तेंदूपत्ता बोनस राशि में समितियों की मनमानी, मजदूरों में निराशा

(जय  प्रकाश शर्मा)

मानपुर/उमरिया- इस कोरोना काल महामारी से पूरे देश के आर्थिक में मंदी आने से लगभग सभी लोगों कई समस्याओं से गुजरना पड़ताहै | ऐसे स्थिति में छोटे किसान और मजदूरों की आय के साधन बतसे बत्तर हो गई है,ऐसे में इनके जीवन यापन करने में काफी परेशानी हो रही है। जिन्हें बीते कई महीनों से पैसों के लिये लाले पड़ गयेहैं | कहीं से भी पैसा न मिलने से – इस समय फसल में खाद – दवाई, मौसमी बीमारी,बिजली बिल भुगतान सहित अन्य समस्या बनी हुई है, यहां तक कि इस समय के त्योहार में भी कोई खुशियां झलकतीं हुई नही दिखती |

तेंदूपत्ती मजदूर मीडिया और सोसल मीडिया के माध्यम से मई जून 2020 में, सन् – 2019 तक के बोनस राशि म.प्र. शाषन द्वारा वितरित करने की जानकारी पाकर बेहद खुश थे | उमरिया जिले के कुछ समितियों में सन् 2017, 18 और – 19 ( तीन वर्ष ) से तो कुछ समितियों में सन् 18 और 19 ( दो वर्ष ) से बोनस राषियों का वितरण आज दिनांक तक नहीं हो पाया है |
सूत्रों के अनुसार 26 अगस्त को छपरौड़ मोड़ त्वारण द्वार भूमि पूजन कार्यक्रम में म.प्र.शा. के कैबिनेट मंत्री सुश्री मीना सिंह द्वारा अपने वक्तब्य में बताया गया कि सन् – 2019 तक के तेंदूपत्ता बोनस राशि का वितरण करवा दिया गयाहै |
जब कि उमरिया जिले के कुछ समितियों में सन् -2017 से 19 तक तो कई समितियों में 2018 -19 के बोनस राषि मजदूरों के हाथे आज दिनांक तक नहीं मिल पाई है।
उक्त विषय पर तेंदूपत्ता के सहायक संचालक इंद्रभान गुप्ता और प्रबंध संचालक ( वन मंडलाधिकारी ) आरएस सिकरवार का कहना है कि ये बोनस राशी अभी तक न आने से वितरण नहीं करवाया गया, जो प्राप्त करते ही वितरण करवा दिया जायेगा |
वहीं मुख्य वन संरक्षक शहडोल प्रभात कुमार वर्मा का कहना है कि सन् – 2018 तक की राषि आगई है और वितरित भी करवा दिया गयाहै, तथा सन् – 2019 के बोनस राषि का अभी रिलीज ही नहीं हुआहै |

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