भुखमरी की कगार पर न पहुंचा दे कोटेदार

3 माह से तरस गए राशन को, कलेक्टर से की शिकायत

गरीब परिवार, बीपीएल. राशन कार्डधारी व पात्रता धारकों को नही

मिल पा रहा राशन

 

(शंभू यादव)

शहडोल। शहर में कोटेदार की मनमानी से हजारों वार्डवासियो के घर में राशन के लाले पड़े गए हैं। मामला इतवारी मोहल्ले के वार्ड नं पुराने 8 नए 11 में विगत 3 से 4 माह से राशन वितरण का कार्य पुरी तरह से बंद है। जिसके चलते पूरे वार्डवासी राशन को लेकर काफी परेशान है जिसकी शिकायत पूर्व में खाद्य विभाग को 10 दिन पहले दे दी गई थी लेकिन आज तक इस समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। बीते दिनों की गई शिकायत पर संबंधित अधिकारी ने वार्ड के दर्जन भर लोगों से बयान दर्ज कर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की बात कही थी लेकिन आज दिनांक तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया जिससे तंग आकर वार्ड वासियों ने अब इसकी सूचना जिला कलेक्टर को सौंप दी है।
सरकारी सिस्टम से परेशान वार्डवासी
शिकायत में बताया गया कि शहर के इतवारी मोहल्ला में विगत तीन से चार माह से राशन नहीं मिल पा रहे हैं जिसकी वजह से वार्ड के गरीब परिवार ,बीपीएल राशन कार्डधारी एवं पात्रता पर्ची धारको के घर राशन के लाले पड़ गए हैं। तभी इसकी सुचना खाद्य अधिकारी सहित नगर पालिका को भी दी गई थी लेकीन समस्या जस की तस बनी हुई है। वही सरकारी सिस्टम से तंग आ कर इसकी सूचना जिला कलेक्टर को देकर राशन दुकान खुलवा कर गरीबों को राशन वितरण करने की बात कही है, वहीं यदि उक्त दुकानदार राशन का वितरण नहीं करता तो अन्य दुकान से राशन दिलवाने की भी गुहार लगाई है। लोगों ने आरोप लगाया है कि कोटेदार की मनमानी इस कदर हावी है कि माह में जब मन किया तभी दूकान खुलती हैं लेकिन इसकी सूचना हितग्राहियों को नहीं मिलती। वॉर्ड के कई कार्ड धारियों को तो 5 से 6 माह हो रहे हैं जिन्हे राशन नहीं मिला है। और तीन माह से तो पुरे कार्ड धारी ही परेशान है।
सिंहपुर के ग्रामीणों को भी नही मिला राशन
राशन की काला बाजारी में शहर ही नही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमकर लूट खसोट की गई है लोगों को राशन उठाव न होने का बहाना बनाकर कर 2 माह का राशन डकार लिया गया है जहां सिहपुर क्षेत्र में भी सैकड़ा भर से ज्यादा लोगों को राशन बीते 2 माह के नहीं मिल पाए हैं। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सिंहपुर में भी राशन के बड़े गोलमाल के आरोप लग रहे हैं पूर्व में भी यहां के ग्रामीणों को कोरोना काल में मिलने वाली दाल को ही कोटेदार हजम कर गए जोकि मनमाने दामों में दुकानदारों सहित गल्ला व्यापारी को बेचे गए थे यही मामला पास के हर्रा टोला क्षेत्र में भी जमकर हुआ था यहां के ग्रामीणों ने तो इसके आरोप भी मीडिया तक पहुंचाए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने इस मामले को ले देकर ठंडा कर दिया।
यारिफ की 66+50 बोरी का खेल
सिंहपुर के कोटेदार यारीफ खान के ऊपर यह भी आरोप लगे हैं , बीते माह आए राशन को बेच दिया गया है, जिसकी वजह से कई हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पाए, जब यह मामला सुर्खियों में आया तो यारीफ ने क्षेत्र की राइस मिल से 66 बोरी चावल व कनकी उठवा कर ग्रामीणों में बटवा दिए वही हर्राटोला से भी 50 बोरी चावल मंगवा कर हितग्राहियों में बटवा दिए, लेकिन अभी भी कई बैगा हितग्राहियों को बीते माह का राशन प्राप्त हुआ, ऐसा भी नही की इस पूरे काले कारनामे की जानकारी संबंधित विभाग को नहीं, लेकिन गांधी के आगे सबने आँखे मूंद रखी है, यदि इस मामले की बारिकी से जांच की जाए तो बड़े हेरफेर का खुलासा हो सकता है।
कोटेदार ने डकारा खाद्यान्न
सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लोगों को यह सहूलियत दे दी है कि सभी को हर महीने सरकारी राशन की दुकान से गेहूं, चावल मिले, जिससे लोग भूखमरी के शिकार न हो। लेकिन यहां सरकार के इस योजना का दुरूपयोग विभाग और कोटेदार की मिलीभगत से गरीबों के लिए आये खाद्यान्न को भी कोटेदार डकार रहा है, मजे की बात तो यह है कि सिंहपुर के कथित कोटेदार ने अपने अपने सगे संबंधियों व जाति वालों को तो समय से राशन दे दिया, लेकिन बाकी आदिवासियों का बचा राशन हर्राटोला सहित मील में पहुंचाकर बंदरबांट कर लिया।
इनका कहना है…
हां सिंहपुर कोटेदार ने मुझसे 66 बोरी चावल और कनकी ली है, मैनें पैसे लेकर कोटे तक राशन पहुंचवाया है।
दीपक गुप्ता
मील संचालक
सिंहपुर
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मील से तो राशन आना नहीं चाहिए, क्यों आया यह जांच का विषय है। अगर गलत हुआ है तो, कार्यवाही होगी।
आर.एन. जाटव
फूड इंस्पेक्टर
शहडोल

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