सुजीत के एकता के मंत्र में कोयलांचल में इतिहास रचने जा रही कांग्रेस

शहडोल । कल 13 जुलाई को जिले के चार नगरीय निकायों में मतदान होना है, इसमें से बुढार ब्लाक अंतर्गत दो निकाय भी आते हैं, खासकर धनपुरी नगरपालिका जो जिले की सबसे चर्चित,सबसे धनी व विवादित नगरपालिका मानी जाती है,यहां डेढ़ दशक से भाजपा का कब्जा रहा है,10 साल भारतीय जनता पार्टी और फिर 15 महीने की कांग्रेस सरकार के दौरान मनोनित परिषद का समय छोड़ दे, तो बाकी के शेष समय में भाजपा पदाधिकारियों और संगठन के इशारों पर ही हैं परिषद का संचालन होता रहा।

नगर पालिका धनपुरी में नई परिषद के लिए 10 सालों के बाद चुनाव हो रहा है, कभी कांग्रेस का रही धनपुरी को भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों तथा प्रदेश में बैठी भाजपा सरकार के इशारे पर नौकरशाहों ने कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा, 10 साल पहले हुए चुनाव के दौरान भी यह बात सामने आई थी, कि कांग्रेस से चुनाव मैदान में उतरे हनुमान खंडेलवाल और उनकी पूरी टीम चुनाव जीत चुकी है, लेकिन जीत के मुहाने पर पहुंचते-पहुंचते उनके कदम नौकरशाहों ने राजधानी में बैठे आकाओं के इशारे पर रोक दिए है।


बहरहाल मामला जो भी हो लेकिन एक बार फिर कल 13 जुलाई को धनपुरी में नई सत्ता के लिए मतदान होना है,बीते एक दशक के दौरान विधानसभा चुनाव , लोकसभा आदि चुनावों में हर बार कांग्रेसी हारती और गुटबाजी में डूबी नजर आई है, लेकिन इस बार बुढार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुजीत सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में कांग्रेस की तीन से चार महीनों के दौरान दर्जनों बैठक में हुई और इसमें सुजीत सिंह चंदेल को जिला कांग्रेस कमेटी ने भी बुढ़ार ब्लॉक के लिए जब फ्री हैंड कर दिया, तो कई गुटों में बटी कांग्रेस को सुजीत सिंह चंदेल ने एक माला में पिरो दिया, यही कारण रहा कि धनपुरी नगरपालिका के 28 वार्डों में टिकट वितरण को लेकर एक दो अपवाद को छोड़ दिया जाए तो बाकी की सीटों पर कोई विवाद की स्थिति सामने नहीं आई, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के दर्जनभर बागी उम्मीदवार मैदान में है, जाहिर है इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को चुनावों में भुगतना पड़ेगा, वही कांग्रेस को एकजुटता का फायदा भी मिल सकता है।

नगरपालिका के 28 वार्डो पर नजर डाले तो किसी भी वार्ड में कांग्रेस के प्रत्याशी या फिर संगठन के पदाधिकारी या कार्यकर्ता, कांग्रेस का विरोध करते नजर नहीं आ रहे हैं इसके ठीक उलट भारतीय जनता पार्टी में वार्ड नंबर 1 से लेकर 28 तक एक दो नहीं बल्कि दर्जनों ऐसे कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं,जो न सिर्फ चुनाव मैदान में हैं बल्कि भितरघात करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, हालात ये हैं कि अब भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों की आपसी लड़ाई सड़क पर आ चुकी है, इसे शांत कराने में धनपुरी के मंडल अध्यक्ष या फिर जिले के पदाधिकारी जो धनपुरी क्षेत्र से हैं,यही नहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भी पूरी तरह से नाकाम नजर आ रहे हैं।

दूसरी तरफ सुजीत सिंह के नेतृत्व , कुशल संगठन के कारण कांग्रेस एकजुट नजर आ रही है।

चुनाव के नतीजे जो भी हो भविष्य के लिए कांग्रेस पार्टी के लिए यह अच्छा संदेश है, जो आने वाले दूसरे निकायों के चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करेंगे।

बहरहाल मतदान का काउंटडाउन शुरू हो चुका है कल 13 जुलाई की सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान होना है वोटों की गिनती अब 20 जुलाई को होगी।

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