मनरेगा परियोजना अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को किया गुमराह 

नोटशीट में दी गलत जानकारी 

दिव्यांग संविदा महिला कर्मचारी की चली गई नौकरी 

शहडोल। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड) में डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर दिव्यांग महिला कर्मचारी कई वर्षाे से संविदा पर नियुक्त थी, लेकिन 30 सितम्बर से यह योजना बंद हो गई, जबकि वरिष्ठ कार्यालय द्वारा बीते अक्टूबर माह में ही कार्यालय में पदस्थ डाटा इंट्री ऑपरेटर को मनरेगा व अन्य योजना में मर्ज करने के आदेश दिये गये थे,  लेकिन मनरेगा परियोजना अधिकारी की हठधर्मिता व गलत नोटशीट के कारण उसे मनरेगा में मर्ज करने के आदेश का पालन नहीं हो सका। जबकि दिव्यांग महिला कर्मचारी सभी वरिष्ठ अधिकारियों की देहरी पर फरियाद कर चुकी है।
यह था आदेश
 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड) विकास जिला स्तर पर कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर के संबंध में प्रमुख सचिव संचालक राजीव गांधी जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन भोपाल के पत्र क्रमांक 1162/22/वि-9/आर.जी.एम./ आईडब्ल्यूएमपी/2021 भोपाल दिनांक 02 फरवरी 2021 के अनुसार प्रधानमंत्री सिंचाई योजना वाटरशेड विकास अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं समाप्त हो चुकी है या समाप्त होने वाली हैं, इन परियोजनाओं के लिए जिला स्तर पर जिला वाटरशेड डाटा सेंटर में कार्यरत संविदा डाटा इंट्री ऑपरेटर जिनकी नियुक्ति जिला स्तर पर की गई थी, इन डाटा इंट्री ऑपरेटरों को विभाग की अन्य योजनाओं के तहत जिला स्तर पर रिक्त डाटा इंट्री आपरेटर के पदों पर नियुक्ति देने के आदेश थे, जिसमें जिला पंचायत द्वारा परियोजना अधिकारियों से अभिमत मांगा गया था।
यह किया मनरेगा अधिकारी ने
 मनरेगा अधिकारी राहुल सक्सेना द्वारा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 26 मार्च को भेजी गई जानकारी में गुमराह किया गया, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी को भेजे गये पत्र में उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड) अंतर्गत जिला स्तर पर डाटा इंट्री ऑपरेटर का एक पद रिक्त हैं, रिक्त पद के विरूद्ध सुश्री श्वेता जायसवाल कार्यरत हैं, जबकि सुश्री श्वेता जायसवाल की मूल पदस्थापना मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढ़ार है। जिला स्तर पर कार्य की अधिकता का बहना बनाकर शासन के नियमों के विरूद्ध उन्हें जिला स्तर पर मनरेगा शाखा में संलग्र करने का हवाला भी दे डाला। जबकि संलग्रिकरण शासन स्तर से प्रतिबंधित है।
षडय़ंत्र के तहत गायत्री को किया बाहर
 दिव्यांग महिला कर्मचारी की नौकरी चली गई, जिसके पीछे जिला पंचातय के मनरेगा वाटरशेड परियोजना अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश को ताक पर रखकर नोटशीट में दो तरह की जानकारियां दी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी भी गुमराह हुए और नतीजन दिव्यांग महिला कर्मचारी की नौकरी चली गई। इसके बाद भी जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। जबकि डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर अब भी उसकी नियुक्ति की जा सकती है, इसके बाद भी जिला पंचायत के अधिकारी मानवीय संवेदना को भूलकर दिव्यांग महिला कर्मचारी की रोजी-रोटी पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि शासन स्तर से उसको नौकरी देने के साफ निर्देश हैं।
इनका कहना है…
अभी यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, कल डाटा इंट्री ऑपरेटर गायत्री सिंह को बुलाकर मामले की जानकारी लेते हैं। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार उचित निर्णय लिया जायेगा। 
निदेशक शर्मा 
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी 

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