सुरक्षा बीमा योजना एवं कर्मकार मंडल बनीं गोमती का सहारा दो बेटियों के किए हाथ पीले

संतोष कुमार केवट

अनूपपुर। आज दिनॉक 18 फरवरी को जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा योजना एवं कर्मकार मंडल वरदान बनी हुई हैं। गोमती प्रजापति के लिए तो यह योजनाएं उनके पति की मृत्यु के उपरांत आड़े वक्त का सहारा बन गईं। पति की मृत्यु के बाद बेसहारा हुई गोमती ने सुरक्षा बीमा योजना से प्राप्त दो लाख रु. एवं कर्मकार मंडल के तहत मिली 2.15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से दो बेटियों के हाथ पीले कर दिए। जिससे उन्हें बेटियों की शादी के लिए महाजन से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ी। जिले जनपदीय अंचल के ग्राम सकोला की रहने वाली गोमती प्रजापति म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिषन द्वारा गठित माँ काली स्वसहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। गोमती ने ग्रामीण आजीविका मिषन द्वारा स्वसहायता समूहों की सदस्यों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं क्षमता निर्माण पर सात मॉड्यूल जैसे आमदनी, खर्च, बचत, निवेष, कर्ज, बीमा, पेंषन आदि पर दिए जा रहे प्रषिक्षण से षिक्षित एवं प्रेरित होकर ना सिर्फ स्वयं का बल्कि अपने पति तेजलाल प्रजापति का भी प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा करवा लिया। उनके परिवार में पति तेजलाल ही अकेले कमाने वाले थे। बीमा कराने के बारह दिन बाद ही दुर्घटनावष तेजलाल की मृत्यु हो गई। गोमती की चार लड़कियां और एक लड़का है। यह वित्तीय साक्षरता प्रषिक्षण गोमती जैसी तमाम महिलाओं के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं। समूह से जुड़ी गोमती जैसी महिलाओं को प्रषिक्षण के दौरान बचत खाता एवं आधार लिंक, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा एवं जीवन ज्योति बीमा समेत आरडी, एफडी, सुकन्या, राष्ट्रीय बचत प्रमाण-पत्र, अटल पेंषन जैसी योजनाओं के प्रति षिक्षित कर जागरूक किया जा रहा है। गोमती ने योजनाओं की जानकारी ले ली थी, इसलिए योजनाओं की वित्तीय मदद से आड़े वक्त में गोमती के ऊपर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। आज गोमती दीदी द्वारा परिवार की जिम्मेदारियों का स्वयं निर्वहन किया जा रहा है। गोमती कहती हैं कि योजनाओं के लाभ की वजह से बुरे वक्त में उन्हें किसी के सामने हाथ नहीं फैलाने पड़े।

 

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