कांग्रेस को बढ़त के आसार, निर्दलियों के समकक्ष होगी भाजपा

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को लेकर बनने लगे समीकरण

(Amit Dubey-8818814739)

20 जुलाई को धनपुरी नगर पालिका के 28 वार्डाे के लिए हुए मतदान की गिनती होगी, इससे पहले कयासों का दौर हर चौराहे से लेकर शहर की हर गली में चल रहा है, पूर्वानुमानों के अनुसार यहां डेढ़ दशक बाद कांग्रेस के वापसी के संकेत मिल रहे हैं, कांग्रेस से बलमीत सिंह खनूजा, सुजीत सिंह चंदेल, प्रदीप सिंह, अशोक सिंह, मुबारक मास्टर, नारायण त्रिपाठी, अमित जैन, मनु सिंह, रामाशीष पटेल जैसे नेता प्रत्याशियों से हटकर धनपुरी में पार्टी के लिए रणनीति बनाते रहे, यही वजह है कि भाजपा इकाई तक सिमट सकती है, बावजूद इसके नगर के प्रथम व द्वितीय व्यक्ति के लिए दोनों ही दल राजनैतिक बिसात बिछाने में लगे हुए हैं।

शहडोल। लगातार धनपुरी से दो बार सत्ता में रहने वाली भाजपा टिकट वितरण व आपसी गुटबाजी के कारण इस बार जिले की इस महत्वपूर्ण नपा में अध्यक्ष की कुर्सी से बाहर होती नजर आ रही है, हालाकि कल 20 जुलाई को सुबह 9 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और दोपहर 12 बजे से पहले नतीजे भी सामने आ चुके होंगे, बावजूद इसके राजनैतिक विश्लेषकों की माने तो, 28 वार्डाे वाली नगर पालिका धनपुरी में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत तो नहीं, लेकिन भाजपा से डेढ़ गुना अधिक सीटें मिलने की संभावना है, वहीं दोनों ही दलो में टिकट वितरण को लेकर उपजे असंतोष के बाद इन दलों के बागी भी दहाई की संख्या में चुनकर परिषद में पहुंच सकते हैं। बहरहाल कांग्रेस जहां किसी भी स्थिति में 10 से नीचे वार्डाे में सिमटी नजर नहीं आ रही है, वहीं भाजपा को 10 तक पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है।
ये हैं अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की दौड़ में
चुनावों के नतीजे भले ही 20 जुलाई को आने हैं, लेकिन पूर्वाेनुमानों को लेकर न सिर्फ जीत-हार के फैसले हो चुके हैं, बल्कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की भी बिसात बिछने लगी है, भाजपा की ओर से दौलत मनवानी के बाहर होने के बाद यदि वार्ड नंबर 1 से पार्टी जीतती है तो, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रविन्दर कौर छाबड़ा एक बार फिर अध्यक्ष की दौड़ में होंगी, इन्द्रजीत सिंह छाबड़ा ने तो मतदान खत्म होते-होते ही न सिर्फ जीत का दावा किया, बल्कि जिताऊ पार्षदों के घरों के चक्कर भी लगाने लगे हैं, इधर भाजपा से दूसरा नाम बब्लू जायसवाल का है, जो वार्ड नंबर 17 से चुनाव मैदान में है, हालाकि भाजपा जिला महामंत्री राकेश तिवारी की पत्नी वार्ड नंबर 21 से बाजी मारती है तो, कमल प्रताप के लिए यह प्रत्याशी उपाध्यक्ष के लिए पहली पसंद हो सकती हैं, वहीं वार्ड नंबर 27 से दिलीप सोनी भी चुनाव जीतते हैं तो, दौलत मनवानी व कारोबारी राजीव सिंह इन पर पहले अध्यक्ष और फिर उपाध्यक्ष का दांव खेल सकते हैं।
कांग्रेस में अब गुटबाजी
कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष सुजीत सिंह चंदेल व बालमित सिंह खनूजा ने चुनावों से पहले कांग्रेस को एकजुट करने में सफल तो रहे, लेकिन मैदान से बाहर होने के बाद मुबारक मास्टर और नौशेरमा खान अपनी अलग ही बिसात बिछाते रहे, अब जब कांग्रेस का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है, ऐसे में भाजपा-कांग्रेस को छोड़ मिली जुली नगर सरकार बनाने की तैयारी अंदर ही अंदर चल रही है, हालाकि बिना हनुमान खण्डेवाल की सहमति के यह संभव: नहीं है, शहडोल से लेकर ब्लाक और विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस में इतनी कसावट तो है कि गुटबाजी और गुस्से का फायदा शायद ही भाजपा को मिल सके। यहां वार्ड नंबर 3 से पूर्व उपाध्यक्ष शोभाराम पटेल और वार्ड नंबर 17 से हनुमान खण्डेलवाल की प्रबल दावेदारी नजर आ रही है। दोनों ही धन-बल व बाहुबल के साथ ही राजनैतिक बिसात अपने पक्ष में करने में माहिर हैं।
यह है वार्डाे का पूर्वानुमान
वार्ड नंबर 1 से भाजपा व कांग्रेस के साथ ही निर्दलीय अजय कुशवाहा के स्कूटर की गति यदि तेज होती है तो, भाजपा बाहर हो सकती है, अन्यथा भाजपा का रास्ता साफ नजर आ रहा है, हालाकि इस वार्ड में भाजपा की लड़ाई-भाजपा से ही थी। नतीजे ठाकुर-ब्राम्हण समीकरणों के साथ ही बुढ़ार नगर परिषद के अध्यक्ष का कद भी तय करेंगे। वहीं वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस और भाजपा में सीधी लड़ाई तो थी, लेकिन भाजपा की बागी श्रीमती विनीता जायसवाल को बैकफुट से मिले भाजपा दिग्गजों के समर्थन ने अपनी ही पार्टी को दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। यहां विनीता का बढऩा ही भाजपा की हार सुनिश्चित करेगा। वार्ड नंबर 3 में कांग्रेस के शोभाराम पटेल का रास्ता खुद भाजपा के कर्णधारों ने रेडकार्पेट बिछाकर प्रशस्त कर दिया था, यहां भी भाजपा के पूर्व पालिका अध्यक्ष हंसराज तनवर और भाजपा के प्रत्याशी सुरेश लोधी की लड़ाई का फायदा कांग्रेस को मिलना तय है, यह सीट भी कांग्रेस की सुरक्षित सीट मानी जा रही है।
वार्ड नंबर 4-5 में भी कांग्रेस
वार्ड नंबर 4 में भाजपा के बागी दीपक राय ने पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण कुमार को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, यहां भी कांग्रेस के समशुद्दीन का जीतना तय माना जा रहा है, वार्ड नंबर 5 में भी भाजपा और कांग्रेस की सीधी लड़ाई थी, हालाकि इस वार्ड में अधिवक्ता आलोक राय और उनके परिवार के दीपक राय आदि का कब्जा रहा है, लेकिन इस बार यहां कांग्रेस के सूर्यप्रताप सिंह की पत्नी स्वीकृति सिंह की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है। वार्ड नंबर 6 में भाजपा ने मंदाकनी वर्मन तथा कांग्रेस ने सायमा कुरैशी को मैदान में उतारा था, लेकिन यहां निर्दलीय रूप से मैदान में उतरी अंशिका विश्वकर्मा की जीप चुनाव चिन्ह को जीत मिलने की संभावना है।
कोयलांचल के वार्डाे में 50-50
सेंट्रल हॉस्पिटल के इर्द-गिर्द पहले कोयलांचल के वार्ड नंबर 7 से इस बार भाजपा की मुश्किले बढ़ी है, हालाकि प्रत्याशी अधिक होने तथा पार्टी के ही करिश्मा तनवर के अलावा अजय प्रताप सिंह, ओंकार मिश्रा के साथ ही गुड्डू दाहिया ने पार्टी के लिए मुश्किले खड़ी की हैं, लेकिन कांग्रेस के कमजोर प्रत्याशी ने यह वार्ड भाजपा की झोली में डाल दिया है। वार्ड नंबर 8 से लगातार जीत हासिल करने वाले कांग्रेस के बालकरण विश्वकर्मा को उनके ही करीबियों ने आम आदमी पार्टी व निर्दलीय मैदान में उतरकर मुश्किल में डाल दिया है, जिस कारण भाजपा के नर्मदा प्रसाद पटेल भारी पड़ सकते हैं। यही स्थिति वार्ड नंबर 9 में भी हो सकती है, भाजपा के बागी कुमुद चतुर्वेदी यदि बढ़त लेते हैं तो, यहां कांग्रेस के संतोष सिंह जीत सकते हैं, दो बार पार्षद रहे अरविन्द सिंह तीनों की लड़ाई में आगे नजर आ रहे हैं।
बहुजन का खुल सकता है खाता
वार्ड नंबर 10 से बहुजन समाज पार्टी का खाता खुलने की संभावना है, यहां से कालीचरण भाजपा और कांग्रेस पर भारी रहे, वार्ड नंबर 11 में भी भाजपा के बागी उम्मीदवार फूलकुंवर चौरसिया बाजी मारती नजर आ रही है, यहां कांग्रेस चौथे या पांचवे नंबर पर रह सकती है, वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस के तीरथ सिंह आगे नजर आ रहे है, वहीं वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय उम्मीदवार नीतू कैलाश सोनकर पर मतदाताओं ने खुलकर भरोसा जताया, आस-पास के अन्य वार्डाे की तुलना में यह वार्ड सोनकर परिवार के पक्ष में सुरक्षित माना जा रहा है, वार्ड नंबर 14 से कांग्रेस के पूर्व पार्षद राजेश सूर्यवंशी और भाजपा के अशोक भारती में सीधी टक्कर है, कांटे की टक्कर में इस बार भाजपा कांग्रेस को पछाड़ती नजर आ रही है। वार्ड नंबर 15 आदिवासी वार्ड है, यहां कांग्रेस की कलावती बाजी मारती नजर आ रही हैं।
16 में भाजपा, 17 में कांग्रेस
धनपुरी मुख्य चौराहे से अमरकंटक रोड और माइक चौक तरफ जाने वाले मार्गाे पर वार्ड नंबर 16-17 और 18 स्थित हैं, यहां 16 में भाजपा प्रत्याशी को निर्दलीय जाकिर हुसैन कड़ी टककर दे रहे हैं, यहां कांग्रेस मैदान से बाहर है, फैसला भाजपा के पक्ष में जाने की उम्मीद है, वहीं वार्ड नंबर 17 में कांग्रेस के दिग्गज नेता हनुमान खण्डेलवाल को भाजपा नेता अरूण बब्लू जायसवाल ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन यह सीट कुछ अंतर से हनुमान की झोली में जाती नजर आ रही है, वार्ड नंबर 18 में यदि मुस्लिम समाज ने अंतिम समय में एकजुटता दिखाई होगी तो, कांग्रेस जीत सकती है, अन्यथा यह सीट भी भाजपा की झोली में जाना तय माना जा रहा है। वार्ड नंबर 19 मुस्लिम बाहुल्य है, यहां से भाजपा की चांद-बी और कांग्रेस की जहबीना बेगम के बीच मुकाबला है, यदि हिन्दू वोटों के साथ भाजपा प्रत्याशी ने मुस्लिम वोटों में सेंध लगाने में सफलता पा ली तो, यह सीट पहली बार भाजपा को मिलने की उम्मीद है, हालाकि यहां कांग्रेस भी बराबर मुकाबले में है।
20 में निर्दलीय, 21 में कांग्रेस
वार्ड नंबर 20 में निर्दलीय प्रत्याशी इम्मू उर्फ इमरान एक बार फिर इस वार्ड के निर्दलीय प्रत्याशी के विजयी होने के इतिहास को दोहराते नजर आ रहे हैं, हालाकि भाजपा के आनंद कचेर कड़ी टक्कर दे रहे हैं, लेकिन यहां भाजपा से ही प्रकाश रौतेल व अजय जायसवाल, निर्दलीय लवकुमार सिंह ने पार्टी के वोटों में सेंध लगा दी है, जिससे इम्मू की राह आसान नजर आ रही है, वार्ड नंबर 21 से भाजपा महामंत्री राकेश तिवारी और कांग्रेस के विनय सिन्हा में सीधा मुकाबला होने के बाद भी विनय भारी पड़ सकते हैं, 22 और 23 में कांग्रेस प्रत्याशी तो, 24 में निर्दलीय रमाशंकर कुशवाहा, 25 में भाजपा,26 में कांग्रेस और 27 में यदि भाजपा के बागी जगदीश सेन बढ़त लेते हैं तो, यहां कांग्रेस के नईम खान बाजी मार सकते हैं, बहरहाल भाजपा इस सीट को अपने खाते में जोड़कर चल रही है, वहीं वार्ड नंबर 28 में कांग्रेस की रेखा कोल, भाजपा की रमा मांझी पर भारी पड़ती नजर आ रही हैं।

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