बढ़ती जनसंख्या को संसाधन में परिवर्तित करने की आवश्यकता: डॉ. तिवारी

 

अनूपपुर से अजय नामदेव 

अनूपपुर। जिले के अग्रणी शासकीय तुलसी महाविद्यालय में दिनांक 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित एक संगोष्ठी में प्राचार्य डॉ. परमानन्द तिवारी ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या की वृद्धिदर पर कुछ नियंत्रण पाया गया है लेकिन यह उत्साहजनक नहीं है। सीमित संसाधनों में सभी की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं की पूर्ति कर पाना बहुत मुश्किल है। डॉ. तिवारी ने कहा कि जनसंख्या को कुशल बनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. जे. के. सन्त ने कहा कि देश के विकास के लिए जनसंख्या का होना आवश्यक है किंतु जब यह एक सीमा से ज्यादा बढ़ती है तो विकास में बाधक बन जाती है। इस संगोष्ठी में डॉ. गीतेश्वरी पाण्डेय, डॉ. देवेंद्र सिंह बागरी, डॉ. आकांक्षा राठौर , अजयराज सिंह राठौर, प्रीति वैश्य, पूनम धांडे, डॉ. अमित भूषण द्विवेदी , शाहबाज़ खान, विनोद कुमार सर् और ज्ञान प्रकाश पाण्डेय के साथ रासेयो के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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