तीन संतानों के बाद भी अयोग्य नहीं कर्मचारी !

2001 के बाद की होगी तीसरी संतान तो जायेगी नौकरी

शहडोल। सरकारी नौकरी में रहते हुए तीसरी संतान को जन्म देने वाले शासकीय सेवक की सेवा समाप्त किए जाने के प्रावधान है, संभाग में कई विभागों में आज भी दर्जनों कर्मचारी सिविल सेवा नियम के उल्लंघन के आरोपी हैं। इन सभी कर्मचारियों की दो से ज्यादा संतानें हैं। पूर्व में कुछ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। संभवत: दो से ज्यादा संतान को जन्म देने वाले कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फैसला भी सुनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि शासकीय नौकरी हासिल करते वक्त बच्चों की जानकारी छिपाने के चक्कर में संभाग के चिकित्सा, शिक्षा सहित अन्य विभागों में शासन को गुमराह कर अपने दो बच्चे होने की जानकारी अधिकारियों से छुपाकर नौकरी हासिल की है, साथ ही कई ऐसे कर्मचारी है, जिन्होंने दो संतान होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए तीसरी संतान को जन्म दिया और आज भी शासकीय सेवा में लगे हुए है और जिम्मेदारों को जानकारी होने के बावजूद कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठा पा रहे हैं।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा अधिनियम 1961 के तहत जिनके तीसरे बच्चे का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ उनको सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती, महिला हो या पुरूष, सभी पर ये कानून लागू होने के बाद अगर तीसरा बच्चा होता है तो, वे सरकारी नौकरी पाने के लिए अयोग्य होगा, उसे सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी और न ही शासकीय योजनाओं का लाभ ही मिलेगा, इस कानून के तथ्य छिपाकर नौकरी करने पर सख्त कार्यवाही का प्रावधान भी है।

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