बिना फार्मासिस्ट के दवाएं बांट रहा मेवाड़ रूपया बचाने के फेर में जुटा अस्पताल प्रबंधन

शहडोल। संभागीय मुख्यालय में संचालित निजी चिकित्सालय मेवाड़ हॉस्पिटल में मेडिकल नियमों को ताक में रखते हुए संचालन कर रहे हैं। बिना फार्मासिस्ट व जरूरी दस्तावेज के मेडिकल दुकान का व्यवसाय किया जा रहा है। मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ न तो ड्रग इंस्पेक्टर कोई कार्रवाई करते हैं और ना ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। गैर डिप्लोमा, डिग्रीधारी द्वारा मेडिकलों का संचालन करने से मरीजों की जान को खतरा रहता है। सूत्रों की माने तो बिल देने के एवज में मेडिकल संचालक को दवाओं की कंपनी भी उल्लेखित करना पड़ती है। इसी वजह से बिल देने से बचते नजर आते हैं।

15 दिन से नदारद हैं फार्मासिस्ट
चिकित्सालय प्रबंधन ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि राजीव पाण्डेय नामक फार्मासिस्ट की नियुक्ति थी, लेकिन उसके द्वारा 15 अक्टूबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया गया था, संभवत: तभी से फार्मासिस्ट के बिना ही अस्पताल के अंदर दवा दुकान का संचालन और यहां भर्ती मरीजों और अन्य को नौसिखियों द्वारा दवाएं दी जा रही है, इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना अधिकृत व्यक्ति के दी जा रही दवाएं क्या गुल खिला सकती हैं।

दवा निरीक्षक कटघरे में
ड्रग अधिनियम के मुताबिक कोई भी मेडिकल स्टोर बगैर फार्मासिस्ट के नहीं चलाया जा सकता। नए लाइसेंस लेने के लिए तो सबसे पहले फार्मासिस्ट होने की जानकारी अनिवार्य रूप से दिए बगैर लाइसेंस ही जारी नहीं किया जाता। पूर्व में संभागीय मुख्यालय में स्थित मेवाड़ अस्पताल में फार्मासिस्ट मौजूद था, लेकिन उसके यहां काम छोड़ देने के बावजूद मेवाड़ अस्पताल के जिम्मेदारों द्वारा अप्रशिक्षित लोगों से दवाई बिकवाई जा रही है, जिससे मरीजों को जान खतरा बना हुआ है।

मरीजों को कर रहे गुमराह
नियमों को ताक में रखते हुए मेवाढ़ अस्पताल द्वारा मेडिकल स्टोर का संचालन कर रहे हैं। बिना फार्मासिस्ट के दवाई बिक्री बेरोकटोक की जा रही है। वहीं खास बात तो यह है कि कथित अस्पताल के प्रबंधन द्वारा फार्मासिस्ट के न रहने के लोगों के जान से तो खिलवाड़ कर ही रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, इससे पूर्व भी मेवाड़ अस्पताल प्रबंधन अपनी कारगुजारियों के कारण सुर्खियों में रहा है।

इनका कहना है…
फार्मासिस्ट ने इस्तीफा देने के बाद 15 दिन से नहीं आ रहे हैं, हालाकि वह आज आये थे, आप सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं।
क्रिस्टोफर वॉस्टिन
मॉर्केटिंग मैनेजर, मेवाड़ अस्पताल
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मैनें काफी पहले इस्तीफा मेल कर दिया है और उसके बाद आज तक नहीं गया हंू।
राजीव पाण्डेय
फार्मासिस्ट, मेवाड़ अस्पताल
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बिना फार्मासिस्ट के दवाएं नहीं देनी चाहिए, इस संदर्भ दवा निरीक्षक को जांच व कार्यवाही के अधिकार रहते हैं, हम तत्काल इस संदर्भ में निर्देश देते हैं।
डॉ. राजेश पाण्डेय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
शहडोल

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