मास्साब हैं फर्जी एफडी और भर्ती के मास्टर माईंड 

मामला फर्जी एफडी बनाकर स्वास्थ्य विभाग से धोखाधड़ी का 
सचिव-मास्साब और ठेकेदार के इर्द-गिर्द घूमता है मानपुर 
उमरिया। नवगठित नगर परिषद मानपुर में कर्मचारियों के संवीलियन की सूची संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर ने मोहर लगने से पहले ही खारिज कर दी, लेकिन इस सूची में पंचायत के सचिव की पुत्री का भी नाम था, हालाकि जब मोहर नहीं लगी तो, सब उस सूची को फर्जी बताने लगे, इधर 26 मार्च 2021 को जिसके ऊपर धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ, उसी जिले में , उसी विभाग में, उसी फर्म को 51 लाख का काम मिल गया, खुलकर जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ रही है, जो पकड़ा गया वह चोर की कहावत पुरानी हो गई, अब तो पकड़े जाने के बाद भी जिसका जुगाड़ नहीं लगा, वह चोर, बाकी सब ऑन रिकार्ड सफेदपोश हैं। आरोप हैं कि दुबे बंधुओं में एक मास्साब हैं जो, शतरंज की बिसात बिछाते हैं, फिर ठेकेदार और पूर्व सचिव व अन्य उसे मिलकर आगे बढ़ाते हैं।
यह है 2021 की एफआईआर
कार्यालयीन आदेश क्रमांक/ निर्माण/2020-21/1017ए/उमरिया दिनांक 25 मार्च 2021 के द्वारा 13 एफ.डी. की राशि को राजसात करने का आदेश जारी किया गया था, जिसके अनुसार संबंधित एफ.डी.क्रमांक 056021 दिनांक 08 फरवरी 2019 को यूनियन बैंक उमरिया बैकर्स चैक प्राप्त करने के लिए पत्र क्रमांक/लेखा/2020-21/1043 दिनांक 26 मार्च 2021 के द्वारा भेजा गया था, जो यूनियन बैंक के पत्र क्रमांक./यूएमआर/2020-21/120 दिनाँक 26 मार्च 2021 माध्यम से अवगत कराया गया कि यह एफ.डी. क्रमांक 056021 दिनाँक 08 फरवरी 2019 रुपये 9 लाख रुपये की मूल प्रति ना होकर स्वरचित है । इस तरह से ब्रजेन्द्र सिंह बघेल सहायक वर्ग-2 यह ठेकेदार मुकेश कुमार दुबे ग्राम बिजौरी विकास खण्ड मानपुर द्वारा एक राय होकर कूटरचित दस्तावेज एफडी तैयार कर असल के रुप मे उपयोग करते हुये षड्यंत्रपूर्वक आपसी मिलीभगत से सुरक्षानिधि की राशि हङपने के लिए धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया जाकर शासन को आर्थिक छति पहुंचाई गयी है, तत्कालीन निर्माण शाखा प्रभारी ब्रजेन्द्र सिंह सहायक वर्ग-2 एवं ठेकेदार  मुकेश कुमार दुबे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाये।
मुखिया ने बिसात बिखेरी
मानपुर विकास खण्ड मुख्यालय की पंचायत बीते माहों में नगरीय निकाय में तब्दील हो गई, मानपुर सहित दो अन्य पंचायतों का इस निकाय में विलय हुआ, गठन से पहले तीनों पंचायतों के जिम्मेदारों सहित जिला मुख्यालय में खुद को नगरीय निकाय का सबसे बड़ा अधिकारी मानने वाले तथाकथितों ने भी इस जुगाड़ के हमाम में अपनी आहूति देने से नहीं चूके। आरोप हैं कि सीएमओ उमरिया शशि कपूर गढ़पाले सहित मानपुर के सरपंच शारदा प्रसाद गौतम और तत्कालीन सचिव ने अक्रांत गढ़पाले पिता देवेन्द्र गढ़पाले वसूली सहायक-सह राजस्व निरीक्षक, सुश्री सैलजा दुबे पिता एस.के. दुबे वसूली सहायक-सहायक राजस्व निरीक्षक, श्रीमती निहारिका गौतम पति हरिशंकर मिश्रा श्रीमती अंजना पाण्डेय-प्रवीन्द पाण्डेय वसूली सहायक-सहायक राजस्व निरीक्षक का नाम सूची में डलवा कर खुद का भला किया था, लेकिन कलेक्टर ने पूरी बिसात ही बिखेर दी।
ब्लैक लिस्टेड का कर दिया भला 
ठेकेदार मुकेश कुमार दुबे को कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के आदेश से जनजातीय कार्य विभाग में ब्लैक लिस्टेड किया गया था। दरअसल जनजातीय कार्य विभाग के कुछ काम ठेकेदार मुकेश कुमार दुबे को दिए गए थे। इस मामले में कलेक्टर के पास यह शिकायत आई थी कि उक्त कार्यों को ठीक ढंग से नहीं किया गया है। कुछ काम तो किए ही नहीं गए थे। इन शिकायतों की कलेकटर ने जब जांच कराई तो पता चला कि शिकायत सही है। बताया गया है कि ठेकेदार मुकेश कुमार दुबे को मानपुर जनपद के ग्राम रोहनिया में लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाले 6 बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण का टेंडर और लगभग 51 लाख रुपये की लागत से मानपुर और पाली स्वास्थ्य केन्द्र में रेनोवेशन का काम दिया गया है। एक ही जिले में एक विभाग में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को दूसरे विभाग में इतने बड़े काम मिलने से काम के ठीक ढंग से पूरा होने पर संशय उत्पन्न होने लगा है।

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