जब्त रेत से तान दिया ठेकेदार ने शासकीय भवन

लाखों की रेत की चोरी से बेखबर खनिज विभाग

मामला मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन विकलांग छात्रावास परिसर

का

शहडोल। जिला प्रशासन माफिया के खिलाफ लगातार हर स्तर की कार्यवाहियां करने में जुटा हुआ है, वहीं सफेदपोश ठेकेदार प्रशासन की संपत्ति पर ही डाका डाल रहे हैं, मामला मुख्यालय स्थित विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष ग्राउण्ड का है, जहां विकलांग छात्रावास का निर्माण करा रही शिवा कंस्ट्रक्शन नामक फर्म ने खनिज विभाग द्वारा जब्त कर यहां रखी गई लाखों की रेत कथित कंपनी द्वारा चोरी कर ली गई, आरोप हैं कि जब मामले का खुलासा हुआ तो, कंस्ट्रक्शन कंपनी के संजय सिंह नामक जिम्मेदार ने एक से दो ट्राली रेत यहां रखी होने और उपयोग में लेने की बात स्वीकारी, लेकिन बीते माहों में यह मामला विभागीय पत्र व्यवहार में उलझने के बाद अभी तक ठण्डे बस्ते में हैं।
डेढ़ साल पहले जब्त की थी रेत
नायब तहसीलदार सोहागपुर के द्वारा 27 जून 2019 को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी सोहागपुर को इस संदर्भ में पत्र लिखा गया था, जिसमें ग्राम नरवार स्थित आराजी खसरा क्रमांक 398/1, रकवा 8.717 हेक्टेयर भूमि शासकीय ईमारती लकड़ी हेतु छोटे झाड़ के जंगल की भूमि पर अवैध रूप से रखे खनिज रेत का भण्डारण किया गया था, जिसे तत्कालीन एसडीएम सोहागपुर ने जब्त करने के बाद 25 जून को परिवहन कर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष स्थित मैदान में विभागीय अभिरक्षा में रख दिया था।
ठेकेदार ने की चोरी
विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा बीते वर्ष 8 जुलाई को उक्त मैदान से रेत गायब होने और ठेकेदार द्वारा रेत का उपयोग करने के संदर्भ में कलेक्टर सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक आयुक्त आदि को भेज पत्र में यह उल्लेख किया कि कार्यालय के समक्ष ग्राउण्ड में रखी गई रेत विकलांग छात्रावास का निर्माण करा रहे ठेकेदार द्वारा बिना अनुमति के उपयोग कर लिया गया, पूछने पर रेत वापस रखने की मौखिक बात कही गई है, इसकी सूचना खनिज विभाग में भी 06 जनवरी 2020 को दी जा चुकी है। इस संदर्भ में वरिष्ठ अधिकारियों से अग्रिम कार्यवाही हेतु निवेदन किया गया है।
न वसूली, न कार्यवाही
खनिज विभाग द्वारा जब्त की गई लाखों की रेत बिना अनुमति के चोरी-छुपे उपयोग कर ली गई, बीते 6 से अधिक माह से विभागीय अधिकारी इस मामलें में सिर्फ पत्र व्यवहार कर रहे है, न तो रेत चोरी के खिलाफ कोई अपराध पंजीबद्ध हुआ है और न ही वसूली के कोई प्रयास होते दिख रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *