मीडिया को हथियार बना खुद की दुश्मनी भंजा रहे दीपनारायण @ जेल तक की हवा खा चुके हैं कथित पत्रकार

हर साल औसतन 10 से 12 शिकायतें देते हैं दीप नारायण

उमरिया । नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता व भाजपा नेता शंभू लाल खट्टर से आए दिन समाचार पत्रों में दीप नारायण सोनी नामक कथित पत्रकार से विवाद की चर्चाएं आम होती रहती है,यह सिलसिला आज या कल से नहीं बल्कि बीते कई वर्षों से चल रहा है, ऐसे चलन कब शुरू हुआ और दीप नारायण की कौन सी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने शंभू लाल खट्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, यह तो एक लंबी कहानी है,लेकिन सवाल ये उठता है कि दीप नारायण का विवाद सिर्फ शंभू लाल खट्टर से ही क्यों होता है…?? और हर 2 से 3 महीने के बाद दीप नारायण पत्रकारिता को आड़ बनाकर सिर्फ शंभू लाल खट्टर के खिलाफ ही मोर्चा क्यों खोल देते हैं।

शंभू लाल खट्टर के इतिहास पर नजर डाली जाए तो शंभू लाल खट्टर न सिर्फ जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता है बल्कि, भारतीय जनता पार्टी की जिले की राजनीति में उनका बड़ा कद है, बात चाहे कैबिनेट मंत्री मीना सिंह की हो या पूर्व सांसद तथा वर्तमान विधायक ज्ञान सिंह व लल्लू सिंह के परिवार की हो,भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हर जनप्रतिनिधि शंभूलाल का करीबी रहा है, शंभू लाल खट्टर का भारतीय जनता पार्टी को उमरिया मुख्यालय में कदम स्थापित करने में बड़ा योगदान रहा है, यही नहीं शंभू लाल खट्टर की व्यापारिक व सामाजिक पृष्ठभूमि भी है, इनका परिवार संभागीय मुख्यालय सहित आसपास के प्रतिष्ठित व्यापारियों में गिना जाता है,नगर पालिका उमरिया में भी इनके परिवार का कब्ज़ा रहा है, इतना ही नहीं सिंधी समाज में भी शंभू लाल खट्टर का खास ओहदा है।

बीते 3 से 4 महीने के दौरान शंभू लाल खट्टर के ऊपर एक फर्जी शिकायत और फिर उसे अपने ही समाचार पत्रों में खुद की शिकायत बनाकर प्रेषित करना, अब एक आम बात हो चुकी है, पूर्व में भी प्रकाशित की गई खबरों को लेकर शंभू लाल खट्टर ने पत्रकार दीपनारायण सोनी के खिलाफ मानहानि तक का मामला दायर किया है, शंभू लाल खट्टर से जुड़ी कोई भी घटना या चर्चा जब होती है तो दीप नारायण सोनी जैसे पत्रकार उस मामले में खोह ढूंढने लगते हैं, दीप नारायण सोनी इन दिनों जिस विवाद को जन्म दिया है, उसमें दीप नारायण सोनी के आरोप है कि शंभू लाल खट्टर वरिष्ठ अधिवक्ता ने उनके साथ गाली गलौज की।

वहीं बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी उमरिया के साथी अधिवक्ता संघ उमरिया व्यापारी संघ उमरिया तथा अन्य संगठनों ने दीप नारायण सोनी की चरित्र और पत्रकारिता की आड़ लेकर किए जा रहे कृत्यों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को अलग-अलग ज्ञापन भी सौपे हैं।

दीप नारायण सोनी ने उमरिया मुख्यालय में एक प्रेस कार्यालय भी बनाया हुआ है, जहां से आधा दर्जन से अधिक पत्रकारों का जमघट लगा रहता है, सभी प्रतिष्ठित पत्रकार मित्रता और पत्रकारिता के भाईचारे के कारण दीप नारायण के इस गलत आवाज को चाह कर भी नहीं उठा पा रहे हैं, लेकिन उनकी खामोशी के कारण उनकी पत्रकारिता और उनकी साख पर दीपनारायण जैसे तथाकथित पत्रकार दाग लगा रहे हैं।

चंद बड़े अखबारों की एजेंसी लेकर अखबार बेचना और उसकी आड़ में किसी संभ्रांत व्यक्ति के खिलाफ लगातार आपसी द्वेष के कारण समाचार प्रकाशित करना पीत पत्रकारिता की श्रेणी में आता है, वैसे भी दीप नारायण का इतिहास और उनके खिलाफ पुलिस सहित कलेक्टर कार्यालय में बीते वर्षों के दौरान दर्जनों शिकायतें किसी से छुपी नहीं हैं , दीपनारायण का आपराधिक रिकॉर्ड भी पूरे उमरिया की जनता जानती है, खबर है कि वर्तमान में भी उसके ऊपर लगभग 5 आपराधिक मामले चल रहे है यही नहीं तथाकथित पत्रकार कहे जाने वाले दीप नारायण आईपीसी की धारा 419,409,467,468 व 420 के तहत लगभग एक माह तक जेल में भी रह चुके है, फिर भी जनाब सफेदपोश बनकर पत्रकारिता को बदनाम करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।

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