करोड़ो की सरकारी जमीन पर हो रहा कब्जा

अतिक्रमणकारियों में महिला पुलिस अफसर, उपसरपंच एवं अनेक पूंजीपति

(Amit Dubey+8818814793)
शहडोल। एक तरफ प्रदेश शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा माफिया, गुण्डे, मवालियों के विरूद्ध अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर बुलडोजर से कब्जा हटाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज रोड मे बेशकीमती सरकारी करोड़ों रूपये की जमीन पर रातो-रात कब्जा किया जा रहा है। खसरा नंबर 388 में लगभग 8 एकड़ सरकारी भूमि पर माफिया द्वारा रातों-रात कब्जा कराया जा रहा है। पूर्व में शिकायत के अनुसार एक आदिवासी महिला पुलिस अफसर ने तो सरकारी जमीन पर मकान ही तान लिया है, तो गांव के एक उप सरपंच ने भी सरकारी भूमि पर कब्जा करके बहती गंगा में हाथ धो लिया है। उप सरपंच ने मकान और दुकान निर्माण कर लिया है।
राजस्व कर्मचारियों से विवाद पर उतारू
सूत्रों का कहना है कि भू-माफिया द्वारा एक-एक लाख रूपये लेकर सरकारी जमीन पर रात में इसलिए कब्जा कराया गया है ताकि आरआई, पटवारी कब्जा रोक न सकें। इसके बाद भी जब-जब पटवारी या आरआई कब्जा रोकने की कोशिश करते हैं, तब-तब भू-माफिया के गुर्गे विवाद पर उतारू हो जाते हैं। इतना ही नहीं भू-माफिया के गुर्गे राजस्व कर्मचारियों से मारपीट करने भी आमादा हो जाते हैं।
कब्जा करने मची होड़
जब से कुदरी रोड में मेडिकल कालेज खुला है, तब से मेडिकल कॉलेज रोड की जमीन का भाव आसमान में चढ़ गया है, एक समय था इस मार्ग पर 50 रूपये फुट में जमीन बिक रही थी, किन्तु अब वर्तमान में 500 से 1000 रूपये फुट जमीन का रेट हो गया। शहडोल शहर में निजी भूमि का टोंटा है, इसलिए जो व्यक्ति भी अपना घर बनाना चाहता है, वह मेडिकल कॉलेज रोड की जमीन तलाशता है, इसी का फायदा उठाकर भू-माफिया सरकारी जमीन में कब्जा कराकर अपनी जेबें भर रहे हैं।
कई लोगों के विरूद्ध चल रहा प्रकरण
कई अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध नायब तहसीलदार के न्यायालय में धारा 248 के तहत प्रकरण चलाया जा रहा है, किन्तु जानकार कहते हैं कि धारा 248 का प्रकरण तहसील न्यायालय में चलना अतिक्रमणकारियों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। सालों साल प्रकरण चलते रहते हैं, पेशी पर पेशी होती है, परन्तु अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही ठण्डे बस्ते में चली जाती है।

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