अंतर्राज्जीय जांच चौकियों में ठेके पर खुली लूट!

लोकेन्द्र के साथ राजू की जोड़ी, हर दिन है लाखों की वसूली

कोयले के अलावा लोहे व अन्य भारी वाहनों की बनी है डॉयरी

खूंटाटोला, कबीर चौरा सहित राजनगर चौकियों पर खुलेआम सौदेबाजी

हर दिन दो दर्जन से अधिक अवैध बसों की आवाजाही

शहडोल। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर क्रमश: राजनगर, खूंटाटोला और कबीर चबूतरा पर बनी अंतर्राज्जीय परिवहन चौकियों पर अनाधिकृत व्यक्तियों ने बेजा कब्जा किया हुआ है, शासन ने जिनकी नियुक्ति की है, वे रबर स्टांप बन चुके हैं, तीनों चौकियों के अलावा उडऩदस्ते का अमला भी शायद ठेके पर उठ चुका है। जिस जिले में तीनों चौकियां मौजूद हैं, वहां से प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री तक बैठे हैं, मध्यप्रदेश में इन सड़क मार्गाे से प्रवेश करते ही होने वाली खुल्लम-खुल्ला वसूली शिवराज सरकार पर भी हर दिन सवाल खड़ा कर रही है। जिस प्रभारी को यहां नियुक्त किया गया है, शायद उसने चौकियों सहित उडऩ दस्ते को लोकेन्द्र व राजू को ठेके पर दे रखा है, तीनों चौकियों में प्राइवेट व्यक्ति अधिकारी बन खुलेआम वसूली कर रहे हैं, बीते कुछ माहों से टूरिस्ट परमिट पर छग से मध्यप्रदेश होकर यूपी जाने वाली बसों के अवैध संचालन से इन चौकियों पर बहार आ गई है।

अकेले कोल परिवहन से 25 पार
मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश कोल कारोबारी अपने व्यापारिक मुनाफे के लिए कोयले का परिवहन करते हैं, जाहिर है, कारोबार में बारीक कमियां और भारी मुनाफा भी होता है, जिनकी नब्ज अर्से से तथाकथित जोड़ी ने पकड़ रखी है और महंगाई के साथ अब यहां की वसूली भी बढ़ा दी गई है, इधर अनूपपुर में नये शराब कारोबारी की लगभग शराब भी इन्हीं चौकियों से होती हुई छत्तीसगढ़ पहुंचने की खबर है। पहले आधा दर्जन कारोबारी होते थे, लेकिन अब एक ठेकेदार ने पूरा जिम्मा ले लिया और मिली छूट से वसूली का ग्राफ भी बढ़ गया।

लोकेन्द्र के निर्देशन में चौकियां
राजनगर स्थित परिवहन चौकी पर लोकेन्द्र नामक भाड़े के कर्मचारी के कर्मचारी के निर्देशन में खूंटाटोला और कबीर चबूतरा की चौकियां संचालित होती हैं, खूंटाटोला में परिवहन विभाग की महिला अधिकारी अधिकारी को नियुक्त किया गया है, लोकेन्द्र के इशारे पर तीनों परिवहन चौकियों पर दर्जन भर भाड़े के कर्मचारी परिवहन विभाग मध्यप्रदेश सरकार का कर्मचारी न सिर्फ बताते हैं, बल्कि वाहन चालकों और मालिको से खुलकर धोखाधड़ी करते हुए वसूली भी कर रहे हैं।
खुद को बताते हैं अधिकारी
परिवहन विभाग द्वारा जिस अधिकारी को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बनी चौकी की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है, तथाकथित अधिकारी द्वारा इन चौकियों को ऑफ रिकार्ड लोकेन्द्र नामक व्यक्ति को ठेके पर दे दिया गया है। जिसके बाद तथाकथित लोकेन्द्र और पूर्व के कुछ जिम्मेदारों द्वारा तीनों चौकियों पर अलग-अलग व्यक्तियों को वसूली व निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जो अनाधिकृत तौर पर इन चौकियों में बैठकर खुद को न सिर्फ अधिकारी बता रहे हैं, बल्कि बसों के साथ ही यहां से गुजरने वाले लगभग मालवाहकों से खुलकर वसूली भी कर रहे हैं। प्रभारी अधिकारी महिला अधिकारी पूरी तरह मौन स्थिति में है और लोकेन्द्र उनकी जगह ठेकेदार बन अपने निर्देशन में तैनात गुर्गों से खुलेआम वसूली करवा रहा है।
बिना कर चोरी सामग्री परिवहन
छत्तीसगढ से मध्यप्रदेश की ओर आने वाली लगभग बसो की छते प्रदेश व्यवसायिक प्रतिष्ठानो की सामग्रियों से पटे रहते है, यही नही बस के अंदर की सीटो पर भी भारी मात्रा में कपडे की गांठे, टायर सहित अन्य सामाग्रियां रोजाना बिना कर चुकाये चोरी से लाई जा रही है। ऐसा नही है कि दोनो ही चौकियों के प्रभारियों की इसकी जानकारी नही है, सब जानते हुए भी इन बसों को खुली छूट देना खुद इनकी निष्पक्ष कार्यशैली पर सवाल खडे करती है, दूसरी तरफ खबर यह भी है कि छत्तीसगढ़ से उत्तरप्रदेश की तरफ जाने वाली आधा दर्जन से अधिक बसों में टूरिस्ट परमिट के नाम पर सवारियां ढोई जा रही है, लेकिन शायद ही कभी प्रभारी ने बसों की जांच की हो।
तीसरी का आंख का दिखावा
राजनगर, खूंटाटोला और कबीर चबूतरा पर भ्रष्टाचार रोकने व ‘जीरो टालरेंसÓ लागू करने के लिए संभवत: पूर्व की सरकार के समय ही यहां सीसीटीवी कैमरे आदि लगाये गये हंै, लेकिन खूटाटोला में चौकी पर पहुंचने से पहले ही लोकेन्द्र के गुर्गे वाहनों को दूसरे रास्ते से निकलने की खुद ही सलाह देते है, जिससे कैमरे की जद से बचा जा सके। हालांकि कैमरा व कांटे के साथ भ्रष्टाचार को रोकने की तमाम प्रशासनिक व्यवस्था यहां सिर्फ दिखावा ही रह गई है। चालान व जांच के नाम पर खुले आम चौकी पर बैठे लोकेन्द्र के गुर्गे वाहन चालकों से खिडकी से ही इंन्ट्री लेते है और खुलेआम दोनों के बीच इंट्री की राशि को लेकर मोलभाव होता है।

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