कर्मठता एवं निर्भयता से करें शासकीय अमला अच्छा कार्य: श्रीमती वैद्य

 

कलेक्टर की गरिमामई विदाई समारोह संपन्न

शहडोल। जिले के स्थानांतरित कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने कहा है कि जिले की शासकीय परिसंपत्तियों जिले वासियों की धरोहर होती हैं, चाहे वह कलेक्टर कार्यालय, जिले की सड़कें, शासकीय कार्यालय, स्वास्थ्य या सार्वजनिक संपदा क्यों ना हो उनका संरक्षण सभी शासकीय अमले सहित जिले वासियों की भी जवाबदारी है। उन्होंने कहा है कि जिलावासियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता वाली चीजों का आंकलन कर उसकी पूर्ति कराना सभी शासकीय अमले का दायित्व होता है। उन्होंने कहा कि मेरे शहडोल जिले में डेढ़ वर्ष का कार्यकाल बेहद अच्छा रहा और सभी के सहयोग से मेरे द्वारा कोविड-19 संक्रमण से निपटने हेतु यथासंभव प्रयास किया गया, जिसके लिए सभी को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं। श्री सिंह जिले में आपदा के समय किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में जो कार्य किए गए वे टीम भावना से पूरा करने का परिणाम है। उन्होंने अपने सम्मान में सभी लोगों द्वारा किए गए कार्यों को हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया तथा जिले को और आगे सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल करने की कामना की। इस मौके पर उन्हें स्मृति चिन्ह, शाल और श्रीफल देकर विदाई दी गई।
टीम भावना से करेंगे कार्य
कार्यक्रम में नवागत कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने कहा कि मुझे एक जुझारू एवं कर्मठ कलेक्टर के बाद दायित्व निर्वहन करने का मौका मिला है, जिसे मैं पूरी तन्मयता, कर्मठता एवं टीम भावना से पूरा करने का एवं सभी शासकीय अमले एवं जिलेवासियों का साथ लेकर आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगी। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अमला निर्भय होकर, कर्मठता एवं कर्तव्य परायणता से अच्छा कार्य करें। इसके लिए मैं सभी का हर संभव मदद करने में तत्पर रहूंगी।
निष्पक्ष रूप से कार्य का अंजाम
विदाई कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी ने कहा कि स्थानांतरित कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने जिले में आदर्श कोऑर्डिनेशन की परंपरा की शुरुआत कर कठिन दौर में धैर्य, दृढ़ता एवं कर्तव्य परायणता से कार्य करने की जो परंपरा डाली है, उससे सभी शासकीय अमले को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह में पद का अहंकार नहीं होने तथा बेहद लीडरशिप की योग्यता ऑर्गेनाइज का तरीका कार्यों को प्राथमिकता में लाकर उसे परिणित कराना तथा दूसरों का हित कर उनके दिल में जगह बना लेना एक विशिष्ट पहचान है, जो हर प्रशासनिक अधिकारी में यदा-कदा ही होता है। उन्होंने कहा कि चाहे एंटी माफिया मुहिम हो, सूदखोरी को समाप्त करना, ड्रग माफिया के विरुद्ध कार्यवाही करना या अपराधियों के जिला बदर एवं बंधक पत्र या अर्थदंड हो सभी में पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर बेहतर ढंग से निष्पक्ष रुप से कार्यों को अंजाम दिलाने में सहयोग किया है।
सहजता से समस्या का निदान
अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि सभी शासकीय अमले को साथ लेकर शासकीय कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने का कार्य कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने जिले में किया है। उनकी निचले स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक सतत संपर्क बना कर हर आम व्यक्ति से भी सतत संपर्क में रहकर बड़ी गंभीरता से एवं सहज रूप से उनकी समस्याओं को सुनकर उनका निदान कराना उनकी जेहन में था।

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