महाटीकाकरण अभियान से उत्पन्न चिकित्सा अपशिष्ट के संग्रहण एवं डिस्पोजल दिशा निर्देश जारी, पीसीबी के देखरेख में होंगें डिस्पोज आंकड़े

 

शहडोल। संभाग के तीनों जिलों में लगातार महाटीकाकरण अभियान लगाकर लोगों को संपूर्ण वैक्सीनेशन की ओर बढ़ रहा है। इस बीच वैक्सीनेशन से उत्पन्न होने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट जैसे सिरिंज, नीडिल तथा खाली बोतल संग्रहण के लिए मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं सामुदायिक केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कि वे इन्हें अलग-अलग कलर के पॉलिथीन में तीन गठान बनाकर संग्रहित करें, तथा शासन द्वारा अधिकृत संस्थान इटौर में संचालित मध्यप्रदेश बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम को सौंपेंगे। ज्ञात हो कि पूरे संभाग में टीकाकरण अभियान को लेकर एक उत्साह से मनाया जा रहा है। सभी पंचायत क्षेत्र से लेकर नगर परिषद, नगर पालिका, और जिला लेवल पर अनेक केंद्र खोलकर प्रति व्यक्ति तक टीकाकरण का अभियान पहुंच सके इसके लिए सरकार द्वारा प्रयास करते हुए महा अभियान चलाया जा रहा है। और इस महाअभियान में निश्चित रूप से संभाग के ग्रामीण स्तर से लेकर शहरी स्तर तक उत्सव का माहौल तैयार हुआ है। लोगों में जागरूकता का प्रभाव भी बढ़ा है। अब हर व्यक्ति अपने आप को और अपने क्षेत्र को कोरोना मुक्त कराने पर अपने आपको एक अहम कड़ी समझते हुए अपनी सहभागिता निभाना चाह रहा है। लेकिन एक तरफ इस महाअभियान से पूरे संभाग के तीनों जिलों उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, के समस्त वैक्सीनेशन केंद्रों पर जबरदस्त तरीके से बायो मेडिकल वेस्ट एकत्रित होते जाएंगे, इसके लिए इस खतरे को भापते हुए इसके संग्रहण को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अपने अपने जिले के समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं सामुदायिक केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को एकत्रित हुए मेडिकल वेस्ट को किस तरह से संग्रहण करना है और फिर किस प्रकार डिस्पोजल करना है इन सभी सिस्टम को बनाकर रखने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। ताकि महा अभियान में कई क्विंटल के रूप में एकत्रित होने वाले मेडिकल वेस्ट को सही तरीके से डिस्पोजल भी किया जा सके ताकि संभाग में अन्य प्रकार की बीमारियां फैलने से बच सके।

पांच वाहनों से एकत्रित होगा मेडिकल वेस्ट

पूरे संभाग में टीकाकरण को लेकर चल रहे इस महाअभियान में एकत्रित होने वाले मेडिकल वेस्ट को संग्रहण करके डिस्पोजल सिस्टम तक ले जाने में इन पांच वाहनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और अलग-अलग कलर में बंद पॉलिथीन को मेडिकल वेस्ट को शासन द्वारा अधिकृत संस्थान इंटौर में संचालित मध्य प्रदेश बायोमेडिकल वेस्ट में एकत्रित करके वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा संभाग से पांच वाहनों को मेडिकल वेस्ट के संग्रहण का कार्य दिया गया है और सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा भी बनाई गई है ताकि कोई भी वाहन का ड्राइवर या मालिक मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरीके से शासन द्वारा अधिकृत संस्थान में पहुंचाने में कोई लापरवाही ना कर सके।

बायो मेडिकल वेस्ट का अलग-अलग कोडिंग

बायो मेडिकल वेस्ट के निकलने वाले सभी प्रकार के अपशिष्ट को एकत्रित करने के लिए अलग-अलग कलर के पॉलिथीन का चयन किया गया है ताकि इनके डिस्पोजल में किसी प्रकार की कोई कमी ना आ सके लाल कलर के पॉलिथीन पर सिर्फ सीरींज रखे जाएंगे, पीला कलर के पॉलिथीन में निकलने वाले अपशिष्ट काटन को रखे जाएंगे, एवं नीला कलर के पॉलिथीन में टीके लगाने के बाद खाली टीके की शीशी जो सफेद सुई के समान होती है उन्हें एकत्रित करके भरे जाएंगे। पॉलिथीन में भरकर उनकी तीन गठान लगाकर बंद करना अनिवार्य होगा और इसके बाद फोकल सेंटर कोल्ड चैन पॉइंट पर मेडिकल वेस्ट सिस्टम में तौलकर भरना सुनिश्चित करेंगे। इन सभी सिस्टम से गुजरने के बाद प्रतिदिन जैव चिकित्सा अपशिष्ट के संबंध में जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भरकर सीट को क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल को भेजना होगा साथ ही एक प्रति अधो हस्ताक्षर करता कार्यालय में अपना मेल आईडी भेजेंगे और इस कार्यालय की मॉनिटरिंग करने के लिए भी अलग-अलग जिलों से
अलग-अलग नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए।

अपशिष्ट के संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त

पूरे संभाग के तीनों जिलों सहित समस्त ब्लॉकों से एकत्रित होने वाले बायो मेडिकल अपशिष्ट को एकत्रित कर डिस्पोजल प्रक्रिया तक ले जाने में अनेक प्रकार की सावधानियों को ध्यान में रखते हुए दिशा निर्देश बनाए गए हैं और इन निर्देशों का पालन करने के लिए प्रत्येक जिले से एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। जो अपने अपने जिले से बायो मेडिकल वेस्ट को एकत्रित करके संभाग के मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल कार्यालय पर सभी जगह के जानकारी को लेकर आएंगे और साथ ही नोडल अधिकारी को अपना एक निजी मेल आईडी भी देना होगा साथ ही उनके मोबाइल नंबर सभी अधिकारियों के संज्ञान में भी रहेगा। ताकि कोई भी लापरवाही ना हो सके इसके लिए कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उमरिया के तरफ से कार्यालय की मानिटरिंग डॉक्टर संदीप सिंह नोडल अधिकारी द्वारा किया जाएगा, इसी प्रकार अनूपपुर जिले की तरफ से इस कार्य की मॉनिटरिंग डॉक्टर जनक सारीवान जिला अधिकारी एवं सहायक जिला नोडल अधिकारी नोडल सुश्री मैरीना दास, और शहडोल जिले से इस कार्य की मॉनिटरिंग के लिए डॉक्टर वाय एस पासवान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। और इस महत्वपूर्ण कार्य में सभी नोडल अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दर्ज किए गए हैं ताकि सभी मेडिकल वेस्ट का वजन करते हुए आधिकारिक जगह पर एकत्रित करते हुए उनके आंकड़े को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल के कार्यालय तक भेजकर सुनिश्चित करवाई जा सके ताकि इनके डिस्पोजल कराने में किसी प्रकार का कोई संदेह ना रह जाए। यह सभी कार्य की देखरेख पीसीबी के निगरानी में रहेगा। और यह कार्य प्रतिदिन जय व चिकित्सा अपशिष्ट के संबंध में जानकारी उपलब्ध सभी अधिकारियों को रहे जिससे कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

शासन द्वारा चयनित संस्थान इंटौर में होगा डिस्पोज

निश्चित रूप से इस टीकाकरण महाअभियान में संभाग के तीनों जिलों में भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट एकत्रित होंगे और अगर इनका उपचार वैज्ञानिक तरीके से नहीं किया गया तो यही मेडिकल वेस्ट आम जनता के बीच खतरनाक वायरस का रूप लेकर बीमारियों को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे इस बात को गंभीरता से लेते हुए विभाग के द्वारा महा अभियान के साथ इनके डिस्पोजल की व्यवस्था भी सकारात्मक तरीके से की गई है और अलग-अलग कलर के पॉलिथीन में मेडिकल वेस्ट को बांधकर उनका वजन करते हुए शासन द्वारा चिन्हित किए डिस्पोजल संस्थान पर पहुंचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शहडोल कार्यालय भेजे जाने एवं इन सभी कार्यों में मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना और एकत्रित करने वाले वाहनों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैकिंग करना शानदार पहल है।

अपशिष्ट डिस्पोज पर इन विभागों की रहेंगी नजरें

गाइडलाइन का नियमों से पालन करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य आयुक्त बायोमेडिकल वेस्ट भोपाल, सहित क्षेत्रीय कार्यालय मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल को सूचना देते हुए प्रतिदिन मानिटरिंग कर लिस्ट वरिष्ठ कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करवाया गया है निश्चित रूप से इस तरह से कार्य किए जाने पर टीकाकरण महा अभियान के साथ बायो मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल भी सही तरीके से हो पाएगा।

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