अवैध खनन: वंशिका-विधायक हुए आमने-सामने

अवैध उत्खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं: विधायक

जल्द बढ़ेगी खनिज विभाग में अटकी जुर्माने की फाईल

 
शहडोल। जिला प्रशासन और खनिज विभाग जिले में अवैध उत्खनन पर लगाम लगाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग के द्वारा ही लगभग डेढ़ माह पहले ही ब्यौहारी क्षेत्र में वंशिका कंस्ट्रक्शन के द्वारा किये जा रहे रेत खनन की जांच की गई थी, जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ का जुर्माना होना बताया जा रहा है, लेकिन बीते इस डेढ़ माह में न तो फाईल आगे बढ़ी और न तो, बनास व सोन नदी पर अवैध उत्खनन का सिलसिला ही थमा। बोड्डिहा में आज भी बनास नदी के दूसरी तरफ बायोस्फिेयर रिजर्व क्षेत्र में अवैध उत्खनन हो रहा है और यही स्थिति चरकवाह में भी है। जिस पर लगाम लगाने में खनिज विभाग नाकारा साबित हो रहा है, यही नहीं प्रशासन की ओर से बीते इन माहों में कोई जांच भी नहीं की जा रही है।


अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं
ब्यौहारी क्षेत्र के भाजपा विधायक शरद कोल ने कहा कि वे विधायक बनने से पहले ही क्षेत्र में अवैध उत्खनन के खिलाफ हैं, उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण, वन्य तथा जल जीवों की रक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य है। वंशिका कंस्ट्रक्शन के श्रीकांत चतुर्वेदी के द्वारा विधायक के संदर्भ में दिये गये आपत्ति जनक बयान के संदर्भ में श्री कोल ने कहा कि यह हमारी और प्रदेश भाजपा सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास है। न तो हमारे मुखिया और न ही हम, कभी इनके पक्षधर रहे हैं, उन्होंने कहा कि तमाम प्रयासों के बाद भी खनिज विभाग से मिलकर खनन माफिया आंख मिचौली का खेल-खेल रहे हैं। श्री कोल ने कहा कि इस संदर्भ में मैनें कलेक्टर से भी चर्चा की है, वंशिका कंस्ट्रक्शन के द्वारा किये गये अवैध खनन की जांच बीते माहों में खनिज निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा ने की थी, संभवत: उसमें जुर्माना और अन्य कार्यवाही होनी थी, यह फाईल कहां रूकी है, इस संदर्भ में भी कलेक्टर से चर्चा की गई है।

संकट में वन्य-जल जीव
ब्यौहारी विधानसभा अंतर्गत बोड्डिहा से होकर गुजरने वाली बनास नदी का अस्तित्व इन दिनों संकट में है, शहडोल खनिज विभाग तथा स्थानीय राजस्व अमले व पुलिस के मैनेजमेंट के बाद नदी के दूसरी तरफ खनन किया जा रहा है, यह क्षेत्र वन्य तथा जल जीवों के संरक्षण के लिए भारतीय हरित अधिकरण व प्रदूषण नियंत्रण आदि के नियंत्रण में आता है और बायोस्फिेयर रिजर्व क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है, यहां किसी भी स्थिति में वैध या अवैध किसी भी प्रकार के उत्खनन की अनुमति नहीं हैं। बावजूद इसके लगातार न सिर्फ अवैध उत्खनन जारी है, बल्कि अब इसका असर वन्य जीवों पर भी पडऩे लगा है।

खनिज विभाग की चुप्पी
वंशिका कंस्ट्रक्शन के मामले में सबसे अहम व संदिग्ध भूमिका खनिज अमले की है, बकौल खनिज निरीक्षक प्रभात कुमार पट्टा, बीते एक से डेढ़ माह से इस क्षेत्र में हमारा जाना नहीं हुआ है, इसके पूर्व जब गये थे तो, अवैध उत्खनन पाया था और कार्यवाही की फाईल बनाई थी, जिसे वरिष्ठों को सौंपा दी गई। खनिज अधिकारी सुश्री फरहत जहां की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध बनी हुई है, पूर्व के वर्षाे में शहडोल और अनूपपुर में रसूखदार खनिज माफियाओं पर कार्यवाही करने वाली तेजतर्रार महिला अधिकारी की चुप्पी ने खुद-ब-खुद वंशिका के कद का एहसास सबको करा दिया है।

कलेक्टर भी कटघरे में
वंशिका कंस्ट्रक्शन के मामले में खनिज विभाग की चुप्पी और सीमांकन स्थल से बाहर अवैध उत्खनन की पुष्टि होने के बाद भी कार्यवाही की फाईल आगे न बढऩे के मामले ने वंशिका और जिले के मुखिया के पद पर बैठे अधिकारी के कद की तुलना आपस में करने का मौका, आमजनों को दे दिया है। इस मामले में विधायक शरद कोल के बयान और उनके द्वारा कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह से चर्चा करना भी इस बात की पुष्टि करता है कि कहीं न कहीं कलेक्टर और वंशिका के बीच खिचड़ी तो, पक ही रही हैं।

इनका कहना है…
कारोबारियों की मंशा पूरी नहीं हो रही, इसलिए प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने के इरादे से वे यह कह रहे हैं, मैनें कलेक्टर से जुर्माने की रूकी हुई फाईल बढ़ाने के संदर्भ में चर्चा भी की है।
शरद कोल
विधायक
ब्यौहारी विधानसभा

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