23 करोड़ खर्च करने के बाद भी किसानों को नहीं मिला एक बूंद पानी

23 करोड़ खर्च करने के बाद भी किसानों को नहीं मिला एक बूंद पानी

ये है भ्रष्टाचारी इंजीनियर से एसडीओ बने जीवनलाल नंदा की कहानी

खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह की बातों को विभाग ने किया अनसुना  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विभाग में बैठे भ्रष्टाचारियों की लिस्ट मांग रहे हैं, लेकिन अखबारों में जीवन लाल नंदा जैसे भ्रष्टाचारियों की कहानी लिपिबद्ध होती रहती है। दशकों से एक ही जिले में मठाधीश बनकर बैठा एसडीओ का केवल डिवीजन बदलता है न तो इनके कारनामे बदलते हैं और न ही कोई अधिकारी और मंत्री नंदा पर कार्यवाही कर पाता है।

अनूपपुर। जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत परसवार के ग्राम मौहरी में किसानों को पानी के लिए सुढृढ व्यवस्था सरकार द्वारा डेम बना कर दिया गया था, लेकिन जन संसाधन विभाग में बैठे लापरवाह तत्कालीन इंजीनियर/एसडीओ जीवनलाल नंदा जैसे अधिकारी की वजह सारी योजनाएं धरी की धरी रह जाती है। गांव के समीप करोडो खर्च कर बनाये गए डैम से सिंचाई के लिए खेतों को पानी नहीं मिला। जिससे दर्जनों गांव में डैम का निर्माण हुए लगभग तीन वर्ष से अधिक हो गए। डैम से खेतों तक पानी निकासी के लिए नाला तो बना दिया गया, लेकिन खेतों तक पानी नही पहुुंचना कायरता साबित कर रही है।

खाद्य मंत्री की बातें कोरी

23 करोड़ की लागत से निर्मित बांध से किसानो को लाभ न मिलने की शिकायत किसानों ने खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह से की, जिसके बाद खाद्य मंत्री ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री जेडी मांझी को बुलाकर जल्द समस्या को निराकृत करते हुये किसानो को पानी मुहैया कराने की बात कही थी, लेकिन 6 महीने बीतने के बाद भी बांध का गेट नहीं बदला गया, कार्यपालन यंत्री सिर्फ पत्राचार कर अपने कर्तव्यो से मुह मोड़ ले रहे हैं।

ग्रामीणों ने दिया था पत्र

 

ग्रामीणों ने डैम में पानी न रूकने की वजह और गेट बदलने के लिए विभाग को पत्र लिखने के साथ ही तत्कालीन इंजीनियर जीवनलाल नंदा को मौखिक रूप से जानकारी दी थी, उसके बाद भी न तो आज तक विभाग संज्ञान लिया और ही उक्त इंजीनियर ने, जिसके कारण आज भी पानी डैम में नही रूक रहा है। गांव के किसान यह भी कह रहे है कि डैम निर्माण में संवेदक मालामाल हो गए वहीं किसान पानी न मिलने के कारण लाचार हो गए है। डैम का निर्माण कराया गया, किन्तु आज के दिनों में डैम बेकार पडे है।

करोडो की बांट दी मुआवजा

 

नहर से किसानों के खेतो तक पानी पहुंचाने के लिए नाला का निर्माण किया गया, जिन किसानों का जमीन उक्त नाले के क्षेत्र में आया, उन्हे मुआवजे का वितरण भी कर दिया गया, लेकिन आज तक उस नाले से पानी ही नही निकला, कई गजह तो नाला टूट गया। करोडों रुपये अब तक इस योजना पर खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन आज भी किसान अपने को ठगा हुआ महसूस करते है। सच्चाई यह है कि अभी तक इस नहर से एक बूंद पानी नहीं मिला है।

हर कार्यो में लीपा-पोती

इंजीनियर से एसडीओ बने जीवन लाल नंदा ने जिले में जितने में कार्य किये है, उन से सभी निर्माण में लीपा-पोती की गई है, चाहे वह तिपान नदी में बनाये गये पुल का टूटना हो, कोतमा में इनके देख-रेख में बनाये गये डैम का फूटना हो या फिर मौहरी में बनाये डैम में पानी न रूकने का मामला हो, इनके कार्यकाल के सभी कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही की गई है, जिसके कारण किसानों और आम लोगों को लाभ नही मिल पाता है, पुष्पराजगढ में रहने के दौरान भी कई ऐसे कार्य किये है जिनका लाभ आज भी किसानों को नही मिल पा रहा है।

वर्षो से जिले में कदम

जन संसाधन विभाग में दशकों से जडे जमाये बैठे जीवन लाल नंदा का सफर इंजीनियर से एसडीओ तक का है, इनके कार्यकाल के दौरान किये गये कार्यो की समीक्षा की जाये तो हर कार्य में भारी अनीयमितता और लापरवाही दिखाई देगी, लेकिन जुगाड के दम पर दशकों से मनमाना कार्य किये जा रहे है, जिले से आज तक न तो कोई इन्हे हटा पाया और न ही कोई कार्यवाही आज तक की गई। इस दौरान कई चुनाव हुए और कई घोर लापरवाही पाई गई, उसके बावजूद दशकों से जमें हुए है।

इनका कहना है

इस संबंध में हमने पत्राचार कर दिया है, एक बार पुन: पत्राचार कर कार्यवाही की जायेगी।

जे.डी. मांझी, कार्यपालन यंत्री

जल संसाधन विभाग अनूपपुर

—————————————–

आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है, विभाग के अधिकारियों से इसकी जानकारी ली जायेगी, अगर बांध का लाभ आज भी किसानों को नहीं मिलता है तो यह बात मंत्री जी तक भी पहुंचाई जायेगी।

सिद्धार्थ शिव सिंह, जिला उपाध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी, अनूपपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published.