जघन्य हत्या का किया पर्दाफाश, चारों हत्यारे हुए गिरफ्तार

अनिल तिवारी
शहडोल । ब्यौहारी थाना मे गुरूवार को सूचना मिली कि ग्राम मऊ बेलहाटोला के रामभजन प्रजापति की रात्रि में हत्या कर दी गई है, तथा उसकी पत्नी नानबाई को मारपीट कर गंभीर चोट पहुचाई गई है, सूचना के बाद पुलिस पहुंचकर तस्दीक की गई, राजमणि प्रजापति पति तुलसीदास प्रजापति उम्र 23 वर्ष निवासी मऊ द्वारा बताया गया कि गुरूवार की सुबह करीब 09 बजे मोबाईल फोन से सूचना मिलने पर आया देखा जो मृतक रामभजन मृत अवस्था मे अपने घर के आंगन में पड़ा था, जिसके सिर मे गंभीर चोट लगी थी, सिर से खून निकलकर जमीन में काफी फैला है और बाबा रामभजन की मृत्यु हो गई थी।
घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम
दादी नानबाई घायल अवस्था में घर के कमरे में पड़ी थी जिसे उठाकर पूछा जो बतायी कि रात्रि करीब 02 बजे तुम्हारा फूफा मुन्ना प्रजापति अपने साथी राहुल कुशवाहा व एक अन्य के साथ घर आकर घर मे घुसकर बाबा रामभजन को मारपीट कर रहे थे, बीच बचाव करने पर मुझे भी मारकर गंभीर चोंट पहुचाये हैं और बाबा को मार-मार कर खत्म कर दिये हैं, दादी नानबाई के गंभीर रूप से घायल होने के कारण ज्यादा पूछताछ न कर तत्काल उपचार हेतु ब्यौहारी अस्पताल भेजा गया है।
फारेंसिक टीम ने की थी जांच
राजमणी प्रजापति की सूचना पर धारा 450,307,302,34 एवं धारा 174 कायम कर तत्काल वरिष्ठ अधिकारीगणों व एफएसएल टीम को सूचना दी गई। प्रकरण के विवेचना के दौरान धारा 394,397 ताहि व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट का इजाफा किया गया। मौके पर एसडीओपी भविष्य भास्कर, एफएसएल डॉ. श्री एस.पी. सिंह की उपस्थिति में घटना स्थल व शव का निरीक्षण किया गया।
घर में शादी से किया था मना
निरीक्षण घटना स्थल, शव पंचनामा, पूछताछ कथन पंचान गवाहान एवं आहत नानबाई के कथन आदि से पाया गया कि आरोपी मुन्ना उर्फ लल्लू प्रजापति जो मृतक रामभजन का सगा दामाद है जो करीब एक वर्ष पहले मृतक के साथ ही अपने परिवार के साथ रहता था तथा अपनी लड़की की शादी मृतक रामभजन के घर से ही करना चाह रहा था, जो मृतक अपने घर से शादी करने से मना कर दिया, इसी बात पर आरोपी मुन्ना प्रजापति ने मृतक के साथ झगड़ा विवाद किया। जिस पर मृतक ने अपने दामाद आरोपी मुन्ना प्रजापति को अपने घर से निकाल दिया था, तब से मुन्ना प्रजापति न्यू बरौधा ब्यौहारी मे अपने पत्नी बच्चो के साथ रहने लगा था।
शराब पीकर की थी लूट
रंजिस वश 09 सितम्बर की रात्रि में आरोपी मुन्ना प्रजापति अपने साथी दीपक उर्फ राहुल कुशवाहा, कुशल कुशवाहा, उमेश खैरवार को बुलाकर घर मे शराब पिलाया और अपने साथी दीपक कुशवाहा उर्फ राहुल से बताया कि उसकी साली बिटुल बिलासपुर छ.ग. तरफ से सोना चांदी व पैसा लेकर आई है, जिसे चलो लूटते हैं, ऐसा कहकर मुन्ना प्रजापति अपने साथी दीपक उर्फ राहुल कुशवाहा, कुशल कुशवाहा, उमेश खैरवार निवासी खामडांड के साथ मिलकर चारो मृतक के घर बेलहा टोला मऊ रात्रि करीब 02 बजे गये, जो गर्मी के कारण मृतक घर का दरवाजा खोलकर सोया था, तब आरोपी मुन्ना प्रजापति, दीपक उर्फ राहुल मृतक के कमरे मे घुसे जो मृतक देखकर चिल्लाने लगा, तब दोनो मृतक को पकडकर घसीटते हुए घर के बाहर आंगन मे लाकर टांगी, डंण्डा से मारपीट करने लगे जो आहत नानबाई देखी और बीच बचाव करने लगी तब चारो उसे भी मारपीट कर गंभीर चोट पहुचाये तथा मृतक के घर कमरे में रखी अटैची से नगदी 3,000 रूपये एवं चांदी की दो अंगूठी तथा टूटे हुए पायल के छोटे दो टुकड़े आदि सामान लेकर चले गये।
आरोपियों ने कबूला गुनाह
आरोपीगणों की तलाश की गई जो रविवार को दस्तयाब मिले जिनसे घटना के बारे मे पूछताछ की गई जो घटना घटित करना स्वीकार किये आरोपीगणों से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल एवं आलाजरब टांगी, डंण्डा एवं लूटी गई नगदी रकम 3,000 रूपये व चांदी की दो अंगूठी तथा टूटे हुए पायल के छोटे दो टुकड़े आदि सामान बरामद कर जप्त किया गया है। आरोपी मुन्ना उर्फ लल्लू प्रजापति पिता बाबूलाल प्रजापति उम्र 39 वर्ष निवासी खड्डी थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी हाल न्यू बरौधा ब्यौहारी, दीपक उर्फ दीपू उर्फ राहुल पिता कामता प्रसाद कुशवाहा उम्र 26 वर्ष, कुशलेन्द्र उर्फ कुशल पिता जगन्नाथ कुशवाहा उम्र 20 वर्ष एवं उमेश उर्फ भइया पिता नन्दलाल खैरवार उम्र 18 वर्ष सभी निवासी खामडांड थाना ब्यौहारी के विरूद्ध अपराध धारा का घटित करना प्रमाणित पाये जाने पर आरोपीगणों को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल मऊ भेजा गया है।
इनकी रही भूमिका
जघन्य हत्या कांड की खुलासा एवं आरोपी गणों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिमा एस. मैथ्यू के निर्देशन पर एस.डी.ओ.पी ब्यौहारी भविष्य भास्कर के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ब्यौहारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल, उपनिरीक्षक आशीष झारिया, नेहा उइके , सहायक उपनिरीक्षक जी.डी. तिवारी, सुरेश कुमार, प्रधान आरक्षक महेन्द्र बागरी, आरक्षक सुजीत सिंह, नीरज सिंह, अजीत यादव, अमृत लाल यादव एवं सौरभ मिश्रा की भूमिका रही।

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