मृतक पंच को बनाया ग्राम प्रधान, पोल खुली तो जारी हुआ नया आदेश

विक्रांत तिवारी
शहडोल। संभागायुक्त को दी गई शिकायत में अनूपपुर जिले की जनपद अनूपपुर के मुख्यालय बदरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सेमरा में मृत व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनाने का उल्लेख किया गया है, शिकायत में इस बात का उल्लेख किया गया है कि ग्राम प्रधान को लेकर यहां गहमागहमी जोरों पर है 29 अगस्त 2020 को कार्यालय कलेक्टर जिला अनूपपुर पत्र क्रमांक 1279/ जि. प. /प प्रको 2020 के पत्र में ग्राम पंचायत सेमरा में तात्कालिक सरपंच मुन्ना अगरिया के जगह ग्राम प्रधान के पद पर अनंतराम पिता शिव प्रसाद को ग्राम प्रधान बनाया गया जिसके बाद आदेश पारित होने के कुछ ही दिनों में कार्यालय कलेक्टर जिला पंचायत अनूपपुर द्वारा पत्र क्रमांक 1347/ जि. प. /प प्रको 2020 में 3 सितंबर 2020 को दोबारा आदेश पारित करते हुए अनंदराम की जगह रूपवती पाव पति सुंदर पाव को ग्राम प्रधान बना दिया गया, जिसका कारण 3 साल पूर्व मृत पंच को कलेक्टर के आदेश पर ग्राम प्रधान के पद पर स्वर्गीय अनंदराम को बनाया जाना बताया गया , बताया गया कि सत्ता पक्ष के पदाधिकारी और प्रशासन में बैठे आला अधिकारियों के द्वारा मरे हुए व्यक्ति को ग्राम प्रधान 6 दिनों के लिए बना दिया गया अब जब ग्राम में उसका विरोध होने लगा तो 3 सितंबर को नए ग्राम प्रधान की नियुक्ति कर दी गई।
ग्राम प्रधान का सामुदायिक भवन में कब्जा
दूसरा मामला ग्राम पंचायत सेमरा के वर्तमान ग्राम प्रधान का है जिन्होंने तो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एसईसीएल हसदेव एरिया द्वारा समुदायिक भवन सन 2011 12 मई सीएसआर योजना के तहत ग्राम पंचायत सेमरा के ग्राम भलमुडी के खसरा क्रमांक 45/1 रकवा 0,538 जो कि मध्यप्रदेश शासन की भूमि पर 20 लाख की लागत से ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाए गए समुदायिक भवन पर कब्जा कर लिया गया 7 वही ग्राम पंचायत पर अपना दबदबा दिखा दबंगई से समुदायिक भवन पर अपना गृहस्थ जीवन यापन कर रहे हैं समुदायिक भवन को ही अपना बसेरा बना लिया है वही बाउंड्री के अंदर ट्रैक्टर रखने के लिए अड्डा बना रखा है इतना ही नहीं समुदायिक भवन से लगे शासकीय भूमि पर भी कब्जा कर वर्तमान ग्राम प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास का भी लाभ रोजगार सहायक के सहयोग से स्वीकृत करवा लिया है, जिसकी शिकायत 2 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत सेमरा के तत्कालीन प्रधान मुन्ना अगरिया द्वारा कमिश्नर शहडोल , कलेक्टर अनूपपुर, जिला पंचायत सीईओ तथा जनपद पंचायत बदरा सीईओ को पत्र लिखते हुए समुदायिक भवन को खाली करा ग्राम पंचायत को हैंडोवर करने की शिकायत बार-बार लेकिन प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण के कारण वर्तमान ग्राम प्रधान की दबंगई देखते बनती है और प्रशासन भी ग्राम प्रधान के सामने नतमस्तक होता हुआ नजर आ रहा है आज भी भवन ग्राम प्रधान के कब्जे में है जिससे भवन का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाता है।
ग्राम पंचायत व प्रशासन के बिना जानकारी बन गई बाउंड्री बॉल
पंचायत ग्राम पंचायत सिमरा में विकास कार्य के नाम पर लूट सी मची है शासकीय हाई स्कूल प्रांगण में निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव उपयंत्री के बिना सूचना व जानकारी के तथाकथित ठेकेदार धर्मेंद्र सिंह जोकि सरला सिंह जिला पंचायत सदस्य के पति हैं के द्वारा शुरू कर दी गई जबकि उपरोक्त बाउंड्री वाल निर्माण की जानकारी ना तो ग्राम पंचायत एजेंसी हुआ उपयंत्री को थी फिर भी सत्ता पक्ष के होने के कारण एवं पत्नी की जिला पंचायत सदस्य होने का फायदा उठाते हुए 143 मीटर ईट बाउंड्रीबॉल का निर्माण कर दिया गया, जिसकी शिकायत तत्कालिक सरपंच मुन्ना लाल अगरिया के द्वारा की गई जिस पर कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर ने पत्र जारी कर जांच करने के आदेश दिए थे जिसमें स्पष्ट रूप से अंकित था कि निर्माणाधीन बाउंड्री वाल का निर्माण प्लिंथ बीम के निर्माण कराए बिना ही किया जा रहा था जहां जांच में पहुंचे उपयंत्री ने अपने पत्र में सत्यापित करते हुए बताया है की बाउंड्री वॉल निर्माण में ग्रुप गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया जिसमें पिलिन्थ बीम का तो पता ही नहीं है जिससे निर्माण की गई बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर पुणे पिलिन्थ बीम बनाकर बाउंड्री वॉल निर्माण का आदेश दिया गया।
भ्रष्टाचार के लिए ग्राम प्रधान को किया पद से पृथक
भ्रष्टाचारियों ने शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत प्रधान मुन्ना अगरिया को गुणवत्ता विहीन कार्यों के भुगतान करने के लिए दबाव डाला जाने लगा गुणवत्ता विहीन कार्य का भुगतान मना करने के बाद मना करने का सत्ता पक्ष के प्रभावशाली नेता ने अपने ठेकेदार को भुगतान न होने पर सत्ता और अपने पद की धौस दिखाते हुए ग्राम पंचायत तत्कालीन प्रधान मुन्ना अगरिया को पद से हटवा कर अपने चहेते शुभचिंतक को ग्राम प्रधान का दर्जा दिलवा दिया जिसमें दबाव में आकर जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने अपनी महती भूमिका अदा की।
तो क्या भ्रष्टाचार करने के लिए निर्दोष को हटाया
भ्रष्टाचार को अंजाम देने हेतु ग्राम प्रधान के पद पर रहे मुन्नालाल अगरिया को पद से पृथक करते हुए बाउंड्री वॉल निर्माण के भुगतान और सामुदायिक भवन पर कब्जा बना रहने हेतु पहले तो स्वर्गीय पंच को ही ग्राम प्रधान बना दिया गया जिसके बाद पंचायत में हंगामा खड़ा हुआ और 6 दिनों के बाद नए ग्राम प्रधान की नियुक्ति जिला कलेक्टर द्वारा कर दी गई जिस पर सत्ता पक्ष के जिला पदाधिकारी ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया, जिसके बाद जनप्रतिनिधि को हटाकर अपने चहेते को ग्राम प्रधान पद से नवाजा गया।
क्या उच्च अधिकारियों पर भी होगी कार्यवाही
आनन-फानन में स्वर्गीय पंच को ग्राम प्रधान बनाए जाने पर जिला के उच्च अधिकारी कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर जांच कर कार्यवाही की जाएगी या अन्य मामलों की तरह उच्चाधिकारियों के शामिल होने के कारण यह मामला भी रफा-दफा कर दिया जाएगा। स्वर्गीय पंच के ग्राम प्रधान के बनाएं जाने एवं मृत को जिंदा कर 6 दिन पंचायत को मृतक ग्राम प्रधान के द्वारा चलाए जाने की जांच की जानी चाहिए, क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि मृतक पंच आनंद राम की मृत्यु 3 वर्ष पूर्व में हो गई थी वही 2020 में मृतक पंच को ग्राम प्रधान से पदोन्नत कर दिया गया इस गलती के जिम्मेदार अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही की आस ग्रामीणों द्वारा लगाई जा रही है।

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