लक्ष्मीनारायण के भ्रष्टाचार में इंजीनियर की मेहरबानी

मनरेगा कार्य में लगा दी जेसीबी मशीन
ग्राम पंचायत दारसागर के मनरेगा कार्य में लगा दी मशीन
अब बैक डेट में फर्जी मस्टररोल लगाकर चपत लगाने की सोच रहा लक्ष्मी नारायण
पंचायतों मे जिम्मेदारों से सांठ-गांठ कर अपना कब्जा जमाये लक्ष्मीनारायण गुप्ता ने पंचायतो में बिलों की ढेर लगा दी है, अब  दारसागर पंचायत में मनरेगा के कार्य में जेसीबी लगाकर गरीब मजदूरों का भी हक मार दिया है, इसके पूर्व कई पंचायतों में सप्लायर बनकर वह सब कुछ बेच दिये। अपने फर्म का बिल उपयोग कर बूंदी, नमकीन, कुर्सी, किराया, टेंट सहित गिट्टी, रेत, सीमेंट के साथ ही वह सब कुछ बेंच रहे है जो पंचायत को चाहिए और जिम्मेदार मौन है।
अनूपपुर। जनपद पंचायत अनूपपुर के पंचायतों में मटेरियल सप्लायर बने लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने ग्राम पंचायत के पैसे एवं जनता के पैसों का जमकर बंदरबांट किया है, पहले तो फर्जी जॉब कार्ड बनाकर अपने और अपने पत्नी के खातों में हजारों लाखों का मजदूरी भुगतान कराया और अब मटेरियल सप्लायर और ठेकेदार बंनकर पंचायतों में जमकर भ्रष्टाचार कर रहा है। जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत दरसागर में जोगी नाला से लेकर गौशाला और शिलहरा घाट की ओर जाने वाली सड़क में 11 लाख की लागत से ग्रोबल सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है जहां लक्ष्मी नारायण ने पंचायत एजेंसी से कमीशन पर कार्या लेकर मनरेगा में मजदूरों के बजाय जेसीबी से कार्य कर रहा है और बताया जाता है कि लक्ष्मीनारायण अपने रिश्तेदार इंजीनियर दुर्गेश के मदद से बैक डेट में भी इस रोड का पेमेंट कराने की फिराक में है ग्रोबल सड़क निर्माण में मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान करना था, लेकिन गुप्ता जी ने जुगाड़ लगाकर जेसीबी से कार्य कराया और फर्जी मस्टररोल के माध्यम से राशि आहरण करने के जुगाड़ के फेर में है।
ये है करोडपति मनरेगा का मजदूर
दारसागर के अलावा और भी पंचायतों में इनके भ्रष्टाचार के मामले हैं जिनमें ग्राम पंचायत पयारी नंबर-2 के साथ अन्य पंचायतों में विकास की जगह भ्रष्टाचार और लूट की विकाश यात्रा लंबी चली है, सरपंच और सचिव की मेहरबानी और चंद कमीशन के फेर में नियम विरूद्व तरीके से लक्ष्मीनारयण गुप्ता के नाम से बनें फर्म से कारोडों के कारोबार के बाद फर्म संचालक लक्ष्मीनारयण गुप्ता और उसकी पत्नी उमा के नाम पर फर्जी जॉब कार्ड बना कर लाखों रूपये का मजदुरी भुगतान मनरेगा के माध्यम से किया गया था। जिसमें सरपंच व सचिव ने इंजीनियर के साथ मिल कर फर्जी मास्टर रोल तैयार कर पंचायत की राशि का अहरण कर लिया गया। ठीक उसी प्रकार अब दारसागर में भी इंजीनियर सरपंच से मिलकर फर्जी मस्टररोल के माध्यम से गरीब मजदूरों के हादसा मनरेगा की राशि निकालने के फेर में है।
मुरूम की जगह मिट्टी से काम
ग्रेवल सड़क निर्माण में मुरूम की जगह मिट्टी का इस्तेमाल कर लक्ष्मी नारायण गुप्ता दलसागर पंचायत में 11 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सड़क की राशि को बंदरबांट करने के फेर में लगे हुए हैं नियम अनुसार ग्रेवल सड़क निर्माण में बोल्डर गिट्टी और मुरूम डालकर सड़क निर्माण किया जाता है, लेकिन लक्ष्मीनारायण ने तो 11 लाख की लागत से बनने वाले ग्रेवल सड़क में मोरम की जगह मिट्टी डालकर कार्य पूरा करवा दिया और आप इंजीनियर सरपंच सचिव को कमीशन देकर बैक डेट में पेमेंट कराने की भी जोर शोर से तैयारी चल रही है, आखिर इस तरह के भ्रष्टाचार को अंजाम देने के लिए पूर्व इंजीनियर दुर्गेश और सरपंच ने मिलकर भ्रष्टाचार की इबारत लिख दी है लक्ष्मीनारायण को भ्रष्टाचार करने खुला संरक्षण दे रखा है।
मिलीभगत से कर रहा भ्रष्टाचार 
अनूपपुर जनपद के पयारी नम्बर 2 में लक्ष्मीनारायण गुप्ता नें पहले रोजगार गारंटी में अपना नाम दर्ज करवाते है और फिर जुगाड बनाकर ठेकेदार व मटेरियल सप्लायार भी बन जाते है, उसके बाद लाखों रूपए का बिल पंचायत में लगाकर दस्तावेजों में हेर-फेर कर दिया जाता है। अब दारसागर में मजदूरों का हक मारकर फर्जी मस्टररोल लगाकर पंचायत के पैसों का वारा न्यारा करने की जुगाड़ में लक्ष्मी गुप्ता ने अपने रिश्तेदार इंजीनियर दुर्गेश के साथ मिलकर बैक डेट में ग्रोवर सड़क निर्माण का भुगतान कराने की फेर में लगे हुए हैं के रिश्तेदारी का फायदा उठाकर पंचायतों में लगातार कार्य करने वाले लक्ष्मी नारायण गुप्ता पंचायत के पैसों में जमकर बंदरबांट किए हैं लेकिन अब तक ना तो जनपद पंचायत के सीईओ ने कार्रवाई और ना ही अन्य आला अधिकारियों ने कभी लक्ष्मी नारायण के कार्यों का जायजा लिया।
निकला लाखों का बिल
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत हुए कामों में लाखों रुपए से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। ऑनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर फर्जी मजदूर, फर्जी काम की एंट्री करके लाखो-करोड़ों रुपए का पेमेंट निकाला गया है। पिछले कई माह से यह खेल जनपद पंचायत अनूपपुर के पंचायतों में चल रहा है।  इस घोटाले में सरपंच, सचिव से लेकर जिला पंचायत स्तर के आला अफसर शामिल है। मनरेगा के ऑनलाइन सिस्टम में छेडख़ानी कर फर्जीवाड़े किया गया है। सांठ-गांठ कर करोडो रूपए का बिल कैश में बदल कर अपने नाम कर लिया जाता है।
घोटाला अब दारसागर में
मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों का हक हमेशा ही लक्ष्मीनाथ गुप्ता मारते हैं दरसागर में मनरेगा के कार्य में मशीनरी लगा कर तो मजदूरों का हक मारा लेकिन इससे भी पहले लक्ष्मीनारायण गुप्ता और पत्नी उमा का फर्जी जॉब कार्ड तैयार किए गए और पंचायतों में फर्जी मास्टर रोल तैयार किया गया है। पंचायत में घोटाला के लिए काम जरूरी था, इसलिए फर्जी ई मस्टररोल तैयार किया गया, जिसमें लक्ष्मीनारायण गुप्ता और पत्नी उमा और दूसरे मजदूरों के साथ नाम डाल दिये गये तथा मनरेगा की मजदूरी का हजारों रूपये बैंक खातों में पंचायत द्वारा डाल दिये गये। अब का सागर में ग्रेवल रोड निर्माण कार्य में जेसीबी मशीन लगाकर सड़क कार्य कर दिया गया जहां मनरेगा के तहत मजदूरों को कार्य करना था वहां मजदूरों का हक मारकर अब फर्जी मस्टररोल लगाकर पंचायत से पैसे निकालने की फिराक में है लक्ष्मी नारायण गुप्ता।
पत्नी का फार्जी जाब कार्ड 
लक्ष्मीनारायण गुप्ता पेशे से पंचायतों में मटेरियल सप्लाई का कार्य करते है। प्रतिमाह लाखों करोडों के कारोबारी एवं कागजों में जीएसटी रिर्टन भरनें के बावजूद भी मनरेगा का फर्जी जॉब कार्ड बनवा कर पंचायत से लाखो का ठगी करते आ रहें है। वही लक्ष्मीनारायण गुप्ता द्वारा फर्जी तरीके मजदूरों के हक भी मारा जा रहा है। सचिव सरपंच की मिली भगत से पंचायत में फर्जी बिल और मास्टररोल लगा कर लाखो का घोटाला पयारी नम्बर 2 में किया जा रहा है। लक्ष्मीनारायाण गुप्ता ने अपनें साथ अपनी पत्नी का भी मास्टररोल मे नाम भरवाकर मनरेगा का भुकतान खाते में करवाया है।
इनका कहना है
मैं इस पूरे मामले की कल ही जानकारी लेता हूं, अगर कार्य नियम विपरीत किया जा रहा है तो उसकी जांच अवश्य होगी।
विजय डेहरिया, डिप्टी कलेक्टर
प्रभारी सीईओ, जनपद पंचायत अनूपपुर

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