एरियर्स के नाम पर 6 लाख का गबन

अतिथि शिक्षक को वरिष्ठों से मिला अभयदान

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धूल खा रही जांच रिपोर्ट

उमरिया। जिले के पाली जनपद अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुड़ी में पदस्थ अजय कुमार द्विवेदी की अतिथि शिक्षक में वर्ष 2008-09 में भर्ती की गई थी। जिसके नाम पर 6 लाख रूपये निकाल लिया गया और शिकायत करने पर राशि वापस भी करा ली गई है। आरोप हैं कि बीईओ कार्यालय के अधिकारी और सहायक आयुक्त ने मिलकर नियम विरूद्ध अजय द्विवेदी को सहायक ग्रेड-3 में भर्ती कर लिया गया है। जबकि व्यापम परीक्षा के बगैर भर्ती किया ही नहीं जा सकता।
मुखिया के पास पहुंची थी शिकायत
संभागीय महामंत्री शिक्षक कांग्रेस के राधेश्याम शर्मा ने कलेक्टर से शिकायत दर्ज कराई थी कि अजय द्विवेदी अतिथि शिक्षक हैं, इनको सहायक ग्रेड-3 कैसे बना दिया गया। संभागीय महामंत्री ने इस संबंध में आरटीआई के तहत जानकारी भी मांगी थी, लेकिन आज तक किसी भी प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये।
नहीं दी गई जानकारी
यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, शिकायत है कि अजय कुमार द्विवेदी को बीईओ कार्यालय के कर्ता-धर्ता व अधिकारियों ने मिलकर अतिथि शिक्षक से सहायक ग्रेड-3 में भर्ती कर लिया गया है, जबकि ऐसा संभव ही नहीं है। इतना ही नहीं अजय कुमार द्विवेदी का एरियर्स के नाम पर 6 लाख 12 हजार 94 रूपये निकाल लिया गया है। जिसकी शिकायत व आरटीआई में जानकारी मांगे जाने पर राशि वापस किये जाने का जिक्र किया गया है। जबकि अतिथि शिक्षक को किसी भी प्रकार का एरियर्स दिया ही नहीं जा सकता, यह एरियर्स सहायक ग्रेड-3 को दिया जा सकता है, लेकिन इस मामले की आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
जांच रिपोर्ट के नाम पर खेल
बताया गया है कि इस मामले में कलेक्टर से शिकायत करने पर जांच जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई थी, जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के दो प्राचार्याे को यह जांच सौंपी थी। दोनों प्राचार्याे ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है, लेकिन सहायक आयुक्त कार्यालय से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जांच टीम में शामिल प्राचार्याे को सभी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराये गये थे, उनको जो दस्तावेज मिले हैं, उसकी रिपोर्ट सहायक आयुक्त को भेज दी गई है।
इनका कहना है…
यह मामला पुराना है, जांच मिली थी, लेकिन जांच के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये, जो दस्तावेज मिले उस आधार पर रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी गई है।
अशोक पाण्डेय
प्राचार्य, जांच अधिकारी

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