विरासत में मिली राजनीति अब कर रहे समाजसेवा

शहडोल। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शहडोल के 6 वर्ष तक निर्वाचित अध्यक्ष एवं लगभग 5 वर्ष तक भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री रहे वीरेश सिंह (रिंकू) को अपने स्वर्गीय पिता लवकेश सिंह से विरासत में राजनीति मिली है, लेकिन वर्तमान में समाजसेवा के लिए समर्पित हैं। लवकेश राम सिंह मेमोरियल कल्चरर कमेटी (एल.आर.एम.सी.सी.) के संस्थापक स्वर्गीय लवकेश सिंह है जबकि अध्यक्ष वीरेश सिंह हैं। इसी कमेटी के माध्यम से सी.बी.एस.सी. पैटर्न की मिडिल स्कूल विमला ग्लोबल स्कूल का संचालन भी आप ब्यौहारी में कर रहे तथा प्रत्येक वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्तदान जैसे महादान में सहभागी बनते हैं। अभी हाल ही में पूर्व मंत्री स्व.लवकेश सिंह की पुण्यतिथि पर 8 फरवरी को ब्यौहारी में रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें 140 लोगों ने 140 यूनिट रक्तदान किया। गरीबों को कम्बल एवं फल वितरित अस्पताल एवं गांवों में आप करते रहते हैं।
स्वाभिमान व सिद्धांतों से समझौता नहीं
सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी रिंकू भैया के नाम से लोकप्रिय वीरेश सिंह ब्यौहारी क्षेत्र में युवाओं के आईकॉन हैं। राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचने के बाद भी भाजपा के जिला महामंत्री पद से स्तीफा क्यों दे दिए, इस सवाल के जवाब में श्री सिंह कहते हैं कि जिस पार्टी को मेरे पिता ने सींचा था उस पार्टी में गलत व्यक्ति को जब वर्ष 2018 में विधानसभा की टिकट दिया गया तो मैंने खुलकर विरोध किया, पार्टी से स्तीफा दे दिया और गोंगपा के प्रत्याशी का समर्थन किया। चूंकि मेरे साथ एक बड़ा जनाधार है, इसलिए हमने कड़ी टक्कर दी और गोंगपा को अच्छे मत मिले थे। गोंगपा दूसरे नम्बर पर पहुंच गई थी जबकि कांग्रेस तीसरे नम्बर पर चली गई थी। रिंकू भैया ने कहा कि मैं स्वाभिमान और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकता।
शरद कोल भाजपा के नहीं

वीरेश सिंह ने कहा कि ब्यौहारी विधानसभा के विधायक शरद कोल को कांग्रेस से लाकर भाजपा ने विधायक बनाया है, परंतु आज भी वे भाजपा के नहीं हैं। कमलनाथ की सरकार आई थी तब वे कहने लगे थे विकास के मुद्दे पर वे कमलनाथ के साथ हैं। मैंने जो कहा था वह बात सत्य साबित हुई है कि शरद कोल अवसरवादी हैं, कांग्रेस की तरफ उनका झुकाव है और वे भाजपा के सगे नहीं हो सकते।
भाजपा में कब होगी वापिसी..?
आपकी भारतीय जनता पार्टी में वापिसी कब होगी? इस सवाल के जवाब में श्री सिंह कहते हैं कि दो वर्ष से अधिक मुझे पार्टी छोड़े हो गए हैं, मैंने कोई अन्य दल ज्वाईन नहीं किया है। सिद्धांतों को लेकर मतभेद हैं। यदि पार्टी को लगता है कि हमारी आवश्यकता है तो विचार करेंगे। मेरे पिता दाऊ साहब ने सायकल से एक-एक गांव घूम-घूमकर पार्टी को ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र में खड़ा किया है। ब्यौहारी कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। कांग्रेस के नेता पंडित राम किशोर शुक्ल लगातार निर्वाचित होते रहे हैं और प्रदेश में लंबे समय तक मंत्री रहे फिर भी दाऊ साहब स्वर्गीय लवकेश सिंह जी ने कड़ी मेहनत कर एक-एक व्यक्ति को जोड़कर और अनेक बार विधानसभा का चुनाव लड़कर भारतीय जनता पार्टी को आगे किया है, इसलिए भाजपा से अलग मैं सोच नहीं सकता।
विंध्य प्रदेश की मांग उचित
विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन की उठ रही मांग के सम्बंध में श्री सिंह का कहना है कि विंध्य प्रदेश की मांग उचित है। छोटा प्रदेश होना चाहिए। गोवा जैसे छोटे राज्य का ज्यादा विकास होता है। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ तो छत्तीसगढ़ का विकास देखिए। विंध्य प्रदेश बन जाने से विंध्य क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। विंध्य क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं।
मुझे बदनाम न करें
श्री सिंह ने कहा बालू (रेत) के व्यापार से जोड़कर कुछ लोग मुझे बदनाम कर रहे हैं, जबकि रेत के धंधे से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। श्री सिंह ने कहा कि मेरा विनम्र आग्रह है कि मुझे बदनाम न करें।

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