कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एक बड़ी चुनौती,गरीबी और कुपोषण के दुष्यचक्र से निजात दिलाना हमारी जिम्मेदारी- कमिश्नर


कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एक बड़ी चुनौती,गरीबी और कुपोषण के दुष्यचक्र से निजात दिलाना हमारी जिम्मेदारी- कमिश्नर

शहडोल 08 जुलाई 2021- कमिश्नर शहडोल संभाग श्री राजीव शर्मा ने कहा है कि शहडोल संभाग में कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एक बड़ी चुनौती है इस चुनौती को हमें स्वीकार करना होगा तथा कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निरंतर प्रयास करने होगे। कमिश्नर ने कहा है कि, हमारा प्रयास गरीबी और कुपोषण के दुष्यचक्र से शहडोल संभाग के लोगों को निकालना है, इसके लिए लोगों को रोजगार के समुचित अवसर उपलब्ध कराएं, स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करें, स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक कारगर और बेहतर बनाएं और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सेवाओं का प्रभावी और परिणाममूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित कराना होगा तभी हम शहडोल संभाग से कुपोषण के कलंक को समाप्त कर पाएगें इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों एवं नागरिको का सहयोग भी लेना होगा। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने उक्त निर्देश बुधवार को बांधवगढ़ में आयोजित कलेक्टर काॅन्फ्रंरेस में दिए।

कमिश्नर ने कहा कि, शहडोल संभाग में कुपोषण से मुक्ति एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संवेदना अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदना अभियान की अवधारणा जन-जन तक पहुंचना चाहिए तथा संवेदना अभियान का लाभ जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। कमिश्नर ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शहडोल संभाग में कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए चलाएं जा रहे संवेदना अभियान की सम्पूर्ण जानकारी अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नही है। कमिश्नर ने निर्देश दिए है कि शहडोल संभाग के अनुविभागीय अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी संवेदना अभियान की जानकारी होनी चाहिए। कमिश्नर ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों के अनुविभागीय अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संवेदना अभियान के संबंध में समुचित जानकारी देकर प्रशिक्षित कराना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि, कुपोषण की स्थिति को समाप्त करने के लिए शहडोल संभाग में गरीब और कमजोर तबके के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएं, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर से बेहतर बनाएं, आगनवाड़ी केन्द्रों द्वारा दी जा रही संदर्भ सेवाओं को और अधिक कारगर और बेहतर बनाया जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि, आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण आहार वितरण कार्यक्रम की निरंतर माॅनिटरिंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, पोषण आहार वितरण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही नही होना चाहिए, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आॅगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को सभी संदर्भ सेवाएं उपलब्ध होना चाहिए। कमिश्नर ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि, वे आॅगनवाड़ी केन्द्रों द्वारा संचालित सेवाओं की सतत माॅनिटरिंग करें। कमिश्नर ने कलेक्टर कांफ्रेंस में कहा कि, शहडोल संभाग में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, उन्हें पोषण आहार की उपलब्धता एवं समय-समय पर चिकित्सकीय जांच की सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। शहडोल संभाग में डायरिया, मलेरिया, निमोनिया, सर्दी, खाॅसी जैसी मौसमी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि शहडोल संभाग में निमोनिया से बच्चें काफी प्रभावित होते है, इसके लिए शहडोल संभाग में संघन जागरूकता अभियान चलाया जाएं।

कलेक्टर काॅन्फ्रेंस में कलेक्टर उमरिया श्री संजीव श्रीवास्तव, कलेक्टर शहडेाल डाॅ. सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर अनूपपुर सुश्री सोनिया मीना एवं मुख्य चिक्त्सिा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहें।

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