डीजल चोर मस्त , पुलिस पस्त

शशितांत कुशवाहा
सिंगरौली। जिला औद्योगिक नगरी का खिताब लिए बैठा है ऊर्जा धानी के रूप में विख्यात सिंगरौली भले ही औद्योगिक एवं राजस्व देने के मामले में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है इसके अलावा जिले के नाम के साथ ही अवैध कार्यों के लिए बदनाम भी बहुत है औद्योगिक नगरी का नाम आते ही सबकी जुबां पर कोयला कबाड़ डीजल खुद ब खुद आ ही जाता है और आये भी क्यों न इन सभी पर लगाम लगा पाना शायद पुलिस के हाथ से बाहर दिख रहा है एक तरफ कानून के लंबे हाथ हैं वहीं दूसरी तरफ अवैध कारोबारी के हौसले ।
क्या है मामला
सिंगरौली जिले में एक तरफ जहां नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड की कोयले की खदान है वहीं दूसरी तरफ पावर सेक्टर की नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन के पावर प्लांट भी हैं इसके अलावा अन्य प्राइवेट कंपनियां भी जिले में स्थापित हैं । लगातार जिले में कई वर्षों से कोयला कबड्डी जल से जुड़े माफियाओं का एकतरफा राज रहा है । कोयला खदानों से लगातार सक्रिय रूप से कबाड़ एवं डीजल माफिया अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं वही इन माफियाओं के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि बाहर से आने वाली गाड़ियों के ड्राइवरों के साथ मारपीट लूटपाट व ट्रकों से डीजल भी बेखौफ चुरा ले जाते हैं और वह भी तब जबकि महज कुछ किलोमीटर दूर पुलिस चौकी है ।
ट्रक चालक ने बताया कई बार हो चुकी है चोरी की घटनाएं
इंदौर से आए हुए ट्रक चालक ने बताया कि विगत 2 माह पूर्व में जयंत के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन एक्सप्लोसिव मे जब माल खाली करने के लिए रात में कंपनी के बाहर वाहन को खड़ा किया था तब 6 से 7 की संख्या में कुछ लोग आकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया वही मामले की पुलिस में शिकायत को लेकर सवाल करने पर ड्राइवर ने बताया कि घटना की शिकायत के बाद डायल 100 पर आई तो पुलिस चौकी जयंत ले जा कर खानापूर्ति की और तो और शिकायत की रिसिविंग भी नही दिया ।
पुलिस पेट्रोलिंग में उठे सवाल
मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह घटनाएं सुबह के 4 से 5 के बीच की ज्यादा है जिसमे पुलिस पेट्रोलिंग पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहें हैं ।लंबे अर्से से सक्रिय माफिया पर पुलिस का शिकंजा न कस पाना भी सवालों के घेरे में है । बहरहाल अब देखने वाली बात होगी कि मामले में आखिर क्या कार्यवाही होती है ।

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