उद्यान अधीक्षक ने चहेतो को रखकर मेहनतकश मजदूरो को कार्य से निकाला

वर्षो से उद्यान में लगे मजदूरो को अधिकारी ने किया बाहर
अमरकंटक उद्यान में चहेतो को उपकृत करने के लिए अधिकारी की मनमानी
सालो से कार्यरत मजदूरो को कोरोनाकाल में कर दिया बेरोजगार

 जुलाई में पदस्थ हुए उद्यान अधीक्षक के द्वारा वर्षो से कार्यरत मजदूरो को आते ही अपना रौब दिखाने लगे थेे, 5 वर्ष से लेकर 20 वर्षो तक उद्यान में अपनी सेवा देने वाले मेहनतकश मजदूरो को इसलिए बाहर कर दिया गया क्योकि अपने ही निश्तेदारो और करीबियों को उद्यान में रखकर सरकारी धन की होली खेलने को मिल सके। कोरोनाकाल में उनका पूरा परिवार जहां भरण पोषण के लिए काम मांगते रहे, लेकिन उद्यान में कुछ काम नही है यह कहकर उन्हे बाहर कर दिया गया।

अनूपपुर। शासकीय उद्यान अमरकंटक में पदस्थ उद्यान अधीक्षक धमेन्द्र ब्योहर की शिकायत बीते दिनो उद्यान के पूर्व में कार्यरत मजदूरो ने उद्यान अधिकारी बी.डी. नायर सहित कलेक्टर, अमरकंटक थाने, सांसद हिमाद्री सिंह सहित पुष्पराजगढ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को से भी की है। उन्होने शिकायत देते हुए कहा कि पूर्व में पदस्थ अधीक्षक के द्वारा सभी मजदूरो से बेहतर व्यवहार कर कार्य कराते थे, लेकिन जुलाई में नये अधीक्षक की अगुवाई होने के बाद से ही मजदूरो को परेशान करने लगे है, उन्होने कहा कि लगभग 20 वर्ष, 15 वर्ष, 10 वर्ष एवं 5 वर्ष के कार्यरत दर्जनों मजदूरो को कार्य से बाहर कर दिया गया है, कई महीनों से घर पर रहकर ही अपना जीवन यापन करने को मजबूर है, अनावश्यक परेशान करने व भेदभाव का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
महिला मजदूरो को भी निकाला


गौरतलब हो कि उद्यान में जुलाई 2019 में पदस्थ हुए अधिकारी धर्मेन्द्र ब्योहर के द्वारा दिसंबर में ही सभी मजदूरो जिसमें ज्यादतर महिला मजदूर शामिल थे, जिनको कार्य से निकाल दिया था और रिश्तेदारो एवं चहेतो को कार्य पर रख लिया है, कई महीनों तक बाहर कर देने के बाद कुछ लोगों को बुला लिया था, लेकिन अब फिर कई मजदूरो को निकाल दिया। दर्जनभर मजदूरो में ऐसे महिला मजदूर भी है, जिनके बच्चे स्कूल में पढते है और उसी मजदूरो के आधार पर पूरे परिवार का भरण पोषण होता है, लेकिन उद्यान अधीक्षक ने उनकी एक भी न सुनी और उन्हे कार्य से उद्यान से रास्त दिखा दिया गया।
निजी कार्य न करने का नतीजा
दर्जनभर मजदूरो ने शिकायत पत्र में उल्लेख करते हुए लिखा कि उद्यान अधिकारी धर्मेन्द्र ब्योहर ड्युटी समय में ज्यादार दिन नशे में रहते है और मजदूरो के द्वारा कार्य मांगने पर अपशब्दो का प्रयोग करते है, इतना ही नही अपने निवास स्थान पर मजदूरो से निजी कार्य भी कराते है, जिसका विरोध करने पर सभी मजदूरो को प्रताडित करते है तथा कार्य से निकाल देने की धमकी भी देते है, अगर उनके अनुरूप उनके घर का कार्य नही किया गया तो कार्य से हटा दिया जाता है। अमरकंटक के ही सभी मदजूरो को निकाल कर अपने गृहग्राम से बुलाकर लोगों का कार्य पर रख लिये है और स्थानीय लोगों से भेदभाव करते है।
रिश्तेदारो को लगाया काम पर


उद्यान अधीक्षक मूलत: डिंडौरी जिले के है, जहां करजिंया ग्राम भी आता है, वही से अपने रिश्तेदार अनुज ब्योहर को बुलाकर कार्य पर रखा गया है, वही भूषण झारिया, तीरथ यादव व अंगद यादव जो इनके काफी करीबी है, जिन्हे कार्य पर रखा गया है, इतना ही नही माली के पद पर पदस्थ विमल पांडेय को मुखिया बना दिया गया है, जिससे उनका रूतबा और रौब मजदूरो पर दिखता है, अपने कार्य को छोड उद्यान में मनमानी करते नजर आते है।
सेवा में सदैव रहते है हाजिर
उद्यान अधीक्षक धर्मेेन्द ब्योहार मदिरापान व अन्य वैकल्पिन व्यवस्था के बहुत शौकीन है, जिसके लिए कुछ कर्मचारी अतिरिक्त लगाये गये है, जो सुबह-शाम और देर रात्रि तक उनके सेवा में हाजिर रहते है, जिनमें खुशी, चैन सिंह, शिवलाल ये ऐसे लोग है जो साहब के शौक को पूर्ण करने में अपनी भूमिका अदा करते है, यही कारण है कि उनके मन के मुताबिक अगर कोई कार्य नही किया तो उसे बाहर निकला दिया जाता है और जो सेवा देगा उसे उद्यान में कार्य पर रखा जाता है।
उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार
इस कोरोना काल में जहां परिवार के भरण पोषण के लिए कार्य करना आवश्यक है, ऐसे समय का फायदा उठाते हुए सभी मजदूरो को बाहर निकाल दिया गया, मजदूरो के पास अन्य कोई विकल्प व आय का साधन न होने के कारण स्वयं एवं परिवार के भरण पोषण के लिए समस्याओं का सामना करना पड रहा है, अधिकारी के इस उदासीन रवैया पर कार्यवाही करते हुए मजदूरो को कार्य दिलाये जाने की मांग कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
इनका कहना है
कार्य के अनुरूप मजदूरो को रखा जाता है, अगर कार्य नही है तो अनावश्यक कैसे रख सकते है, हमारे यहां कोई भी रिश्तेदार कार्य नही करते है और न ही मेरे को अपशब्दो का प्रयोग किया जाता है।
धमेन्द्र ब्योहर, उद्यान अधीक्षक
शासकीय उद्यान अमरकंटक
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मैं अभी बाहर हूं, लौटकर इस पूरे मामले की जानकारी लेता हूं, मजदूरो को बिना कारण के नही निकाला जा सकता है, अगर गलत हो रहा है तो कार्यवाही अवश्य की जायेगी।
बी.डी. नायर, सहायक संचालक
उद्यान जिला अनूपपुर

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