हर मन्नत पूरी होती है कोनिया काली मंदिर में

अजय वर्मा
कटनी । जिले से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर कुटेश्वर मार्ग पर स्थित माता काली मंदिर कोनिया एक अद्भुत एवं सभी की मनोकामना पूर्ण करने का सिद्ध स्थान के नाम से जाने जाता है । यहां पर बहुत ही दूरदराज के लोग अपनी मन्नत लेकर आते हैं एवं मन्नते पूरी होने पर पुनः दर्शन लाभ के लिए आते हैं इस तरह से यहां हमेशा ही सैकड़ों की संख्या में लोगों की उपस्थिति माता के दर्शन लाभ हेतु पाई जाती है ।
वर्षों पुराना है माता कोनिया का इतिहास 
माता काली मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है जिसमें कुछ माता के अनुयायियों के द्वारा उमरिया जिला अंतर्गत दमोय से माता की मंदिर हेतु मूर्ति ले जाना सुनिश्चित हुआ । तदुपरांत माता की मूर्ति को ले जाते समय कोनिया के पास माता की मूर्ति को रखकर अनुयायियों के द्वारा थोड़ा सा विश्राम करने के उद्देश्य से मूर्ति को रख दिया गया लेकिन विश्राम करने के उपरांत जब मूर्ति को उठाया गया तो वह मूर्ति अपने स्थान से नहीं उठ पाई । लाख प्रयास करने के पश्चात भी मूर्ति वहां से नहीं हिल पाई, जिससे नगरवासियों के द्वारा माता की मूर्ति को संपूर्ण विधि विधान से उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया, जो कि एक विशाल मंदिर के रूप में आज विकसित हो चुका है । यहां पर नवरात्रि में 9 दिन तक अनवरत भंडारे का आयोजन भी किया जाता है तथा हजारों की संख्या में लोग माता के दर्शन लाभ लेने हेतु आते हैं ।
पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो, मांग
मंदिर की स्थापना के साथ ही मंदिर का विकास अनवरत जारी है एवं माता के आशीर्वाद से बाणसागर परियोजना के माध्यम मंदिर के चारों ओर हमेशा जल का भराव बना रहता है साथ ही सीएमआर कंपनी के द्वारा उसी स्थान पर शासन की महत्वपूर्ण जल प्रदाय योजना का केंद्र स्थापित किया गया है जिसके कारण मंदिर व आसपास का क्षेत्र अद्भुत मनोरम लिए हुए एक अनोखी छटा बिखेरी है जिससे पर्यटक उस स्थान पर आकर्षित होते हैं तथा माता का आशीर्वाद भी लेते हैं । संपूर्ण स्थान को यदि शासन के द्वारा एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो निश्चय ही यह एक संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अनोखा स्थान होगा । नगर वासियों ने मध्यप्रदेश शासन से उक्त स्थान को पर्यटक स्थल बनाने की मांग करते हुए शासन का ध्यानाकर्षण कराया है ।
समाजसेवी संजीव कपूर का योगदान मह्वपूर्ण
प्राप्त जानकारी के अनुसार माता काली कोनिया मंदिर का विकास कराने में नगर वासियों, समाजसेवियों व ठेकेदारों के द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है ।जिसमें प्रमुख योगदान समाजसेवी संजीव कपूर दिल्ली के द्वारा दिया गया है, उनके द्वारा पूरी तन्मयता के साथ मंदिर का विकास अनवरत होता आ रहा हैं, जिसके फलस्वरूप आज मंदिर की भव्यता इतनी विशाल हो गई है कि मंदिर के लगभग 40-50 किलोमीटर के दायरे से लोग मंदिर में माता के दर्शन लाभ लेने हेतु अनायास ही खिंचा चला आता है ।
सेल्फी पवाइंट के रूप में विकसित हो रहा केंद्र 
माता काली मंदिर कोनिया के अनुपम दृश्य से अभिभूत होकर संपूर्ण नगर व आसपास के लोगों में आज के समय अनुसार सेल्फी लेने, नौका विहार करने एवं पिकनिक स्पॉट के रूप में भी उक्त माता के मंदिर को बहुत ज्यादा पसंद किया जा रहा है जिसके चलते वहां पर निश्चय ही एक विकास को मूर्त रूप दिया जा सकता है । सीएमआर कंपनी के द्वारा स्थापित किया गया जलप्रदाय योजना अंतर्गत बनाया गया केंद्र भी वास्तव में एक अनोखी छटा बिखेरता है जो कि शाम के समय ऐसा परिदृश्य होता है जिससे मन मंत्रमुग्ध हो जाता है, तथा युवाओं के अनुरूप एक अच्छा सेल्फी पॉइंट के रूप में विकसित हो रहा है ।

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