अफसरों ने साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाए

सायबर अपराध से लोगों को किया जागरूक

शहडोल। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में लोगों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया गया, इस दौरान साइबर सेल प्रभारी उमेश्वर ठाकरे ने लोगों को साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए गए। लोगों को सतर्क रहने का सुझाव दिया गया। इसके साथ ही साइबर अपराध पर प्रभावी नियत्रंण के लिए साइबर सुरक्षा से प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर पहुंच कर लोगों को जानकारी दी। इंटरनेट बैकिंग, ऑनलाइन फ्राड, वालेट/ यूपीआई संबंधित धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी गई।
अनजान एप न करें डाउन लोड
श्री ठाकरे ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि डेबिट कार्ड से राशि आहरण के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओ.टी.पी. शेयर नहीं करें। ऑनलाईन फ्रॉड से बचने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी टॉल-फ्री नम्बर 1930 पर कॉल करें। कोई भी अनाधिकृत लोन एप अपने मोबाईल में डाउनलोड नहीं करें। ऐसे अनाधिकृत लोन एप डाउनलोड करने के पूर्व आपके कॉन्टेक्ट्स(ब्वदजंबजे) मेसेजेस और गैलरी की परमिशन मांगते है। यह परमीशन नहीं देने पर यह एप आपके मोबाईल में डाउनलोड नहीं होगा। लोन रिपेमेन्ट नहीं होने पर ऐसे अनाधिकृत लोन देने वाले एप एडमिनिस्ट्रेटर आपकी गैलरी के फोटो की मॉर्फिग कर आपकों पोर्न वीडियों या पोर्न फोटोज से आपकों बदनाम कर मुहमांगी राशि की मांग कर सकते है। किसी भी अनजान एप का गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने पर उसे कॉनटेक्ट्स, मेसेज और गैलरी की परमिशन एलॉउ नहीं करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या दुकानदार, मर्चेन्ट इत्यादि को अपना व्यक्तिगत आधार कार्ड, स्थाई लेखा संख्या एवं अन्य दस्तावेज शेयर नहीं करें।
न करें किसी नंबर पर विश्वास
गूगल सर्च इंजिन से प्राप्त टॉल-फ्री नम्बर को पहले वेरीफाय करें एवं इसके बाद ही इस नम्बर पर विश्वास करें। किसी भी कम्पनी का टॉल फ्री नम्बर प्राप्त करने के लिए उस कम्पनी की अधिकृत वेबसाईट से ही यह नम्बर प्राप्त करें। साइबर सेल प्रभारी ने बताया लोगों को बताया कि सभी कम्पनी के टोल फ्री नम्बर सामान्यत: 1800- से प्रारंभ होते है। ऐसे नम्बरों के बाद कम्पनी के नाम से आने वाले किसी भी मोबाईल नम्बर पर विश्वास नहीं करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन, टीम व्यूअर, ऐनी डेस्क, ऐयर ड्रॉप इत्यादि को इंस्टॉल नहीं करें।
सामाजिक बदनामी के हो सकते हैं शिकार
प्रभारी ने बताया कि पूर्व से इन्स्टॉल किये गये रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन की आय.डी. और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति को शेयर नहीं करें। किसी भी अनजान महिला या पुरूष को फेसबुक, इंस्टाग्राम अथवा व्हॉट्सएप पर इन्टरटेन नहीं करें। किसी भी अनजान महिला या पुरूष के बारम्बार आग्रह करने पर कोई न्यूड वीडियों कॉल इत्यादि नहीं करें, ऐसा करने से आप गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी एवं सामाजिक बदनामी के शिकार हो सकते है। इस दौरान साइबर एडवाइजरी के प्रचार-प्रसार में साइबर सेल प्रभारी उमेश्वर ठाकरे, एएसआई अमित दीक्षित, प्रधान आरक्षक प्रशांत सोनी, आरक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा ,राजकुमार सिंह मरावी, प्रकाश द्विवेदी एवं महिला आरक्षक श्रीदेवी शामिल रहे।

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