दयालू-रघुनाथ हुए बेघर, जिम्मेदार मौन बारिश से गिरा घर, मुआवजे की दरकार

घुनघुटी/उमरिया। शहडोल मुख्यालय से सटे उमरिया जिले के ग्राम घुनघुटी में बीते दिनों हुई लगातार बारिश से दर्जनों ग्रामीणों के आवास जमींदोज हो गये, पहले से ही कोरोना संकट के कारण बेरोजगारी व भुखमरी तक पहुंच चुके ग्रामीणों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। आवास धराशाही होने के बाद अब आदिवासियों के पास सर छुपाने तक को जगह नहीं है, लेकिन राजस्व विभाग सहित प्रशासन में बैठे अन्य अधिकारी इनकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

नहीं मिली सहायता
पिछले दिनो हुई भारी वारिश से घुनघुटी के बस्ती में 2 घर रात मे गिर गये, रात को 3 से 4 बजे के बीच घर गिर जाने से किसी प्रकार की जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन आदिवासी समुदाय के दयालू बैगा व रघुनाथ बैगा तथा अन्य कई परिवार बेघर हो गये, दयालू ने बताया कि घटना के दिन रात को वह पूरे परिवार के साथ घर पर ही सो रहा था, अचानक घर गिरता देख पूरे परिवार के साथ जान बचा कर भागे बाहर निकलते समय उन्हे हल्की फुलकी चोटे भी लगी है अभी तक पंचायत की तरफ से कोई सहायता नही मिली है।

कई परिवार परेशान
आदिवासियों ने बताया कि आवास गिरने की जानकारी उनके माध्यम से स्थानीय पटवारी से लेकर पंचायत के जिम्मेदारों तक को दी गई है, पूरे गांव को इस बात की खबर है, लेकिन क़ई बार पंचायत के चक्कर काटने के बाद भी कोई पंचायत कर्मी अभी तक सुध लेने नहीं पहुंचा , न तो पटवारी साहब ही अभी तक मुआयना करने पहुंचे, जिस कारण कई परिवार परेशान हैं।

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