नगर पंचायत जैतहरी के नवनिर्मित नाली के निर्माण में मुंह देखी पक्षपात

संतोष कुमार केवट रिपोर्टर

अनूपपुर/  महेश प्रजापति इन दिनों नगरपंचायत जैतहरी में नवनिर्मित नाली निर्माण का कार्य बड़ी ही तेजी से चल रहा है जोकि निर्माण कार्य पुराने बस स्टैंड से लेकर दुर्गा मंदिर के पीछे वाली रोड तक होना है इस नाली के निर्माण में नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा मुंह देखकर कार्य को अंजाम दिया जा रहा है पुराना बस स्टैंड जैतहरी जहां से नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ है लेकिन वँहा पर रोड़ चौड़ी करण कि आवश्यक्ता अधिक होने पर वहां पर रोड चौड़ाई कि कोई प्रकिया नहीं किया गया और नहीं कोई तोड़फोड़ किया गया बल्कि पुरानी नाली को तोड़कर उसी स्थान पर टेढ़ी मेढ़ी दूसरी नाली का निर्माण करा दिया गया और ऐसे ही टेढ़ी मेढ़ी नाली बनने की प्रक्रिया को बनाते हुए समस्त व्यकित के मकान के सामने कि नाली को बनाते हुये वो भी बिना किशी तोड़ फोड़ के सुनील गुप्ता के दुकान तक चला आया लेकिन सुनील गुप्ता के दुकान के आगे से नाली बनने की प्रक्रिया को बोला जा रहा है कि हमको यहां से रोड को चौड़ीकरण करनी है इस कारण से हम रस्सी के माध्यम से नाप कर अरुण पत्रिक के मकान को तोड़कर रोड को चौड़ीकरण करना है इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि नगर पंचायत के अधिकारी के द्वारा मनमाने तरीके से कार्य को अंजाम दिया जा रहा है और जहां पर जगह पर्याप्त है वँहा पर रोड को चौड़ीकरण करने की प्रक्रिया आसानी से हो सकती है वहां पर नगर पंचायत अधिकारियों के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई तोड़फोड़ व चौड़ीकरण की प्रक्रिया को अंजाम नहीं दिया जा रहा है इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि नवनिर्मित नाली के निर्माण में सिर्फ और सिर्फ एक दो के ही परिवार को परेशान व प्रताड़ित (जो हरिजन समाज के हैं )किया जा रहा है इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि नगर पंचायत जैतहरी के द्वारा कराए जा रहे नवनिर्मित नाली के निर्माण में मुंह देखकर कार्य को अंजाम दिया जा रहा है और यदि नगरपंचायत जैतहरी में यदि रोड को चौड़ीकरण करना है तो रोड को चौड़ीकरण करने के लिए रोड के दोनों ओर की जमीन को अतिक्रमण कर रोड को आसानी से चौड़ीकरण किया जा सकता है लेकिन यदि नगरपंचायत के अधिकारियों के द्वारा सिर्फ और सिर्फ एक ही स्थान पर रोड को चौड़ीकरण करने की मानसिकता बना रहे हैं जो कि गलत है और टेंडर सिर्फ नाली के स्थान पर नाली निर्माण कर रोड बनाना है तो इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि नगरपंचायत के अधिकारी उस पीड़िता के साथ आपसी रंजिश को दिखा रहे हैं जो कि नगरपंचायत के अधिकारियों के द्वारा दिखाए जा रहा है इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि पीड़िता हरिजन समाज के व्यक्ति से भेदभाव किया जा रहा हैं।

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