परिवहन विभाग की अनदेखी: जान पर पड़ेगी भारी

राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल नहीं कर रहा नियमों का पालन

मान्यता पर भी खड़े हो रहे सवाल, कटघरे में परिवहन विभाग के मुखिया

(Amit Dubey+8818814739)
शहडोल। परिवहन विभाग के मुखिया की अनेदखी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है, जिले में कार ड्राइविंग सिखाने के नाम पर बड़ा कारोबार चल रहा है, सूत्रों की माने तो ड्राइविंग स्कूल मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहा है, ट्रेनिंग स्कूल आरटीओ के मानकों को पूरा नहीं करता हैं। साथ ही अनुभवहीन ड्राइवरों के सहारे लोगों को भीड़भाड़ वाली सड़क पर कार चलाना सिखाते हैं, जो कि जोखिम भरा होता है। आरटीओ के अधिकारी इस मामले में मूक दर्शक बने हुए हैं।
दुर्घटना का अंदेशा
जानकारों की माने तो शहर में एक मात्र राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल है, उक्त स्कूल के संचालक द्वारा कम सैलरी पर ड्राइवर रखे हुए हैं, जो अनुभवहीन हैं और लोगों को कार चलाना सिखाते हैं। इसके अलावा ड्राइविंग सिखाने के लिए इनके पास खाली मैदान भी नहीं है। इस वजह से मेन रोड या कॉलोनी की सड़कों पर कार चलाना सिखाया जाता है, जिससे आये दिन दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
अधिकारी का मिला साथ
ड्राइविंग स्कूल शुरू करने के लिए आरटीओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन कराना होता है, इस दौरान स्कूल में मौजूद टेक्निकल स्टाफ, व्हीकल और लर्निंग लोकेशन की जानकारी देनी होती है। विभागीय अधिकारी मौके पर जाकर देखते हैं कि जिस जगह लोगों को कार चलाना सिखाया जाएगा वह पर्याप्त है या नहीं। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी की जाती है। यह सभी काम खत्म होने के बाद ही लाइसेंस दिया जाता है। इसके अलावा ट्रेनिंग दे रहे ड्राइवर को कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए, स्कूल परिसर में लेक्चर के लिए भी पर्याप्त स्थान होना जरूरी है। लेकिन राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल मात्र कागजों में ही सभी नियमों का पालन कर रहा है, वहीं परिवहन विभाग के जिम्मेदारों ने कथित व्यक्ति को खुली छूट दी हुई है।
यह भी कहते कायदे
परिवहन विभाग से लाइसेंस, प्रशिक्षण देने के लिए मोटर इंजीनियरिंग कर चुका प्रशिक्षक, वाहन सिखाने के लिए पांच साल कमर्शियल वाहन चला चुके अनुभवी चालक, खुद का एक वाहन हो। वाहन में दोहरे नियंत्रण की सुविधा हो, प्रशिक्षण के लिए आवश्यक मॉडल संकेत, यातायात चिन्ह, वाहन के सभी पाट्र्स के ब्योरे वाला चार्ट लगा हो। मोटरयान का इंजन, गियर बॉक्स, टायर लिवर, पंक्चर किट, व्हील ब्रेस, जैक, स्पैनर, परिसर में आपातस्थिति के लिए उपचार पेटिका, परिसर में ट्रैफिक संकेतकों युक्त ट्रैक।
साहब…इधर भी दे ध्यान
ड्राइविंग स्कूल के संचालन के लिए मैकेनिक का डिप्लोमा होना जरूरी है, इसके अलावा जिस वाहन से ड्राइविंग करना सिखाया जाता है, उसका टैक्सी परमिट होना जरूरी है। वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। वाहन में दोनों तरफ स्टेयरिंग के साथ ब्रेक होना चाहिए, लेकिन बिना लाइसेंस के चल रहे ड्राइविंग स्कूल के संचालक इस तरह का कोई नियम पूरा नहीं कर रहे है न ही परिवहन विभाग इनकी ओर ध्यान दे रहा है और मजे से ड्रायविंग स्कूल का संचालक मलाई छानने में लगा हुआ है।
फीस में भी मची लूट
जानकारों की माने तो परिवहन विभाग ने जीप और कार चलाना सिखाने के लिए डेढ़ हजार रूपए फीस निर्धारित कर रखी है, सूत्रों की माने तो राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल के संचालक द्वारा 2500 से 3000 रूपए तक लोगों से वसूल रहे हैं। इसके अलावा भारी वाहन ट्रक-बस सीखने के लिए 3000 रूपए फीस निर्धारित है। परिवहन विभाग में दोपहिया वाहन पर 30 और चौपहिया वाहन पर 60 रूपए प्रति व्यक्ति के ड्राइविंग स्कूल चलाने वाले को जमा करवाने होते हैं, लेकिन राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल में लगभग नियमों से परे ही चल रहा है, वहीं जागरूकजनों का कहना है कि परिवहन अधिकारी द्वारा क्या आज तक कभी राजीव मोटर ड्रायविंग ट्रेनिंग स्कूल की जांच की गई और अगर की गई तो, उन्हें अनियमितताएं क्यों नजर नहीं आई।

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