ती जिलों सीधी, सतना,उमरिया एवं अनूपपुर की सीमा से निष्कासन के आदेश जारी किये है।े जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि, उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रहने की सुनिश्चिता हेतु प्रत्येक दो माह में डाक के जारिये इस न्यायालय में तथा सबंधित थानों को सूचना भेजना होगा।
ज्ञातव्य हो कि, षिवा उर्फ छोटू पासी विगत वर्षों से थाना धनपुरी मंे विभिन्न अपराधों का आरोपी होने पर उसके विरूद्व प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किया जाता रहा है। पुलिस अधीक्षक शहडोल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि, आपराधिक राज्य राज्य सुरक्षा अधिनियम 8(1) के तहत उक्त व्यक्ति को इस आशय का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था कि, उपरोक्त वर्णित विभिन्न अपराधों के परिपेक्ष्य आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिले की सीमाओ से क्यों न एक वर्ष के लिये निष्कासित किया जाएं। उक्त कारण बताओ नोटिस तामीली के पश्चात अनावेदक स्वयं उपस्थित होकर न्यायालय द्वारा परित आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई, परन्तु अनावेदक द्वारा अपने बचावं में इसके अतिरिक्त न कोई जवाब प्रस्तुत किया गया न ही उनके विरूद्व दर्ज शेष अन्य आपराधिक प्रकरणो में दोष मुक्त संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किये गए। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ0 सतेन्द्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के द्वारा अनावेदक के विरूद्व पंजीकृत प्रकरणों की प्रस्तुत सूची एवं अन्य प्रकरणों का विधिवत अवलोकन कर समीक्षा करने पर पाया कि, अनावेदक विगत वर्षो से अब तक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहकर लोक व्यवस्था एवं शांति सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। उनके विरूद्व पंजीबद्व प्रकरण इस बात के द्योतक है कि, जिससे यह नही कहा जा सकता है कि अनावेदक सामाज विरोधी, आपराधिक कृत्यों में लिप्त नही रहा है ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा लगाएं गए आरोप प्रमाणित पाये जाने पर अनावेदक की समाज विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं क्षेत्र में शंति सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था के लिये उचित प्रतीत होता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए षिवा उर्फ छोटू पासी को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल एवं शहडोल जिले की सीमा से लगे हुए जिलो से निष्कासित करने के आदेश पारित किये गए है।

 

सद्दाम अली को कलेक्टर ने किया जिला बदर

शहडोल 17 फरवरी 2021- कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सददाम अली आ0 अब्दुल रहमान उम्र 20 वर्ष निवासी पुटटीबाडा शहडोल जिला शहडोल को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल जिला एवं उससे लगे सीमावर्ती जिलों सीधी, सतना,उमरिया एवं अनूपपुर की सीमा से निष्कासन के आदेश जारी किये है।े जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि, उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रहने की सुनिश्चिता हेतु प्रत्येक दो माह में डाक के जारिये इस न्यायालय में तथा सबंधित थानों को सूचना भेजना होगा।
ज्ञातव्य हो कि, सददाम अली विगत वर्षों से थाना कोतवाली मंे विभिन्न अपराधों का आरोपी होने पर उसके विरूद्व प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किया जाता रहा है। पुलिस अधीक्षक शहडोल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि, आपराधिक राज्य राज्य सुरक्षा अधिनियम 8(1) के तहत उक्त व्यक्ति को इस आशय का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था कि, उपरोक्त वर्णित विभिन्न अपराधों के परिपेक्ष्य आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिले की सीमाओ से क्यों न एक वर्ष के लिये निष्कासित किया जाएं। उक्त कारण बताओ नोटिस तामीली के पश्चात अनावेदक स्वयं उपस्थित होकर न्यायालय द्वारा परित आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई, परन्तु अनावेदक द्वारा अपने बचावं में इसके अतिरिक्त न कोई जवाब प्रस्तुत किया गया न ही उनके विरूद्व दर्ज शेष अन्य आपराधिक प्रकरणो में दोष मुक्त संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किये गए। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ0 सतेन्द्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के द्वारा अनावेदक के विरूद्व पंजीकृत प्रकरणों की प्रस्तुत सूची एवं अन्य प्रकरणों का विधिवत अवलोकन कर समीक्षा करने पर पाया कि, अनावेदक विगत वर्षो से अब तक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहकर लोक व्यवस्था एवं शांति सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। उनके विरूद्व पंजीबद्व प्रकरण इस बात के द्योतक है कि, जिससे यह नही कहा जा सकता है कि अनावेदक सामाज विरोधी, आपराधिक कृत्यों में लिप्त नही रहा है ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा लगाएं गए आरोप प्रमाणित पाये जाने पर अनावेदक की समाज विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं क्षेत्र में शंति सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था के लिये उचित प्रतीत होता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सददाम अली को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल एवं शहडोल जिले की सीमा से लगे हुए जिलो से निष्कासित करने के आदेश पारित किये गए है।

मो. शेख रहमान उर्फ अब्दुल रहमान को

कलेक्टर ने किया जिला बदर

शहडोल 17 फरवरी 2021- कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मो0 शेख रहमान उर्फ अब्दुल रहमान पिता इस्लाम मुसलमान निवासी वार्ड नं.15 धनपुरी नं. 04 रजा मोहल्ला धनपुरी थाना धनपुरी जिला शहडोल को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल जिला एवं उससे लगे सीमावर्ती जिलों सीधी, सतना,उमरिया एवं अनूपपुर की सीमा से निष्कासन के आदेश जारी किये है।े जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि, उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रहने की सुनिश्चिता हेतु प्रत्येक दो माह में डाक के जारिये इस न्यायालय में तथा सबंधित थानों को सूचना भेजना होगा।
ज्ञातव्य हो कि, मो0 शेख रहमान उर्फ अब्दुल रहमान पिता इस्लाम मुसलमान विगत वर्षों से थाना धनपुरी मंे विभिन्न अपराधों का आरोपी होने पर उसके विरूद्व प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किया जाता रहा है। पुलिस अधीक्षक शहडोल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि, आपराधिक राज्य राज्य सुरक्षा अधिनियम 8(1) के तहत उक्त व्यक्ति को इस आशय का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था कि, उपरोक्त वर्णित विभिन्न अपराधों के परिपेक्ष्य आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिले की सीमाओ से क्यों न एक वर्ष के लिये निष्कासित किया जाएं। उक्त कारण बताओ नोटिस तामीली के पश्चात अनावेदक स्वयं उपस्थित होकर न्यायालय द्वारा परित आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई, परन्तु अनावेदक द्वारा अपने बचावं में इसके अतिरिक्त न कोई जवाब प्रस्तुत किया गया न ही उनके विरूद्व दर्ज शेष अन्य आपराधिक प्रकरणो में दोष मुक्त संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किये गए। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ0 सतेन्द्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के द्वारा अनावेदक के विरूद्व पंजीकृत प्रकरणों की प्रस्तुत सूची एवं अन्य प्रकरणों का विधिवत अवलोकन कर समीक्षा करने पर पाया कि, अनावेदक विगत वर्षो से आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहकर लोक व्यवस्था एवं शांति सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। उनके विरूद्व पंजीबद्व प्रकरण इस बात के द्योतक है कि, जिससे यह नही कहा जा सकता है कि अनावेदक सामाज विरोधी, आपराधिक कृत्यों में लिप्त नही रहा है ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा लगाएं गए आरोप प्रमाणित पाये जाने पर अनावेदक की समाज विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं क्षेत्र में शंति सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था के लिये उचित प्रतीत होता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मो0 शेख रहमान उर्फ अब्दुल रहमान पिता इस्लाम मुसलमान को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल एवं शहडोल जिले की सीमा से लगे हुए जिलो से निष्कासित करने के आदेश पारित किये गए है।

उमेश उर्फ बड़गईया को कलेक्टर ने

किया जिला बदर

शहडोल 17 फरवरी 2021- कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उमेष उर्फ बड़गईया पिता स्व. षिवदास महरा उम्र 27 साल निवासी बुढार थाना बुढार जिला शहडोल को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल जिला एवं उससे लगे सीमावर्ती जिलों सीधी, सतना,उमरिया एवं अनूपपुर की सीमा से निष्कासन के आदेश जारी किये है।े जारी आदेश में निर्देशित किया गया है कि, उक्त व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रहने की सुनिश्चिता हेतु प्रत्येक दो माह में डाक के जारिये इस न्यायालय में तथा सबंधित थानों को सूचना भेजना होगा।
ज्ञातव्य हो कि, उमेष उर्फ बड़गईया विगत वर्षों से थाना बुढार मंे विभिन्न अपराधों का आरोपी होने पर उसके विरूद्व प्रकरण तैयार कर न्यायालय में पेश किया जाता रहा है। पुलिस अधीक्षक शहडोल ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया है कि, आपराधिक राज्य राज्य सुरक्षा अधिनियम 8(1) के तहत उक्त व्यक्ति को इस आशय का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था कि, उपरोक्त वर्णित विभिन्न अपराधों के परिपेक्ष्य आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिले की सीमाओ से क्यों न एक वर्ष के लिये निष्कासित किया जाएं। उक्त कारण बताओ नोटिस तामीली के पश्चात अनावेदक स्वयं उपस्थित होकर न्यायालय द्वारा परित आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई, परन्तु अनावेदक द्वारा अपने बचावं में इसके अतिरिक्त न कोई जवाब प्रस्तुत किया गया न ही उनके विरूद्व दर्ज शेष अन्य आपराधिक प्रकरणो में दोष मुक्त संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किये गए। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ0 सतेन्द्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के द्वारा अनावेदक के विरूद्व पंजीकृत प्रकरणों की प्रस्तुत सूची एवं अन्य प्रकरणों का विधिवत अवलोकन कर समीक्षा करने पर पाया कि, अनावेदक विगत वर्षो से अब तक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहकर लोक व्यवस्था एवं शांति सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहा है। उनके विरूद्व पंजीबद्व प्रकरण इस बात के द्योतक है कि, जिससे यह नही कहा जा सकता है कि अनावेदक सामाज विरोधी, आपराधिक कृत्यों में लिप्त नही रहा है ऐसी स्थिति में पुलिस द्वारा लगाएं गए आरोप प्रमाणित पाये जाने पर अनावेदक की समाज विरोधी गतिविधियों को नियंत्रित करने एवं क्षेत्र में शंति सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था के लिये उचित प्रतीत होता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उमेष उर्फ बड़गईया को एक वर्ष की कालावधि के लिये शहडोल एवं शहडोल जिले की सीमा से लगे हुए जिलो से निष्कासित करने के आदेश पारित किये गए है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *