सीटीओ क्षमता से अधिक उत्खनन करने वाले खदानों के विरूद्ध वाद दायर

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनूपपुर जिले के दो

ठेकेदारों पर की गई कार्यवाही

शहडोल। अनूपपुर जिले के खदानों द्वारा किये जा रहे उत्खनन के आँकड़ो का आडिट (अंकेक्षण) कार्यालय महा लेखाकार (आर्थिक व राजस्व क्षेत्र लेखा परीक्षण) द्वारा हाल ही में विस्तृत रूप से किया गया है। उसमें यह पाया गया है कि अनूपपुर की तहसील-पुष्पराजगढ़ में संचालित 1 खदान तथा तहसील कोतमा में संचालित एक खदान के विरूद्ध म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सी.टी.ओ. में उल्लेखित क्षमता से अधिक उत्खनन किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सी.जे.एम. राहुल खत्री, पुष्पराजगढ़ के न्यायालय में सरस्वती स्टोन माईन के प्रोपाइटर राजेश जैन के विरुद्ध 10 फरवरी 2021 को न्यायालीन वाद क्षेत्रीय कार्यालय, म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनि. वैज्ञानिक तथा जिला प्रभारी बी.एम. पटेल के द्वारा दायर किया गया है। इसकी आगामी तिथी 16 फरवरी 2021 निर्धारित की गई है। तथा निगवानी में कार्यरत् रही नीरज सोनी की खदान के विरुद्ध कोतमा न्यायालय में सी.जे.एम. के.पी. सिंह के समक्ष 11 फरवरी 2021 को प्रकरण बी.एम. पटेल द्वारा दायर किया गया। प्रकरण में आगामी सुनवाई की तिथी 18 मार्च 2021 निर्धारित की गई है।
कोतमा-पुष्पराजगढ़ में थी खदानें
कोतमा तहसील के ग्राम-निगवानी के खसरा कं. 1316/1 के कुल रकवा 4. 55 हेक्टेयर में नीरज कुमार सोनी द्वारा संचालित मुरूम खदान को 15000 क्यूबिक मी. हेतु सी.टी.ओ. (संचालन सम्मति) जारी की गई है किन्तु इनके द्वारा 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 की अवधि द्वारा कुल 32558 क्यूबिक मी. उत्पादन किया गया, इस प्रकार इनके द्वारा 17558 क्यूबिक मी. अधिक उत्पादन किया गया है, अर्थात् क्षमता से 120 प्रतिशत अधिक उत्खनन किया गया है। इसी प्रकार तहसील-पुष्पराजगढ़ के ग्राम-बड़ी तुम्मी के खसरा नं. 237/1 के कुल रकवा 2.20 हेक्टेयर में राजेश कुमार जैन द्वारा संचालित सरस्वती स्टोन माईन में एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक के लिये कुल 79196.94 क्यूबिक मी. उत्पादन किया गया, जब कि उन्हें बोर्ड द्वारा मात्र 40465 घन मी. हेतु सीटीओ जारी किया गया था। इस प्रकार उनके द्वारा लगभग 180 प्रतिशत अधिक उत्खनन किया गया।
पर्यावरण स्वीकृति से अधिक उत्खनन
राजेश कुमार जैन की सरस्वती स्टोन माईन को पर्यावरणीय स्वीकृति भी मात्र 40465 घन मी. क्षमता हेतु प्राप्त की गई थी तथा माईनिंग प्लान भी 40465 घन मी. उत्खनन क्षमता हेतु तैयार किया गया था। जिला खनिज कार्यालय के द्वारा भी अधिक उत्खनन के उक्त दोनों प्रकरणों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अभियोजन दायर करने हेतु लिखा गया था एवं संचालक, भौमिकी तथा खनिज, मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 10405/महालेखाकार/ना.क.04/2020 दिनांक 25 सितम्बर 2020 के द्वारा अधिक उत्खनन का प्रकरण पाया जाना प्रमाणित किया गया है। उक्त व्यायालीन प्रकरण दायर करने के कारण अनूपपुर जिले एवं शहडोल संभाग के समस्त खदानें अब निर्धारित क्षमता से अधिक उत्खनन करने से परहेज करेंगी एवं माईनिंग प्लान, सी.टी.ओ. एवं पर्यावरणीय स्वीकृति में निर्धारित उत्खनन क्षमता का पालन कर सकेंगे, इससे अधिक उत्खनन से होने वाले पर्यावरणीय क्षति भी रूकेगी।
करोड़ों का होगा जुर्माना
जिला खनिज कार्यालय अनूपपुर द्वारा याम-निगवानी में नीरज कुमार सोनी द्वारा संचालित की गई मुरूम खदान पर 26.34 लाख रूपये की पेनाल्टी आक्षेपित की गई है। इसी प्रकार बड़ी तुम्मी के राजेश कुमार जैन द्वारा संचालित खदान पर जिला खनिज कार्यालय अनूपपुर द्वारा 1 करोड़ 67 लाख रूपये की पेनाल्टी आक्षेपित की है। उक्त पेनाल्टी माह अक्टूबर 2020 में आक्षेपित की गई है किन्तु अभी तक खनिज कार्यालय द्वारा इसे मूर्त रूप नहीं दिया गया है, अर्थात् अमलीजामा नहीं पहनाया गया है। अवधि खनन के संबंध में की गई उक्त कार्यवाही से अवैधानिक कार्य करने वाले खदानों में हड़कंप की स्थिति है एवं खनन माफिया सख्ते में है इससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा हैं।

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