फाईलों में सिमटा स्वच्छता सर्वेक्षण- २०२१

दावों से कोसो दूर है वार्डो की जमीनी हकीकत

(अमित दुबे)

शहडोल। नगरपालिका द्वारा हर वर्ष शहरी विकास के नाम पर लाखों रूपए खर्च किया जाता है, लेकिन शहर की साफ-सफाई जस की तस बनी हुई है। शहर में लाखों रूपए खर्च कर लगभग वार्डों में रोड, नाली सहित विभिन्न कार्यों में खर्च कर दिया गया, लेकिन शहर में सभी वार्डों के घरों से निकलने वाले कचरे को रोज उठाने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि नगर पालिका द्वारा कुछ साल पहले लाखों रूपए खर्च कर कन्टेनर की खरीदी की गई थी, लेकिन लगभग कंटेनर महज दिखावा साबित हो रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण २०२१ को लेकर शासन से लाखों का बजट तो, नपा में पहुंचा, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो, सर्वेक्षण के हिसाब से सफाई हो रही है, सिर्फ होर्डिंग्स और बैनर, पोस्टरों में स्वच्छता की मुनादी सीएमओ अमित तिवारी नपा में बैठे-बैठे ही करवा रहे हैं।
यह थी सरकार की मंशा
स्वच्छ सर्वेक्षण २०२०-२०२१ का मुख्य उदेश्य देश में फैले गीले, शुष्क और खतरनाक अपशिष्ट द्वारा फैली बिमारियों से देश को मुक्त कराना है। इसके लिए देश में फैले पुनर्चक्रण, निर्माण मलबा का निस्तारण, कचरा स्थल पर फेंके जाने वाले कचरा की मात्रा और शहरों की सफाई की स्थिति पर गौर किया जाएगा, जिससे की देश को स्वच्छ रखा जा सके, लेकिन नगर पालिका में बैठे जिम्मेदारों ने शासन की मंशा पर ही ग्रहण लगाकर रख दिया है।
सब्जी मंडी की अलग कहानी
संभागीय मुख्यालय के चौक चौराहों पर स्वच्छ सर्वेक्षण जीतेगा शहडोल के बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन सिर्फ बोर्ड लगाने से ही स्वच्छता नहीं आ जाएगी, नगर पालिका में बैठे सीएमओ व नगर पालिका अध्यक्ष किस तरह स्वच्छ सर्वेक्षण में जीता पाते हैं, यह तो नगरपालिका के पार्क इतवारी मोहल्ला वार्ड नंबर ७ वार्ड नंबर १४ एवं जिले के हृदय स्थल सब्जी मंडी की स्थिति ही बता रही है कि जिले में नगर पालिका की स्थिति क्या है, नगर पालिका द्वारा उठाने वाले कचरे की गाड़ी में सुबह से शाम तक कचरा पड़ा हुआ है, लेकिन उसे फेंका नहीं गया है, वहीं सब्जी मंडी की स्थिति देखते ही बनती है। दर्जनों जानवर सब्जी मंडी में देखे जा सकते हैं और वहीं कृषि मंडी के आस-पास बनाए गए नए नालियों पर निकासी की जगह ना बनाने के कारण नालियों में पानी लबालब भरा हुआ है और कूड़े करकट से लगे हुए देखे जा सकते हैं, जिस पर बीमारी फैलाने का खतरा बराबर बना हुआ है।
पार्क की पीछे से टूटी दीवाल
स्वच्छ सर्वेक्षण की अंक तालिका में नगर पालिका शहडोल को अग्रसर रखने के लिए जगह-जगह बोर्ड लगाने के अलावा उनके सुधारों को लेकर नगर पालिका के जिम्मेदारों द्वारा कोई बड़ी पहल नहीं की जा रही है , इसका जीता जागता उदाहरण कार्यालय के सामने बने पार्क की व्यवस्था ही इन बातों की धज्जियां उड़ा रही है, पार्क की पीछे की दीवाल कई महीनों से टूटी हुई है, लेकिन मरम्मत न होने के कारण यहां पर गंदगी ने पैर पसार लिए हैं और पार्क शौच का अड्डा बनता जा रहा है।
अधिकारियों की कार्यकुशलता
मुख्यालय की सबसे बड़ी सब्जी मंडी की स्थिति इस समय देखने लायक है, मंडी में बनाए गए चबूतरे पर दर्जनों गायों को कचरे की भरमार पर देखा जा सकता है, सब्जी मंडी में चहु ओर लबलबा रहा कचरा, जिम्मेदारों के ढोल की पोल खोलने के लिए काफी है, सब्जी मण्डी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आना जाना है, लेकिन यहां महिलाओं के लिए तो छोड़े, पुरूषों के लिए शौच के लिए व्यवस्था नहीं है, जो नगर पालिका द्वारा बनाये भी गये हैं, वहां गंदगी अधिकारियों की कार्यकुशलता को बयां कर ही देती है।

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