मीडिया के सहयोग और समाज की जागरूकता से खत्म होगा कोरोना

राकेश सिंह
उज्जैन। कोरोना को हराने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और जनजागरूकता आवश्यक है। लोगों को जागरूक करने तथा किसी भी अभियान को सफल बनाने में मीडिया सबसे सशक्त माध्यम है। मीडिया के सहयोग और समाज की जनजागरूकता से देश-प्रदेश से कोरोना को समाप्त कर सकते हैं। यह बात स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रायसेन में जिला चिकित्सालय द्वारा कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण और बचाव के लिए आयोजित मीडिया कार्यशाला में कही।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्य विभाग, पुलिस तथा अन्य विभागों के कोरोना योद्धाओं का सम्मान करते हैं। हमें कोरोना से लड़ रहे कोरोना यौद्धाओं का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना को समाप्त करने के लिए किल कोरोना अभियान चलाया गया। इसके साथ ही सहयोग से सुरक्षा तथा रोको-टोको अभियान भी चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने का उद्देश्य दण्डित करना नहीं है, बल्कि मास्क लगाना लोगों की आदत में लाना है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कर जनता के सहयोग से कोरोना को देश-प्रदेश से समाप्त करेंगे। मीडिया, कमियों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराता है, जिससे सरकार के कामकाज में सुधार ला सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतत्व में कोरोना को जड़ से समाप्त करने के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में फीवर क्लीनिक खोले गए हैं जिससे कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच में तेजी आई है। समय पर जाँच होने और बीमारी का पता चलने पर मरीजों का त्वरित उपचार किया जा रहा है परिणामस्वरूप कोरोना मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोगों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सालयों में वेंटीलेटर सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की टेस्टिंग कैपेसिटी बढ़ाई जा रही है। प्रदेश में एक दिन में 24 हजार से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि लोगों को चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रायसेन जिले के 9 प्राथमिक केन्द्रों सहित सीहोर, विदिशा एवं राजगढ़ जिले के 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में   ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा प्रारम्भ की गई है। इसके माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ई-संजीवनी के माध्यम से मरीजों को एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार हेतु परामर्श प्राप्त हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के, दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग जो एम्स नहीं जा सकते, वह ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन केन्द्र में आकर उपचार करा सकेंगे।

कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग

मीडिया कार्यशाला में कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने कहा कि मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर हम कोरोना जैसी महामारी से स्वयं का और अन्य लोगों का बचाव कर सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। बुखार, सिरदर्द, खांसी, जुकाम, गले में खराश तथा सांस लेने में तकलीफ होने पर वे तुरंत चिकित्सालय में जांच कराएं।
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री तथा डीपीएम शिखा सारावगी ने कोविड-19 संक्रमण और उससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने संबंधी जानकारी विस्तार से दी। मीडिया कार्यशाला में अनेक पत्रकारों ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण और बचाव के लिए सुझाव भी दिए। मीडिया कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका शुक्ला सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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