साहित्यकार, मानवमूल्यों और सदविचारो को जन-जन तक पहुंचाए: कमिश्नर

फणिश्वरनाथ रेणु जन्म शताब्दी साहित्य समारोह का हुआ आयोजन

शहडोल। कमिश्नर राजीव शर्मा के मुख्य अतिथ्यि में रविवार को मानस भवन में सुप्रसिद्व लेखक पुणिश्वरनाथ रेणु जन्म शताब्दी साहित्य समारोह का आयेाजन किया गया। साहित्य समारोह में कमिश्नर द्वारा संभाग के वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया गया, वहीं संभाग के साहित्यकारों एवं लेखकों द्वारा रचित किताबों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर समारोह को सम्बोंधित करते हुए कमिश्नर राजीव शर्मा ने कहा किए साहित्यकारो का यह दायित्व है किए साहित्यकार अपनी लेखनी से सदविचारों और मानवमूल्यों को जन-जन तक पहुंचाए। उन्होंने कहा किए आज की पीढी सुविधाभोगी पीढी है, आज की पीढी के पास वह सभी सुविधाएं मौजूद है, जो कभी राजा महाराजों के पास होती थी, इतनी सुविधाओं के बावजूद हमारी पीढी के लोग जीवनमूल्यो, संवेदनाओं, सदविचारों से नगण्य है, आज की पीढी श्रम से बचती है, हमारा आज का जीवन सुविधापूर्ण है, सुविधापूर्ण जीवन ने हमारी पीढी की संघर्ष क्षमता को नष्ट कर दिया है। कमिश्नर ने कहा किए जिसके जीवन में संघर्ष नही होता, जिसने कभी धूप नही झेली उसे तृप्ति का आनंद कभी नही मिल सकता है। उन्होंने कहा किए हमारी डिजाइनर पीढी को संघर्ष करने का पाठ सिखाएं और यह कार्य साहित्यकार ही कर सकता है। साहित्यकारों पर एक बडी चुनौती संस्कृतिए भजन, भोजन और परंपराओं को बचाएं रखने की है युवा पीढीके समक्ष प्रेरणादायी और अच्छा साहित्य प्रस्तुत करने की भी है इस दिशा में भी साहित्यकार लेखन के माध्यम से सकारात्मक कार्य करें।
समारोह को सम्बोंधित करते हुए प्रोफेसर आरती झा ने कहा कि फणिश्वरनाथ रेणु एक समाजवादी और सच्चे लेखक थे उस समय समाज में उन्हें अच्छा स्थान नही मिला। उन्होंने कहा कि रेणु की रचनाओं में गांवों के जीवन के साथ प्रकृति का भी चित्रण हैए उनके पास अनेक सामाजिक विकृतियों तथा त्रसत स्थितियों से जूझते हुए अपनी मानवीय गरिमा को बचाए रखे हुए रखे है वे असहाय, अनपढ, गरीब, पीडित और अधंविश्वासी हो सकते है किन्तु संवेदनशीलता के स्तर पर नगरों, महानगरों तथा कथित सभ्य कहे जाने वाले महापुरूषों से निश्चय ही श्रेष्ठ है।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकाररामविहोर तिवारी, संतोष द्विवेदी,नालीनी तिवारी, दुर्गाप्रसाद श्रीवास्तव, श्रीमती शालिनी सरावगी एवं अन्य साहित्यकार उपस्थित रहें। इस अवसर पर कमिश्नर द्वारा साहित्यकार, किरण शिल्पी, श्रीमती शालिनी सरावगी, उमाकांत निगम एवं छाया गुप्ता द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया। कमिश्नर ने संभाग के लेखको द्वारा रचित कविता पोस्टर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। समारोह का संचालन साहित्यकार अनिल विश्वकर्मा द्वारा किया गया।
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