बर्तन खरीदी के नाम पर खुली लूट!

(अनिल तिवारी+8827479966)
उमरिया। जिले की जनपद पंचायत क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। इन मामलों में अधिकारियों की चुप्पी कई प्रश्न खड़े कर रही है। कर्मचारियों की बेफिक्री का आलम यह है कि बगैर काम किए ही लाखों रुपये फर्जी तरीके से आहरित किए जा रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में फर्जी फर्मों के नाम से बिल लगाकर सरकारी राशि का गोलमाल किया जा रहा है। अधिकांश मामलों की जानकारी अधिकारियों को होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना भ्रष्टाचार को एक गोरखधंधे का रूप दे रहा है।
लाखों का हुआ भुगतान
जनपद पंचायत पाली अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतें भ्रष्टाचार को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहती है। वहीं ग्राम पंचायत इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में बनी हुई है। बर्तन खरीदी के नाम पर पंचायतों से लाखों के भुगतान किये गये, जो बर्तनों की खरीदी की गई है, वह समूहों को दिये जाने थे, लेकिन आज तक वह सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक के घरों पर हैं। बर्तन खरीदी के नाम पर जिम्मेदारों ने भारी भरकम बजट खर्च किया है, आरोप है कि बिल ग्राम पंचायतों में दबाव बनाकर पास करवाये गये है, मजे की बात तो यह है कि इसे पूरे मामले के सूत्र जनपद से लेकर जिले में बैठे जिम्मेदारों ने बगैर निविदा प्रकाशित करवाये ही एक फर्म से खरीदी कर ली गई।
गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
आरोप हैं कि सरपंच व सचिव की मिलीभगत से ग्राम पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, पूरे में मामले में जिला पंचायत में बैठा कथित अधिकारी द्वारा एक ही फर्म से खरीदी के लिए जनपद के जिम्मेदारों पर दबाव बनाकर अपना कमीशन सेट कर लिया गया, अगर पंचायतों को जनपद द्वारा ही सप्लाई करनी थी तो, जनपद मुख्यालय से भी खरीदी की जा सकती थी, जहां से खरीदी की गई, उससे बड़ी फर्म भी संभागीय मुख्यालय में संचालित है, लेकिन लाभ के फेर में बर्तन के नाम पर लाखों का वारा न्यारा किया गया। पूरे मामले में अगर जिला पंचायत अधिकारी स्वयं जांच करें तो, बड़े भ्रष्टाचार से पर्दा उठ सकता है।

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