प्रशांत की हत्या को लेकर परिजनों ने मांगा न्याय

कप्तान सहित एडीजी तक लगाई गुहार

शहडोल। बीते वर्ष 28 नवंबर को ग्राम खन्नोधी के निवासी प्रशांत द्विवेदी के मौत के मामले पर एक बार फिर से परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक शहडोल से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि प्रशांत द्विवेदी की नौकरी लगवाने की बात को लेकर दिलीप शुक्ला नामक व्यक्ति से 15000 को देने की बात और फिर नौकरी ना लगने पर 15000 को वापस मांगने पर दोनों के बीच बहस हुई थी। उक्त बहस के बीच में प्रशांत द्विवेदी द्वारा अपने पैसे की मांग को लेकर बार-बार दिलीप शुक्ला को फोन लगाया जाता था लेकिन वह पैसा देने में आनाकानी करता था और बाद में अपना फोन भी बंद कर लिया था। प्रशांत द्विवेदी के भाई ने आरोप लगाते हुए बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा ले लेना फिर 7 महीनों से वापस ना करने के कारण प्रशांत काफी परेशान था और गुस्से में 28 नवंबर को रूपम गुप्ता के दुकान के पास जाकर दिलीप शुक्ला से मोबाइल ले लिया इस घटना को लेकर दिलीप शुक्ला द्वारा थाना प्रभारी गोहपारू से शिकायत की गई जिस पर 10 मिनट में ही प्रभारी उक्त घटना स्थल पर पहुंचकर प्रशांत द्विवेदी को डराया धमकाया और वापस मोबाइल दिलवा दिए लेकिन पैसे के लेनदेन के बारे में कोई भी कार्यवाही प्रभारी के द्वारा नहीं किया गया उस समय डराने धमकाने में दिलीप शुक्ला के साथ रूपम गुप्ता कविंद्र चतुर्वेदी सभी मौजूद थे उक्त विवाद के समय थाना गोहपारू प्रभारी खन्नोधी में ही मौजूद थे।
यह है मामला
विवाद के बाद से ही प्रशांत द्विवेदी गायब हो गया था, इस बात को लेकर प्रशांत द्विवेदी के माता पिता थाना गोहपारू जाकर दिलीप शुक्ला रविंद्र चतुर्वेदी रूपम गुप्ता योगेंद्र पयासी आदि लोगों के ऊपर शक जताते हुए एफआईआर कराने के लिए गए थे, लेकिन थाना प्रभारी द्वारा गुमशुदगी का रिपोर्ट लिख कर रख लिए और प्रशांत द्विवेदी को न हीं ढूंढने का प्रयास किए, न हीं कोई खोज खबर ली गई। इसके बाद परिजनों ने खबर लगने पर बड़का टोला झल्लू पाव के इंदारा खेत कुआं में एक लाश तैरने की बात आई, जिसे देखने पर प्रशांत की लाश के रूप में घरवालों ने शिनाख्त किया, जिस पर परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि फोन में सूचना देने के बाद भी 2 घंटे तक पुलिस का इंतजार करते रहे और आने के बाद परिजनों के द्वारा जो रिपोर्ट लिखवाई जा रही थी उसके आधार पर थाना गोहपारू प्रभारी द्वारा नहीं लिखा गया, परिजनों का कहना था कि उनके बच्चे की हत्या हुई है, लेकिन पुलिस ने आत्महत्या के रूप में दर्शाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, साथी मृतक के माता-पिता को 4 घंटे तक थाने में बैठा कर परेशान करते रहे।
विसरा रिपोर्ट से हुआ खुलासा
परिजनों का कहना है कि मृतक भाई के पोस्टमार्टम होते समय वह डॉक्टर साहब के सामने थे और डॉक्टर का कहना था कि गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में कुंए में फेंक दी गई है, इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन व थाना प्रभारी गोहपारू द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही संदेहियों के नाम बताने के बाद भी नहीं किया जा रहा था और अब पोस्टमार्टम के बाद विसरा रिपोर्ट आज आने के बावजूद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है जबकि विसरा रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात कहीं गई है।
न्याय नहीं तो, होगा व्यवस्था का विरोध
हत्याकांड के मामले पर प्रशांत द्विवेदी के माता पिता एवं परिजनों ने न्याय की गुहार लगाते हुए उक्त घटना की निष्पक्ष जांच कर हत्यारों पर कड़ी कार्यवाही के लिए ज्ञापन सौंपते हुए उक्त संदेहीयो के ऊपर एफआईआर दर्ज कर न्याय की मांग की है और 48 घंटे के अंदर कोई कार्यवाही ना किए जाने पर परिजनों एवं ग्राम वासियों द्वारा चक्का जाम हुआ आंदोलन करने को मजबूर होने की बात भी कहा गया है परिजनों ने यह भी बताया कि इस हत्याकांड के बाद दिलीप शुक्ला के भाई बृजेश शुक्ला वह देवेंद्र शुक्ला द्वारा लगातार परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है इस बात को भी संज्ञान में लेते हुए उन दोनों पर ही कार्यवाही के लिए महा निरीक्षक शहडोल को लिखित में शिकायत दिया गया है।

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