प्रयास को तीन दिन का समय, दें संतोषप्रद जवाब या निलंबन

क्रिश्चयन अस्पताल की करोड़ों की भूमि को बिना अनुमति बेचने का आरोप

(Anil Tiwari+91 70003 62359)
शहडोल। कमिश्नर नरेश पाल ने सहायक संचालक आदिवासी विकास डॉ. प्रयास कुमार प्रकाश को उनके विरूद्व मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 10 के अधीन प्रस्तावित कार्यवाही में अवचार या कदाचार का अभिकथन हेतु प्रस्तावित कार्यवाही में जवाब प्रस्तुत करने हेतु पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के अंदर का समय निर्धारित किया है। निर्धारित समयावधि में जबाब प्राप्त नही होने पर यह माना जाएगा है कि उक्त के संबंध में कुछ नही कहना है यह मानते हुए एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
अवैधानिक रूप से आर्थिक लाभ
संभागीय उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग की टीम 13 अगस्त एवं इसके अतिरिक्त शिकायत कर्ता श्रीमती जाली शिल्पा तांडी, तांडी प्रशासक क्रिश्चिन खसरा क्रमांक 61/2रकवा 0.88 एकड़ खसरा क्रमांक 65/3 रकवा 0.95 एकड़ एवं खसरा क्रमांक 93/23 रकवा 1.17 एकड़ को पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से भारत क्रिस्ट्रीय सेवक समाज मद्रास ने क्रय किया था। भारत क्रिस्ट्रीय समाज द्वारा संस्था की भूमि के सुरक्षा व देखभाल हेतु आप को संरक्षक बनाया था। किंतु आपके द्वारा शहडोल जिले के भू माफियाओं के साथ मिलकर संस्था की भूमि का विक्रय अनुबंध कर ट्रस्ट की जमीन को खुर्द-बुर्द कर अवैधानिक रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया है।
प्रकृति के क्रियाकलापों में भाग नहीं लेगा
श्रीमती जाली शिल्पा तांडी, तांडी प्रशासक क्रिश्चिन हॉस्पिटल को भारत क्रिस्ट्रीय समाज मद्रास द्वारा 11/05/2017 को भवन की सुरक्षा व देखभाल हेतु प्रशासक नियुक्त किया गया है, फिर भी आपके द्वारा दिनांक 30 अक्टूबर 2018 को रिलायंस जिओ इन्फोकॉम लिमिटेड कंपनी के साथ लीज डीड की गई है। इस प्रकार आपके द्वारा नियम विरुद्ध लीज डीड आपके द्वारा की गई है। कमिश्नर ने आरोप पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 16 (1)(2) स्पष्ट किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक शासन की पूर्व अनुज्ञा अभिप्राप्त किये बिना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वह कोई कारोबार या व्यापार नहीं करेगा तथा किसी भी सामाजिक या खैराती (चैरिटेबल) प्रकृति के क्रियाकलापों में भाग नहीं लेगा।
शासन से लेनी थी अनुमति
संभागीय उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि आपको क्रिश्चिन यूथ यूनियन का संभागीय संरक्षक, शहडोल संभाग आशाकिरण, अनाथ आश्रम कटनी में- संरक्षक सदस्य राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ का सदस्य मध्य प्रदेश गौ सेवा संघ, संभागीय अध्यक्ष शहडोल, नेशनल मिशनरी सोसाइटी- आजीवन सदस्य बनाया गया है। जबकि आपको शासन से अनुमति लेना चाहिए थी, किंतु आपके द्वारा शासन से कोई अनुमति नहीं ली गई है, इस प्रकार आपके द्वारा शासन के नियमों के विपरीत कार्य किया गया है।
स्वेच्छाचारित एवं लापरवाही बरती
संभागायुक्त ने कहा कि आचरण नियम 1965 के नियम-19 में जंगम, स्थवर एवं मूल्यवान संपत्ति का विवरण प्रत्येक शासकीय सेवक पहली बार नियुक्त होने पर विवरण देना साथ ही प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की समाप्ति पर जानकारी प्रस्तुत करेगा परंतु आपके द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई है। यह कि कोई भी शासकीय सेवक, विहित प्राधिकारी की पूर्व जानकारी के बिना ना तो स्वयं अपने नाम से या अपने कुटुंब के किसी सदस्य के नाम से पट्टा, बंधक, क्रय विक्रय दान द्वारा या अन्यथा कोई भी स्थावर संपत्ति ना तो अर्जित करेगा और ना उसे हस्तांतरित करेगा। किंतु आपके द्वारा विभागीय अनुमति प्राप्त ना कर अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से न कर स्वेच्छाचारित एवं लापरवाही बरती गई है। आपका उक्त कृत्य शासकीय नियमों के विपरीत है। उपरोक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के अंतर्गत राधाचरण की श्रेणी में आने से दंडनीय है।
होगी एक पक्षीय कार्यवाही
उक्त कृत्य के लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत क्यों ना आप को निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उपरोक्त के संबंध में अपना जवाब पत्र प्राप्ति के 3 दिवस के अंदर प्रस्तुत करें। समयावधि में जवाब प्राप्त न होने पर यह माना जावेगा कि आपको उक्त के संबंध में कुछ नहीं कहना है, यह मानते हुए आपके विरुद्ध एक पक्षी कार्यवाही की जावेगी।

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